फीस देने के बहाने वकील का पेटीएम पासवर्ड पूछ खाते से निकाले ‌Rs.17 हजार

20 साल से अम्बाला कोर्ट में वकालत कर रहे सेक्टर-1 निवासी एडवोकेट प्रदीप बत्रा इंटरनेट ठगी का शिकार हो गए। उनके जस्ट डायल पर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर 20 अक्टूबर को कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को हिसार का मनजीत सिंह बताया। उसने अम्बाला में मैरिज रजिस्टर्ड कराने की औपचारिकताएं पूछी और बत्रा से 15 हजार में केस फाइनल कर लिया। मनजीत ने पहले 5 हजार भुगतान के लिए पे-टीएम पर आया वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) पूछा तो एडवोकेट ने बताने से मना कर दिया। एडवोकेट के जिस मोबाइल नंबर पर पे-टीएम रजिस्टर्ड है, वो घर पर रहता है। आरोपी ने उसी नंबर पर फोन करके बत्रा के नौकर को यह कहकर ओटी पी पूछ लिया कि मालिक से बात हो गई है। ओटी पी पूछने के बाद ही आरोपी ने खाते की हैकिंग की।

बत्रा को अपने साथ हुई ठगी का पता तब चला जब वो कुछ दिन बाद दिवाली शॉपिंग के लिए गए। तब खुलासा हुआ उनके खाते से 17105 रुपए निकले हैं। 20 अक्टूबर को पहले 17 हजार रुपए विड्रॉ हुए। उसके बाद उसी दिन करीब 11 बजे 100 रुपए इंडिया पेपर प्राइवेट लि. के नाम से विड्रॉ हुए। फिर 25 अक्टूबर को 5 रुपए विड्रॉ हुए। एडवोकेट बत्रा ने जब पे-टीएम से इस संबंध में संपर्क किया तो जवाब मिला कि आपने इंडिया पेपर प्राइवेट लि. से कुछ ऑनलाइन खरीदा होगा। 5 नवंबर को एडवोकेट बत्रा ने मनजीत सिंह के उसी नंबर पर संपर्क किया तो वह मान गया कि उसने इंटरनेट फ्रॉड से यह रकम निकाली है। साथ ही यह भी कहा कि क्योंकि उसे बत्रा भले इंसान लग रहे हैं, इसलिए वो यह रकम वापस खाते में डाल देगा।

6 नवंबर को सुबह साढ़े 10 बजे उसी नंबर से एडवोकेट बत्रा को कॉल आई और कहा कि पैसे लौटाने है, इसलिए पे-टीएम पर आया ओटी पी बता दें। पे-टीएम खाते में 1 रुपए ही बैलेंस बचा था, पैसे वापस आने की उम्मीद में बत्रा ने ओटी पी बता दिया। रकम वापस न आने पर एडवोकेट बत्रा ने मनजीत सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी के केस दर्ज करवा दिया है।



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