2 वर्ष पूर्व दुर्घटना में गवाएं दोनों पैर, अब बीपीएल कार्ड व ट्राई साइकिल के लिए काट रहे दफ्तरों के चक्कर

गांव झाड़ौदा के रहने वाले नि:शक्त महिपाल बीपीएल राशन कार्ड बनवाने और ट्राई साइकिल के साथ ही पॉलिसी के तहत दुर्घटना मुआवजा के लिए लंबे समय से सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहा है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो पाई है। अब थक हारकर महिपाल ने वकील की सहायता से उपायुक्त और रेडक्रॉस को पत्र लिखकर जल्द इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाने की मांग की है।
सड़क दुर्घटना में हुए थे दोनों पैर खराब
महिपाल ने डीसी को लिखे पत्र में बताया कि वर्ष 2018 में सड़क दुर्घटना में दोनों पैर खराब हो गए थे। तभी से वह और उसका परिवार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहा है। वर्ष 2019 में बीपीएल कार्ड बनवाने की मांग की थी, लेकिन वह भी नहीं बन पाया है। परिवार में वह अकेला कमाने वाला था और अब वह खुद ही बोझ बन गया है। महिपाल ने बताया कि पिछले 2 वर्षों से ट्राई साइकिल और उनके द्वारा कराई गई पॉलिसी के भी पैसे नहीं मिले हैं।

उन्होंने बताया कि अपनी पत्नी का भवन निर्माण मजदूर रजिस्ट्रेशन कार्यालय में रजिस्ट्रेशन कराया था, लेकिन जब अपनी पुत्री का विवाह किया और उसके कन्यादान राशि के लिए भवन निर्माण कार्यालय में आवेदन किया तो वह सहायता भी नहीं मिली। कई चक्कर लगाने के बाद भी भवन निर्माण मजदूर कार्यालय की तरफ से कन्यादान राशि नहीं मिली तो एडवोकेट कैलाशचंद से मिले। उसके बाद सरकार को पत्र लिखा गया। तब कन्यादान की राशि मिली। अब एडवोकेट कैलाशचंद ने पीड़ित को ट्राई साइकिल, बीपीएल राशन कार्ड व पॉलिसी क्लेम की राशि दिलवाने के लिए डीसी के साथ ही अतिरिक्त उपायुक्त को पत्र लिखा है।



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