इस बार दो मार्च से लगेगा होलाष्टक


इस बार शुभ योग में भद्रा रहित होलिका दहन नौ मार्च को होगा। 10 मार्च को रंगभरी होली उत्सव मनाया जाएगा। होलिका दहन सोमवार को होने से पर्व की शुभता और बढ़ जाएगी।

पंडित प्रवीण भारद्वाज के अनुसार पूर्णिमा तिथि का मान 9 मार्च, सोमवार को रात 11 बजकर 26 मिनट तक है। इस दिन पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र और धृति योग भी रहेगा। रात में ध्वज नामक महाऔदायिक योग है। पूर्णिमा को भ्रदा का योग दोपहर 12 बजकर 32 मिनट बजे तक रहेगा। होलिका दहन का शुभ मुहूर्त 9 मार्च को शाम 6 बजे से रात 8 बजकर 30 मिनट तक है। विशेष शुभ मुहूर्त शाम 5:55 बजे 6:35 बजे तक है। इस दिन पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र उग्रता में वृद्धि करेगा। वैसे दो मार्च से होलाष्टक प्रारंभ हो जाएंगे और 9 मार्च को शाम
तक रहेंगे।

होलाष्टक फाल्गुन शुक्ल पक्ष की अष्टमी से फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तक की अवधि को होलाष्टक कहा जाता है। माना जाता है कि होलाष्टक में कोई भी शुभ कार्य शुरू नहीं किया जाता। शादी-विवाह आदि मांगलिक कार्य दो मार्च से पहले ही संपन्न हो जाएंगे। मान्यता है कि होलाष्टक में शुभ कार्य करने से अग्नि ताप का कष्ट मिलता है।



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