(संजीव राणा)कुरुक्षेत्र में नौ ऐतिहासिक गुरुद्वारे हैं जहां रोजाना हजारों लोगों के लिए लंगर सेवा परंपरा बरसों से चल रही है। शहर के प्रमुख व ऐतिहासिक गुरुद्वारा छठी पातशाही में बाहर से आने वाले पर्यटक भी लंगर छकते थे लेकिन लॉकडाउन के चलते अब लंगर हॉल बेशक सूने हैं पर लंगर सेवा की लड़ी कभी नहीं रुकी। अब लॉकडाउन में गुरुघरों ने सेवा का जिम्मा पहले से ज्यादा संभाला हुआ है। पहले जहां लंगर हॉल में लोगों को भोजन कराते थे। अब घर घर पहुंच जरूरतमंदों की भूख मिटाने में सेवक जुटे हैं।
छठी पातशाही में ही सांझी रसोई भी चल रही है। विधायक सुभाष सुधा के प्रयासों से शहर की कई संस्थाएं एकजुट होकर जरूरतमंदों के लिए आगे आई। रेडक्राॅस की देखरेख में खाने का वितरण होता है। इनमें रोटरी, फीनिक्स क्लब, सर्वसमाज कल्याण समिति व लायंस समेत कई संस्थाएं हैं। गुरुद्वारे में रोटियां बनाने के लिए मशीन है जिस पर करीब 12 हजार रोटियां रोज बनाई जा रही हैं। इसके अलावा जयराम विद्यापीठ में रोज 10 हजार और गुरुकुल में करीब 12 हजार रोटियां तैयार कराई जाती हैं। दाल व सब्जी गुरुद्वारे में तैयार होती है। यहां से पैकिंग की जाती है।
शहर की संस्थाओं व दानी सज्जनों की मदद से लंगर सेवा शुरू हुई है। सनातन विद्या पीठ और अन्नपूर्णा रसोई, जगदम्बा सेवा समिति, यूथ ब्लड डोनर, स्थाणु सेवा मंडल, श्री गुरुनानक नाम सेवक जत्था, आर्य समाज महर्षि सेवा सदन, गीता ज्ञान संस्थान, समस्त श्याम प्रेमी परिवार, अग्रवाल सम्मेलन, संत निरंकारी मंडल, हर-हर महादेव सेवा मंडल, युवा सेवा समिति, मुल्तानी सभा, बैकुंठ धाम गुरुद्वारा साहिब, द स्केलिइस्टियल, जेसीआई कुरुक्षेत्र, श्री अमरनाथ मणि महेश मंडल, रोटरी क्लब, श्री वैश्य अग्रवाल पंचायत, श्री खाटू श्याम चेरिटेबल सोसाइटी, सम्राट ग्रुप, बर्फानी सेवा मंडल, अग्रवाल टेंट हाउस, पंचायत पिपली, जन सहयोग फांउडेशन, यूथ क्लब, जगदम्बा सेवा समिति, फ्रेंडस क्लब, वि विद यू फांउडेशन, अखिल भारतीय पूर्वांचल समाज सभा, शिव क्लब, विश्वकर्मा वेलफेयर, विश्व हिन्दू परिषद, श्री स्थाणेश्वर महादेव मंदिर आदि संस्थाएं घर-घर भोजन पहुंचा रही हैं।
गुरुघर लंगर में बनता है 4 हजार लोगों के लिए खाना
गुरुद्वारा छठी पातशाही का संचालन एसजीपीसी कर रही है। इसके अधीन शहर के कुछ और गुरुद्वारे भी हैं। एसजीपीसी के अधीन गुरुद्वारों की लंगर सेवा गुरुद्वारा छठी पातशाही में ही होती है जहां शहर की संस्थाओं की सांझी रसोई भी इन दिनों छठी पातशाही में चल रही है। गुरुद्वारा छठी पातशाही के मैनेजर अमरिंद्र सिंह बताते हैं कि रोजाना चार हजार लोगों के लिए गुरुद्वारे में लंगर तैयार होता है। होटल पर्ल मार्क के मालिक धीरज गुलाटी, व्यवसायी ललित चुटानी, फर्नीचर शोरुम संचालक प्रदीप झांब, प्रतीक सुधा कहते हैं कि इन दिनों सभी के काम धंधे बंद हैं।
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