100 रेडक्राॅस वाॅलंटियर्स राेजाना 2 हजार लोगों के बन रहे अन्नदाता

सरकार अाैर सामाजिक संस्थाएं कंधे से कंधा मिलाकर जरूरतमंद लाेगाें तक अपनी सेवाएं पहुंचा रही हैं। कुछ एेसे भी लाेग हैं, जाे लॉकडाउन में अपनी ड्यूटी भी जा रहे हैं अाैर कई एेसे भी हैं जाे लॉकडाउन हाेने से घर फ्री बैठे थे। अब रेडक्राॅस साेसाइटी के साथ जुड़कर वालंटियर के ताैर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
इन लाेगाें में टीचर, चीफ ट्रेन क्लर्क, कारीगर, अाॅटाे चालक अाैर स्टूडेंट समेत अन्य कर्मचारी शामिल हैं। कैंट अाैर सिटी में रेडक्राॅस साेसाइटी सचिव विजयलक्ष्मी के नेतृत्व अाैर जिला प्राेग्राम अाॅफिसर मनाेज सैनी की देखरेख में करीब 100 वांलटियर राेजाना 2 हजार लाेगाें तक घर-घर खाना पहुंचा रहे हैं। एेसे ही कई वालंटियर से बातचीत की गई।

सर्राफ की दुकान पर कार्य करते हैं ज्ञानचंद सहगल
हरि पैलेस के ज्ञानचंद सहगल ने बताया कि वह सर्राफ की दुकान पर कार्य करते हैं। लॉकडाउन हाेने से घर पर फ्री थे। टीवी में न्यूज देखकर उनके मन में समाजसेवा करने का ख्याल अाया। वह जिला प्राेग्राम अाॅफिसर मनाेज सैनी के संपर्क में अाकर रेडक्राॅस से जुड़े।

रेलवे में चीफ ट्रेन क्लर्क दिन में सेवा रात काे ड्यूटी
अम्बाला में ही रेलवे में चीफ ट्रेन क्लर्क सुशील पुरी ने बताया कि वह राेजाना दिन में रेडक्राॅस वालंटियर के ताैर पर सेवाएं दे रहे हैं। रात 12 बजे से सुबह 8 बजे तक ड्यूटी पर जाते हैं। वह सेवादल से भी जुड़े हैं। उनकी दाे गाड़ियां रेडक्राॅस के साथ राेजाना खाने बांटने के लिए जा रही हैं।

दाे बेटों के साथ पिता अशोक खाना बांटने में जुटे
जंडली के अशाेक कुमार ने बताया उनके बेटे कमल सागर व करुनेश पढ़ाई कर रहे हैं। वह रेडक्राॅस में इंस्ट्रक्टर हैं। बेटे लॉकडाउन में घर पर फ्री थे तो दाेनाें ने जरूरतमंदों को खाना पहुंचाने के लिए रेडक्राॅस से संपर्क किया।

इनकी जिम्मेदारी बड़ी पहले अाते हैं, लेट जाते हैं
रेडक्राॅस साेसाइटी के जिला प्राेग्राम अाॅफिसर मनाेज सैनी की देखरेख में 100 वालंटियर कार्य कर रहे हैं। मनाेज बताते हैं कि लॉकडाउन शुरू हाेने से कुछ दिन बाद 1200 लाेगाें का खाना जाता था। अब लिस्ट 2 हजार तक पहुंच गई है। खाना राधा स्वामी सत्संग एनजीअाे पहुंचा रही है।

अाॅटाे चलाते हैं, काेई भूखा न साेए सेवा में लगे सुनील
टीचर अनुपम शर्मा के पति सुनील शर्मा ने बताया वह अाॅटाे चलाते हैं। पत्नी समाजसेवी हैं। उनकी साेच है कि काेई भी भूखा न साेए, इसलिए लाॅकडाउन के बाद से रेडक्राॅस के सहयाेग से सेवा कर पा रहे हैं।

12वीं में पढ़ रहे काजिम फ्री टाइम में कर रहे सेवा
सिटी बलदेव नगर सरकारी स्कूल में 12वीं कक्षा में पढ़ रहे काजिम खान दाेस्ताें के साथ सेवा कर रहे हैं। उनके पिता भी साेशल वर्कर हैं। पिता ने उन्हें बताया कि रेडक्राॅस में वालंटियर की जरूरत है। इसके बाद काजिम ने दाेस्ताें के साथ मिलकर रेडक्राॅस में संपर्क किया और सेवा में जुट गए।

सर्वे से लेकर खाना बांटने में जुटीं स्टूडेंट सुनैना गुव्ता
सुनैना गुप्ता कैंट में अकेली महिला वालंटियर हैं। जाे सर्वे करने से लेकर खाना बांटने की ड्यूटी कर रही हैं। सुबह 11:30 बजे अा जाती हैं अाैर शाम 7 बजे घर पहुंचती हैं। वह ग्रैजुएट हैं और अार्मी जॉइन करना चाहती हैं।

बच्चों काे पढ़ाने के साथ सेवा भी कर रहीं अनुपम
पीकेअार जैन गर्ल्स स्कूल में हिंदी टीचर अनुपम शर्मा अपने पति सुनील शर्मा के साथ खाना पहुंचाने के लिए सेवा कर रही हैं। वह सुबह 10 से दाेपहर 1 बजे तक खाना बांटती हैं। दाेपहर बाद स्कूली बच्चाें काे अाॅनलाइन पढ़ाती हैं। उनका कहना है लाेगाें की सेवा ही सबसे बड़ा कार्य है।



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100 Red Cross Volunteers, Razana, 2 thousand people


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