धनंजय पहुंचा अपने घर अाजमगढ़, परिवार काे पहचाना

कैंट की पुरानी अनाज मंडी में मंदिर के बाहर दाे साल से भीख मांग रहे आजमगढ़ के करोड़पति धनंजय को जब बहन शनिवार को अपने घर लखनऊ लेकर पहुंची तो उसने अपने रिश्तेदारों को पहचान लिया। भावुक मां काफी देर तक उसके गले लगकर रोती रही।

भास्कर से बातचीत में उसकी बहन नेहा सिंह ने बताया कि धनंजय ने लोगों को पहचाना, लेकिन वह अपनी बीती जिंदगी के बारे में ज्यादा नहीं बता पाया। कुछ देर तक मोबाइल में परिवार की पुरानी फाेटाे देखता रहा। े मां से चाय भी मांगी। सभी घरवालाें से थाेड़ी-थाेड़ी बात की। घर की रोटी खाई। इसके थोड़ी देर बाद उसकी तबीयत खराब होनी शुरू हो गई। उसका चेकअप कराया तो डॉक्टर ने उसे अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी। उसकी एक टांग बुरी तरह खराब हो चुकी है। अभी वह डाॅक्टराें की निगरानी में अस्पताल में है।

बता दें कि गुरुवार को जटाधारी युवक के पैर से खून बह रहा था तो उसे गीता गोपाल संस्था के सदस्य साहिल ने पट्टी करने के लिए बुलाया था। साहिल ने उसके बारे पूछा तो उसने एक नंबर दिया। जो उसके चचेरे भाई का निकला। सूचना पाकर धनंजय की बहन नेहा सिंह कैंट आई और उसे लेकर चली गई।

मानसिक स्थिति िबगड़ने पर दो साल से अम्बाला में रहकर भीख मांग रहा था कराेड़पति युवक

भास्कर फालोअप

11 जनवरी को छपी खबर।



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Ambala News - haryana news dhananjay reached his home in ajamgarh recognized family
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