सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) की बोर्ड कक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षकों को राहत मिली है। बोर्ड अधिकारियों ने स्कूल संचालकों को स्पष्ट आदेश दिए है कि कॉपियों की चैकिंग में लगे शिक्षकों को क्लास लेने, विद्यार्थियों की रिपोर्ट भेजने, होमवर्क या यूनिट टैस्ट चैक करने, लेक्चर का वीडियो बनाने से संबंधित कोई भी कार्य नहीं दिया जाए।
बता दें कि ये शिक्षक सिर्फ मूल्यांकन कार्य ही करेंगे। इसके अलावा इन शिक्षकों से कोई भी अतिरिक्त कार्य नहीं कराया जाएगा। जब तक यह कार्य पूरा नहीं होता, इसकी जगह अन्य शिक्षकों को जिम्मेदारी दी जाए। सीबीएसई के इस फैसले से उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में लगे शिक्षकों को राहत मिली है।
अब स्कूल के ही दूसरे टीचर विद्यार्थियों की ऑनलाइन क्लास लेंगे।
शिक्षकों ने बोर्ड को वेबिनार के जरिए अपनी समस्या के बारे में बताया था। उन्होंने बताया कि उन्हें रोजाना ऑनलाइन क्लास लेकर इसकी रिपोर्ट भी बनाकर भेजनी होती है। इस तरह से एक साथ सभी कार्य करना उनके लिए मुश्किल है। वह एकाग्र होकर उत्तरपुस्तिकाओं की चेकिंग नहीं कर पा रहे हैं, इससे निष्पक्ष परिणाम देने में भी दिक्कत आएगी। शिक्षकों की इस समस्या पर तुरंत संज्ञान लेते हुए बोर्ड ने राहत दी कि वह मूल्यांकन प्रक्रिया तक कोई भी अतिरिक्त काम नहीं करेंगे। बोर्ड ने निजी स्कूलों के प्राचार्यों को स्पष्ट निर्देश दिए है कि अगर किसी ने यह आदेश नहीं माने तो संबंधित स्कूल पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि यह विद्यार्थियों के भविष्य का सवाल है।
बता दें कि करीब 12 जून तक बोर्ड कक्षाओं की कॉपियों का मूल्यांकन कार्य चलना है। भिवानी के डीडब्ल्यूपीएस की प्राचार्या डाॅ. अनीता शर्मा ने बताया कि निर्देश दिए कि बोर्ड कक्षाओं के मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षकों से स्कूल प्राचार्य कोई भी अतिरिक्त कार्य न कराएं। ये शिक्षक ऑनलाइन कक्षाएं भी नहीं लेंगे।
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