
सुशील भार्गव | चंडीगढ़ .पिछले 38 साल में हरियाणा की 133 बेटियों को अमेरिका, स्वीडन, स्पेन, इंग्लैंड और आॅस्ट्रेलिया समेत 10 देशाें के लोगों ने गोद लिया है। ये सभी बेटियां वह हैं, जिन्हें जन्म के बाद मरने के लिए छोड़ दिया गया था। हाल ही में ऐसी ही 10 बेटियां शादी के बाद हरियाणा आईं। वे उस जगह जाकर खूब रोईं, जहां उनके घरवालों ने उन्हें फेंक दिया था। रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि ज्यादातर बेटियां रेलवे स्टेशन, गटर, झाड़ियों और सुनसान इलाके में मिली थीं।
रिकॉर्ड के मुताबिक, हरियाणा में न केवल बेटियां, बल्कि बेटों को भी जन्म के बाद मरने के लिए छोड़ दिया गया था। 1981 से 2019 तक हरियाणा में 179 बेटे भी लावारिस पड़े मिले। इनमें से 24 को विदेशियों ने गोद लिया है, जबकि 155 को भारतीय परिवारों ने ही गोद लिया है। वहीं, पिछले सात साल में 48 बेटियों को विदेशियों ने गोद लिया है।
कई ने सरकार से अपनों की तलाश में मदद मांगी :विदेश जाने के बाद करीब 10 बेटियों ने एक-एक बार जरूर हरियाणा का रुख किया है। ये परिजनों के साथ आईं। रिकाॅर्ड खंगाला तो पता चला कि किस गटर, नाले, स्टेशन या पालना घर में सुनसान छोड़ दी गई थी। अपनों को याद कर रोईं कि आखिर क्यों ममता का गला घाेंट दिया गया। कई ने तो सरकार तक अप्रोच लगाई कि अपनों को तलाशने में उनकी मदद की जाए, ताकि वे उन्हें सजा दिला सकें।
24 लड़कों को विदशियों ने गोदलिा, 155 को भारतीयों ने :हरियाणा में न केवल बेटियां बल्कि बेटे भी सुनसान जगहों पर मिले हैं, कई को पालने में छोड़ दिया गया, तो कई रेलवे स्टेशन पर मिले। पिछले 38 साल में हरियाणा में 179 बेटे जो सुनसान जगहों पर मिले थे, इनमें से 24 को विदेशियों ने गोद लिया है, जबकि 155 को इंडियन ने ही गोद लिया है।
2016 में सबसे ज्यादा 49 बच्चे गोद दिए, 20 बेटियां
साल गोद लिए
2004 28
2005 27
2006 26
2007 26
2008 15
2009 26
2010 20
2011 24
साल गोद लिए
2012 23
2013 40
2014 30
2015 28
2016 49
2017 23
2018 18
2019 16
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