रविवार को सुबह तेज आंधी से टूटे बिजली के 166 खंभे पूरे दिन बिजली रही बाधित

रविवार को सुबह की शुरुआत ही तेज आंधी से हुई। इससे ढिगावा पावर हाउस से चलने वाली 11 हजार केवी की 31 लाइनें ब्रेकडाउन रही। ढिगावा पावर हाउस से कुल 55 लाइनें चलती है। तेज आंधी ने ढिगावा बिजली निगम के 166 बिजली के खंभे तोड़ दिए, जिसके चलते रविवार को बिजली पूरे दिन बाधित रही। बिजली निगम के योद्धा कर्मचारियों ने द्वारका फीडर के 5 पोल लगाकर आज 4 बजे तक लाइन चालू की।
ढिगावा बिजली निगम के एसडीओ नारायण प्रकाश ने बताया कि रविवार को सुबह तेज आंधी आने से कई पेड़ टूटकर वहां से गुजर रही लाइनों पर गिर गए। पेड़ों के लाइनों पर गिरने से कुल 166 पोल टूटे हैं। निगम के कर्मचारी सुबह से ही कड़ी मेहनत कर रहे हैं कुछ लाइनें चला दी गई हैं और जहां ज्यादा पोल टूटे हैं उन लाइनों को कल शाम तक दुरुस्त कर दिया जाएगा। जहां से ज्यादा पॉल टूटे हैं उनके आगे पीछे से जो लाइन चलनी संभव होंगी उनको तुरंत प्रभाव से चला दिया जाएगा।
उधर, बहल में रविवार की अल सुबह आए अंधड़ से टूटे पेड़-पौधों ने सड़क मार्गों अवरूद्ध कर दिया और बीच रास्ते पर वाहनों की लाइनें लग गईं। वहीं अंधड़ ने लोगों की दिनचर्या को बिगाड़कर रख दिया। तेज अंधड़ में सैकड़ों पेड़ व बिजली के खंबे टूट गए। पेड़ों के उखड़ने से कच्चे व पक्के रास्ते तथा सड़क मार्ग एकाएक बाधित हो गए, वहीं बिजली के पोल टूट गिरने से बहल सब डिविजन अंतर्गत के करीब 41 बिजली के फीडर प्रभावित हुए। बहल सब अर्बन फीडर को छोड़कर शेष बिजली फीडरों की मोबाइल चेकिंग चल रही थी ताकि प्रभावित फीडरों पर वैकल्पिक आपूर्ति शुरू की जा सके। रविवार का करीब 6 बजे आए अंधड़ न केवल जनजीवन को अस्त-व्यस्त करके रख दिया, बल्कि वन संपदा को बड़े स्तर पर क्षति पहुंचाई। बहल-राजगढ़ सड़क मार्ग, बहल-तोशाम व बहल भिवानी मार्ग सहित रास्तों को भी अंधड़ में उखड़े पेड़ों ने आवागमन को रोक दिया। लॉकडाउन के चलते वाहनों का आवागमन बहुत कम था। बावजूद इसके वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगाकर रख दिया।

अंधड़ ने मचाई तबाही, 33 केवी बिजली लाइन रही डेड, खेतों और गांवों की बिजली रही बंद

लोहारू एरिया में रविवार सुबह छह बजे तेज अंधड़ ने तबाही मचाई। इससे बिजली के अनेक जगहों पर तार टूट गए तथा 33 केवी बिजलीघर की बिजली भी फेल हो गई। करीबन 12 घंटे तक सभी फीडर डैड रहे हैं तथा 10 घंटे बाद 33 केवी की सप्लाई को बहाल किया गया है परन्तु अधिकतर फीडर समाचार लिखे जाने तक डैड ही रहे। रविवार सुबह काली घटाओं के साथ तेज अंधड़ के उपरांत तूफान ने पेड़ पौधों ओर बिजली के तारों को झकझोर दिया। इससे सड़कों पर अनेक जगहों पेड़ टूटकर मार्ग बाधित हो गए वहीं बिजली के तार टूटकर खेतों में गिर गए। बिजली के बरालू के 33 केवी बिजलीघर से निकलने वाले सभी फीडर डैड हो गए। बरालू बिजलीघर से मिली जानकारी के अनुसार 33 केवी की बिजली सप्लाई लाईनों में खराबी के चलते डैड हो गई। शाम को करीबन 10 घंटे के उपरांत मेन सप्लाई तो चालू की गई है परन्तु खेतों के फीडर बहाल नहीं हो पाए हैं। बिजली निगम के कर्मचारियों की टीमें खेतों में टूटे हुए बिजली के तारों को जोड़ने में जुटी हुई हैं। झांझड़ा हसनपुर, सेहर के अनेक मार्गों पर पेड़ टूटकर गिरने से मार्ग भी अवरुद्ध हुए हैं।

आगे क्या..

माैसम में बदलाव के चलते रविवार को अलसुबह से दोपहर तक आसमान में बादलवाई छाए रहने के साथ ही तेज धूल भरी हवाएं चलीं। दोपहर डेढ़ बजे तक आसमान में काली घटाएं छाई रही और दिन में 12 बजे के आसपास फुहारें भी पड़ी। दोपहर दो बजे बाद से मौसम कुछ साफ हुआ। इसके चलते आज के अधिकतम तापमान मे कल की अपेक्षा 6 डिग्री कम रहा। मौसम विभाग के अनुसार आगामी चार तक मौसम इसी तरह परिवर्तनशील रहेगा। इस दौरान आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। इसके साथ ही हल्की बूंदाबांदी व बारिश की भी संभावना बनी हुई है। कृषि वैज्ञानिकों की मानें ताे कपास की बिजाई 15 मई तक कर सकते हैं। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के अनुसार 10 मई देर रात्रि से मौसम में बदलाव होगा। इससे 11 व 13 मई को बादलवाई व कहीं-कहीं तेज हवाओं, गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी, हल्की बारिश संभावित है। इसके साथ ही 14 मई के बाद मौसम खुश्क रहने की संभावना है।



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On Sunday morning, 166 poles of lightning broken by heavy thunderstorms disrupted throughout the day


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