चंडीगढ़ (सुशील भार्गव).हरियाणा में जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराने वाले हर व्यापारी की फिजिकल वेरिफिकेशन कराई गई है। इनमें से 16,967 ऐसे करदाता मिले हैं, जिन्होंने फर्जी कागजात के सहारे रजिस्ट्रेशन कराया है।
जांच में जब फर्जीवाड़ा सामने आया तो आबकारी एवं कराधान विभाग के आला अधिकारियों ने कड़ी कार्रवाई के आदेश जारी किए। विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 हजार से अधिक रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिए हैं। यही नहीं 63 करोड़ से अधिक की राशि भी वसूली गई है। अभी भी जांच चल रही है और जांच के बाद और भी राशि का खुलासा हो सकता है।
प्रदेशभर में जीएसटी में अब 4.5 लाख करदाता
वर्तमान समय में हरियाणा में जीएसटी में कुल मिलाकर 4.5 लाख करदाता हैं। इनमें 2.5 लाख करदाताओं को पूल में पहले से शामिल दो लाख करदाताओं में जोड़ा गया है। एक लाख, 13 हजार, 590 नए करदाता जुड़े हैं। विभाग ने पिछले दिनों यह निर्णय लिया था कि इन करदाताओं की फिजिकल वेरिफिकेशन कराई जाए। जब जांच हुई तो 16967 करदाता फर्जी कागजात के आधार पर रजिस्टर्ड पाए गए। इनमें से 12314 का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा चुका है।
विभाग ने वसूले 1262 करोड़ रुपए
विभाग ने अब तक 1262.23 करोड़ रुपए वसूले हैं। डिटेक्शन ऑफ ट्रांजेक्शन-1 मिसमैच के 2058 केसों में 262.49 करोड़ रुपए, जीएसटीआर-1 और जीएसटीआर 3बी के बीच मिसमैच के 3085 केसों में 161.78 करोड़ रुपए, जीएसटीआर2ए और जीएसटीआर 3बी के बीच मिसमैच के 15220 केसों में 284.37 करोड़ रुपए, ई-वे
हर माह 1566 करोड़ रुपए की कलेक्शन
हरियाणा से हर माह औसतन 1566 करोड़ रुपए की कलेक्शन होती है, जो कि राष्ट्रीय औसत का 3.6 फीसदी है। यदि वर्ष 2018 के जुलाई से अक्टूबर की तुलना की जाए तो जुलाई में 44.47, अगस्त में 36.02, सितंबर में 25.13 और अक्टूबर में 15.56 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। यानी इन चार माह में वर्ष 2018 में जहां 5308.5 करोड़ थी, वहीं अब यह बढ़कर 6930 करोड़ रुपए हो चुकी है।आबकारी एवं कराधान विभाग के एसीएस संजीव कौशल ने बताया कि जो भी फर्म जीएसटी नियमों का उल्लंघन करेगी, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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