(अंशुल पांडेय) जीजेयू के हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस की एसोसिएट प्रो. अंजू वर्मा और रिसर्च स्कॉलर मनप्रीत, गरिमा और किरण ने मिलकर सर्वे किया। रिसर्च टीम के इस सर्वे के आंकड़ों से यह सामने आया कि लॉकडाउन के समय शहरी कर्मचारियों की तुलना में 59% अधिक ग्रामीण कर्मचारियों ने सामाजिक कल्याण गतिविधियों में ज्यादा योगदान दिया। इसमें ग्रामीण लोग अपने आसपास के लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक करने और अपने एरिया का सेनेटेजेशन करने में ज्यादा आगे रहे। वहीं इस संकट के इस माहौल में शहरों की तुलना में 46% ग्रामीण कर्मचारियों ने अकेलापन महसूस किया।
सर्वे में ये रहे शामिल
- 20-30 आयु वर्ग 55 %
- 30-40 आयु वर्ग 32.7 %
- 40-50 आयु वर्ग 10.9 %
- 50-60 आयु वर्ग के 6. 4 %
निवास के आधार पर लिया प्रतिशत
- शहरी66.4 %
- ग्रामीण33.6 %
सर्वे में इन क्षेत्रों को किया शामिल
- निजी संगठन 47.2 %
- सार्वजनिक संगठन41.8 %
- बैंक19.1%
- शैक्षिक संस्थान36.4 %
- सूचना और प्रौद्योगिकी 12.7 %
- बिजली विभाग 13.6 %
- खुदरा विक्रेता9.1 %
- छोटे व्यापारिक संगठन 9.1 %
सर्वे में जागरूकता फैक्टर को 4 कारकों के तौर पर मापा
1. शारीरिक : स्वास्थ्य और शारीरिक आवश्यकता को लेकर।
2. मनोवैज्ञानिक : लॉकडाउन और कोरोना वायरस के दौरान मानसिक स्थिति को जांचा।
3. आर्थिक कठिनाइयों के बारे जाना गया। घर से नियमित कार्य में उनकी कठिनाइयों को बारे।
4. व्यक्तिगत : पुरुष और महिला कर्मचारियों के जीवन में आए बदलाव के बारे पूछा।
पुरुषों की तुलना में 92% अधिक महिला कर्मचारी स्वच्छता के प्रति जागरूक मिलीं
सर्वे में पाया कि पुरुषों की तुलना में 92% अधिक महिला कर्मचारी स्वच्छता के प्रति जागरूक हैं। महिला (76%) और पुरुष (84%) कर्मचारियों ने आरोग्य सेतु एप डाउनलोड कर रखा है तथा 78% पुरुष और 74% महिला कर्मचारी स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के सुरक्षात्मक उपायों का पालन कर रहे हैं।
68 % महिला और 65% पुरुष कर्मी सोशल लाइफ कर रहे मिस
सर्वे के मुताबिक 68% महिला और 65% पुरुष कर्मचारी अपनी सोशल लाइफ को मिस कर रहे हैं। 68% महिलाएं और 68% ही पुरुष दोनों ही घर से काम करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। घर से ऑफिस का काम करने में मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।
सर्वे के अनुसार लोगों ने इन सुझावों पर काम करने को माना सही
1 · लॉकडाउन की छूट को हल्के में न लें और कोरोना से खुद को सेफ रखें और सावधानियां बरतें।
2· कर्मचारी घर से काम करने में कनेक्टिविटी इश्यूज का सामना कर रहे हैं और दूसरी तरफ काफी संस्थानों को खुलने में वक्त लगेगा तो सरकार और नेटवर्किंग कम्पनीज को चाहिए कि वो नेट कनेक्टिविटी इश्यूज को खत्म करने के लिए कुछ ठोस कदम उठाएं।
3· कर्मचारियों को भी लिमिटेड रिसोर्सेज को चुनौती काे स्वीकारना चाहिए और स्थिति से निपटने को इनोवेटिव सोचना चाहिए।
4· लोगों को कोरोना के डर को भगाने के लिए खुद को फेक न्यूज से दूर रखना होगा ताकि उन पर निगेटिविटी हावी ना हो और सोशल डिस्टेंसिंग और अन्य परामर्शों को सीरियस तरीके से अपनाना चाहिए।
5· अकेलापन से जूझने की बजाय इम्प्लाइज को खुद के पैशन पर काम करना चाहिए और अपनी स्किल को एनहान्स करके वक़्त का सदुपयोग करें।
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