(मनोज कुमार)किसी भी आपातकाल में हमेशा से ही लोगों की सेवा करने में आगे रहने वाले हरियाणा के लोग कोरोना महामारी में भी पीछे नहीं है। कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए लॉकडाउन में करीब पौने तीन करोड़ लोगों को घर तक हर सेवा मुहैया कराने के लिए 78,795 लोगों ने अपना कोविड-19 संघर्ष सेनानी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया है। जिसकी न केवल देशभर में बल्कि विदेशों में भी चर्चाएं शुरू हो गई है। केंद्र सरकार ने हरियाणा की इस पहल की प्रशंसा की और दूसरे राज्यों को भी यह प्रोजेक्ट अपनाने की सलाह दी है। जिसके बाद हिमाचल प्रदेश यह प्रोजेक्ट ले चुका है।
जबकि पंजाब और महाराष्ट्र आदि प्रदेशों से बातचीत चल रही है। प्रोजेक्ट बनाने वाले हरियाणा के आईटी डिपार्टमेंट ने सभी प्रदेशों को भी इस प्रोजेक्ट की डिटेल भेज दी है। बड़ी बात यह है कि ऑस्ट्रेलिया ने भी हरियाणा से यह प्रोजेक्ट मांगा है। बताया गया है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पास कुछ संगठनों और लोगों ने इस महामारी में सरकार की स्वयं सेवक के रूप में सहयोग करने की पेशकश की तो उन्होंने आईटी डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेट्री अंकुर गुप्ता से कहा कि इसके लिए ऐसा प्रोजेक्ट या पोर्टल बनाया जाए, जिस पर लोग सीधे रजिस्ट्रेशन करा सके।
निर्देश मिलने के बाद हरियाणा के ई-गर्वेनेंस स्कीम के स्टेट हेड मुनीष चंदन अपनी टीम के साथ जुटे और यह पोर्टल बना दिया। हरियाणा का आईटी सेल पहले से ही एडवांस है, इसलिए यह पोर्टल बनाने में ज्यादा दिक्कत नहीं आई। रजिस्ट्रेशन कराने वालों में डॉक्टर और नर्स से लेकर पैरामेडिक्स, घर तक सामान पहुंचाने वाले, लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग के प्रति जागरुक करने या उसका पालन कराने, जिला प्रशासन की मदद कराने और किसी भी प्रकार का तनाव दूर कराने वाले शामिल है।
सुविधा के अनुसार सौंपा जाता है काम, ज्यादातर जुडे़ हैं युवा
- ऐसे करते हैं काम
- पोर्टल पर जिला वाइज कोविड-19 संघर्ष सेनानियों की पूरी जानकारी है। उनके संपर्क नंबर भी है। जिलों में डीसी, उन्हें सुविधा के अनुसार काम सौंप रहे हैं। बताया जाता है कि उन्हें कब, कौनसी सेवा देनी है। जिसके बाद ये सेनानी वहां पहुंच जाते हैं। इस प्रोजेक्ट में लोगों को एकजुट करने की जिम्मेदारी एडिशनल पीएसटूसीएम वी उमाशंकर के कंधों पर है। वे इन सेनानियों और जिला प्रशासन के साथ कॉर्डिनेट कर रहे हैं।
- यह भी जानें
- जो कोविड-19 संघर्ष सेनानी बने हैं, इनमें ज्यादातर युवा हैं। इस पोर्टल के जरिए सरकार के पास एक बड़ी युवा शक्ति का डाटा एकत्र हो गया है। ऐसे में सरकार इन युवाओं का आवश्यकता अनुसार भविष्य में भी उनकी सेवाएं लेगी।
- खुद सीएम की है सोच
- यह पोर्टल मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सोच है। पोर्टल पर 78 हजार से ज्यादा लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। जोकि इस महामारी के संकट में प्रदेशवासियों की सेवा में जुटे हुए हैं। आईटी डिपार्टमेंट की ओर से बनाए गए इस प्रोजेक्ट को दूसरे राज्य भी ले रहें हैं। -योगेंद्र चौधरी, एडिशनल पीएसटूसीएम, हरियाणा
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