डीसी रवि प्रकाश गुप्ता ने बताया कि पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत पशुपालक द्वारा 1.60 लाख रुपये तक की राशि बिना कुछ गिरवी रखे किसी भी बैंक से ली जा सकती है। इस कार्ड पर सालाना 7 प्रतिशत की साधारण ब्याज दर पर बैंक द्वारा ऋण दिया जाएगा व समय पर भुगतान करने पर भारत सरकार की ओर से 3 प्रतिशत ब्याज दर का अनुदान (अधिकतम ऋण सीमा 3 लाख रुपये) ऋण पर दिया जाएगा। इस प्रकार पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना (पीकेसीसी) धारक द्वारा 3 लाख रुपये तक ऋण 4 प्रतिशत सालाना साधारण ब्याज दर पर लिया जा सकता है तथा 1 लाख 60 हजार रुपये तक किसी प्रकार की कोलेटरल सिक्योरिटी की आवश्यकता नहीं है।
जानिए... ये चाहिए जरूरी दस्तावेज
पीकेसीसी के लिए बैंक प्रारूप अनुसार आवेदन फार्म, हाईपोथिकोन करार, केवाईसी पहचान हेतू दस्तावेज (वोटर कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, मोबाइल नंबर, पासपोर्ट साइज फोटो आदि) अन्य दस्तावेज बैंक अनुसार सभी दस्तावेज जरूरी हैं। आवेदक हरियाणा राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए।
जानिए... यहां करें आवेदन
हरियाणा राज्य के जो इच्छुक लाभार्थी इस योजना के अंतर्गत पशु क्रेडिट कार्ड बनवाना चाहते हैं, उन्हें सबसे पहले नजदीकी बैंक में जाकर आवेदन करना होगा। बैंक से आवेदन फार्म लेकर उसमें पूछी गई सभी जानकारियों को भरना होगा। आवेदन फार्म के सत्यापन के बाद एक महीने के अंदर पशु किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध करा दिया जाएगा।
जानिए..प्रयोगशाला में होता है सैंपल व कोडिंग का कार्य
रोग निदान के लिए जिला मुख्यालय पर एक प्रयोगशाला स्थापित की गई है, जहां पर समय-समय पर निगरानी का कार्य किया जाता है। विभिन्न गांवों के अश्वों, मुर्गियों व गाय-भैंस आदि का सैंपल एकत्रित व कोडिंग करके विभिन्न बीमारियों की जांच उच्च स्तर की प्रयोगशालाओं में भेजकर करवाई जाती है, जैसे की गाय-भैंस में मुंहखुर, अश्वों में गलैंडर्स, मुर्गियों में बर्ड फ्लू इत्यादि। इसके अलावा जिला स्तरीय प्रयोगशाला में ब्रुसलोसिस बीमारी की जांच की जाती है। गाय-भैंसों में थनेला रोग, चिचड़ी बुखार व सर्रा इत्यादि रोगों की जांच की जाती है।
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