लॉकडाउन के चलते 400 करोड़ के अटल मिशन फॉर रेजुवेनशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (अमरुत) प्रोजेक्ट के तहत जहां अम्बाला कैंट में बंद पड़े सीवरेज, मल्टीलेवल पार्किंग, सुभाष पार्क और 12 क्रॉस रोड पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम शुरू होंगे तो वहीं 99 करोड़ रुपए के बैंक स्कवेयर का टेंडर भी शुक्रवार को ओपन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
शुक्रवार शहरी एवं स्थानीय निदेशालय चंडीगढ़ के चीफ इंजीनियर की देखरेख में बैंक स्केवयर टेंडर की टेक्निकल बिड ओपन की गई। टेंडर लेने में चंडीगढ़ की कोरे लाल कंस्ट्रक्शन, पंजाब की एएस इंटरप्राइजेज और दिल्ली की बृज गोपाल कंस्ट्रक्शन कंपनी ने रुचि दिखाई है। मंगलवार तक फाइनेंशियल बिड ओपन होगी, जिसके बाद किसी भी एक कंपनी को टेंडर अलॉट कर दिया जाएगा।
लॉकडाउन की वजह से अमरुत प्रोजेक्ट बंद पड़ा था, मगर अब प्रोजेक्ट के तहत सभी वर्क शुरू हो जाएंगे। निर्माण एजेंसियों के साथ-साथ ठेकेदारों को सोशल डिस्टेंसिंग मेनटेन रखने के लिए निर्माण कार्य में जुटी लेबर से अलग-अलग टुकड़ियों में काम करेगी। मशीनरी को सेनिटाइज करना होगा। प्रोजेक्ट में जुटी एजेंसियों ने वर्क शुरू करने के लिए परमिशन के लिए अपना-अपना आवेदन कर दिया है। शुक्रवार को शहरी एवं स्थानीय निदेशालय चंडीगढ़ के इंजीनियरिंग इन चीफ डाॅ. पीके भास्कर नगर परिषद कार्यालय कैंट में पहुंचे। कार्यालय में म्यूनिसिपल इंजीनियरिंग ब्रांच के इंजीनियर और ईओ के साथ बातचीत की। उन्होंने अधिकारियों से प्रोजेक्ट की स्टेटस रिपोर्ट भी जानी। प्रोजेक्ट का 50 प्रतिशत वर्क पूरा हो चुका है, लेकिन लॉकडाउन के चलते काम बीते 33 दिन से बंद हो गया था।
2.93 एकड़ जमीन पर 99.95 करोड़ से 4 मंजिला बैंक स्केवयर बिल्डिंग का निर्माण होगा
कैंट के गांधी मैदान के पास प्राइम लोकेशन पर 2.93 एकड़ जमीन पर 99.95 करोड़ से 4 मंजिला बैंक स्केवयर बिल्डिंग का निर्माण किया जाना है जिससे 35 बैंकों को एक ही छत के नीचे लाया जाएगा, जबकि यह पूरी तरह से ग्रीन बिल्डिंग होगी। निर्माण कार्य का शिलान्यास 14 सितंबर 2019 को गृह मंत्री अनिल विज ने किया था और मुख्यमंत्री ने 17 सितंबर 2019 को जांच के आदेश दिए थे। इसलिए टेंडर होल्ड हो गया। इसलिए मामला हाईकोर्ट में पहुंच गया। 20 फरवरी 2020 को हाईकोर्ट ने इस मामले में यूएलबी के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी को जांच करने और 28 दिन में डिपार्टमेंट स्तर पर मामले का निपटारा करने के आदेश दिए थे। जिसके बाद चीफ इंजीनियर, ईओ, हेडक्वार्टर एक्सईएन, एक्सइएन कैंट, सिटी एमई और जेई की देखरेख में पुराना टेंडर ओपन करने के लिए कमेटी बनाई गई। इस कमेटी ने शुक्रवार को टेक्नीकल बिल ओपन की है ताकि मेरिट के आधार पर टेंडर अलॉट किया जा सके। वर्तमान में जमीन की चारदीवारी हो चुकी है और एक कंस्ट्रक्शन कंपनी प्लांट लगा चुकी है।
कैंट में 160 किलोमीटर सीवरेज डलेगा
अमरुत प्रोजेक्ट के तहत कैंट में 160 किलोमीटर सीवरेज डाला जाना है, अभी तक 33 करोड़ की लागत से 95 किलोमीटर सीवरेज डाला जा चुका है। नन्हेड़ा, ग्रीन पार्क, बब्याल, बोह में अभी सीवरेज डाला जाना बाकी है। खुड्डा खुर्द में 12 एमएलडी, मच्छौंडा में साढ़े 7 एमएलडी, बब्याल में 10, बारह क्रॉस रोड पर 12 एमएलडी को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगने हैं। 12 क्रॉस रोड पर काम शुरू हो चुका है बाकी का शुरू होना है।
मल्टीलेवल पार्किंग का वर्क
गुडगुड़िया नाले पर 17 मार्च 2018 को मल्टीलेवल पार्किंग का काम शुरू हुआ था। डेढ़ वर्ष यानि सितंबर 2019 में काम पूरा होना था। लेकिन निर्माण की गति काफी धीमी होने से काम पेंडिंग पड़ा है। यह प्रोजेक्ट लेट होने से कुछ बदलाव के चलते 19.38 करोड़ तक पहुंच गया है। करीब 6.41 करोड़ काम हो चुका है। जेआरएस ज्वाइंट वेंचर को 31 जून 2020 तक काम करने की समय दिया हुआ है।
सुभाष पार्क का काम जल्द शुरू होगा
नेता जी सुभाष चंद्र बोस पार्क का कायाकल्प नवंबर 2017 में 18 करोड़ की लागत से होना था। यह काम 18 माह में पूरा होना था। लेकिन काम समय पर पूरा नहीं हुआ है। लॉकडाउन के चलते काम बंद पड़ा था इसलिए जल्द ही काम शुरू हो जाएगा।
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