वेस्ट बंगाल के प्रदेश में फंसे 10 हजार से ज्यादा लाेग

लाॅकडाउन में वेस्ट बंगाल के 10 हजार से ज्यादा लाेग फंसे हुए हैं। वेस्ट बंगाल की सरकार ने अब हरियाणा सरकार काे इन लाेगाें के एड्रेस अाैर माेबाइल नंबर भेजे हैं। प्रदेश सरकार काे वेस्ट बंगाल सरकार की तरफ से लिखा गया है कि इन लाेगाें काे खाने, रहने व ट्रांसपाेर्टेशन की दिक्कत है। एेसे में इनकी मदद कराई जाए। इस मामले के बाद राज्य नाेडल अधिकारी ने प्रदेश के सभी जिला अधीक्षकाें काे मेल जारी कर इन लाेगाें की सूची भेजी है। जिसमें इनके माेबाइल नंबर व पते हैं। प्रदेश सरकार ने इन लाेगाें की मदद के लिए संबंधित एरिया की परिषदाें, पालिकाअाें व नगर निगमाें काे इनकी व्यवस्था कराए जाने के बारे लिखा है। हरियाणा के अलग-अलग सभी जिलाें में काम धंधे के चलते अाए इन लाेगाें ने वेस्ट बंगाल सरकार से हेल्पलाइन नंबर पर काॅल की थी। उन्हाेंने अपने प्रदेश की सरकार की हेल्पलाइन नंबर पर काॅल कर बताया था कि उन्हें खाने-पीने काे लेकर समस्या है। कई लाेगाें के पास पैसे भी समाप्त हाे गए हैं। हालांकि प्रशासन की तरफ से इन लाेगाें तक सूचना के बाद मदद पहुंचाने का काम शुरू हाे गया है।
पश्चिमी बंगाल की सरकार ने प्रदेश के लगभग सभी जिलाें की उन स्थानाें की सूची भेजी है जहां मूलत: वेस्ट बंगाल के ये निवासी ठहरे हुए हैं। प्रदेश के 675 जगह की लाेकेशन भेजी है। इन स्थानाें पर करीब 10 हजार से ज्यादा लाेग रह रहे हैं। अधिकतर लाेगाें काे राशन व रहने की दिक्कत बताई गई है। इसके अलावा किसी काे ट्रांसपाेर्टेशन की दिक्कत बताई है। इन सूची में अलग-अलग केटेगरी वाइज सूचना प्रदेश सरकार काे भेजी है।

दूसरे राज्यों में फंसे छात्रों और लोगों को वापस लाने में सभी राज्य बनाएं रणनीति: दुष्यंत चौटाला

डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि हरियाणा सरकार संक्रमित क्षेत्रों को छोड़कर बाकी प्रदेश में हालात सामान्य करने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि देश व प्रदेश के लिए आगामी 10 दिन चुनौती भरे हैं इसलिए प्रत्येक हिंदुस्तानी को लॉकडाउन की पालना करने के साथ जागरूक होकर कोरोना महामारी से जीतने के लिए सरकार का पूरा सहयोग करना होगा। उउन्होंने कहा कि पिछले एक माह से अपने घर से बाहर अन्य राज्यों में रह रहे छात्र समेत अन्य लोग घर आना चाहते है लेकिन कोरोना महामारी के चलते लगे लॉकडाउन के कारण परिवहन सुविधा बहाल करना देश के लिए चुनौती है। प्रदेश सरकार ने राजस्थान सरकार के सहयोग से कोटा में बैठे 800 से ज्यादा छात्रों को घर लाने की दिशा में कदम उठाया और इसके लिए वहां हरियाणा रोडवेज की बसें भेजी गई। ऐसे ही हैदराबाद, चैन्नई, बेंगलुरु जैसे कई अन्य जगहों पर भी लोग अपने घर से दूर बैठे हैं। सभी राज्य सरकारों को मिलकर इस पर प्लानिंग बनानी चाहिए ताकि जो लोग अपने घर आना चाहते है वे घर पहुंच सके।



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More than 10 thousand people stranded in the state of West Bengal


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