आपदा की इस घड़ी में जहां हर कोई घरों में लॉकडाउन है, वहीं जरूरतमंद लोगों का पेट भरने के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा कमेटी अमृतसर फिर से लोगों की मददगार बनकर आगे आई है। एसजीपीसी के अधीन आने वाले अम्बाला में स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा मंजी साहिब व पंजोखरा साहिब में रोजाना दस हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं के लिए लंगर तैयार हो रहा है। खास बात है कि लंगर गुरुद्वारों में नहीं बल्कि गली मोहल्लों व मुख्य सड़कों पर जरुरतमंद लोगों को बांटा जा रहा है। यूपी-बिहार पैदल जाने को मजबूर लोगों को तो सड़कों पर ही पंक्तियों में बिठाकर लंगर वरताया जा रहा है।
पंजोखरा साहिब गुरुद्वारा: ऐतिहासिक गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब में इस समय रोजाना 6 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं के लिए दोपहर व शाम का लंगर तैयार हो रहा है। 3-3 हजार श्रद्धालुओं के लिए दोपहर व शाम का लंगर बन रहा है। लंगर बनाने के लिए परशादे बनाने वाली दोनों मशीनों को ऑन किया गया है जबकि दाल, चावल व सब्जी बनाई जा रही है। शनिवार को गुरुद्वारा कमेटी द्वारा दोपहर जड़ौत रोड, सुलतानपुर में झुग्गी-झोंपड़ी व नारायणगढ़ रोड पर ईंट-भट्ठों पर लंगर बांटा गया। इसके बाद महेशनगर में टांगरी बांध के साथ लगती काॅलोनियों के अलावा जगाधरी रोड पर पैदल यूपी-बिहार अपने घरों को पलायन कर रहे लोगों को लंगर पंगत में बिठाकर वरताया गया। एक मीटर से ज्यादा फासला श्रद्धालुओं के लिए रखा गया। महेशनगर पुलिस की मदद से यह लंगर एसजीपीसी ने वरताया। गुरुद्वारा कमेटी के प्रबंधक सुखदेव सिंह ने बताया कि प्रशासन द्वारा जिन स्थानों पर लंगर बांटे को बोला जा रहा है वहां और अन्य स्थानों पर भी टीमें जाकर सेवा कर रही हैं। रसद की फिलहाल कोई कमी नहीं है, सामान मिल रहा है और आगे भी यह सेवा निरंतर जारी रहेगी।
मंजी साहिब गुरुद्वारा: मंजी साहिब गुरुद्वारे में भी प्रतिदिन 4 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं के लिए लंगर पक रहा है। गुरुद्वारा साहिब में परशादों के अलावा चावल, कड़ी, दाल व सब्जी तैयार हो रही है। शनिवार को मनमोहन नगर के अलावा जीटी रोड से पैदल गुजर रहे लोगों को लंगर की सेवा की गई। इसके अलावा कई काॅलोनियों में भी जाकर लंगर वरताया गया। गुरुद्वारा कमेटी के प्रबंधन कुलदीप सिंह भानोखेड़ी ने बताया कि जहां-जहां जरूरत पड़ रही है वहां टीमें जाकर लंगर की सेवा कर रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंजी साहिब व पंजोखरा साहिब गुरुद्वारा कमेटी से आइसोलेशन वार्ड बनाने के लिए सहयोग मांगा था जिसपर अब दोनों गुरुद्वारों की सराय में वार्ड के लिए कमरे खाली कर दिए गए हैं। मंजी साहिब गुरुद्वारे की सराय में कुल 40 कमरे हैं जिनमें से 30 कमरे आइसोलेशन वार्ड के लिए दिए हैं। इसी तरह पंजोखरा साहिब गुरुद्वारे की सराय में कुल 32 कमरे हैं जिनमें 25 कमरे आइसोलेशन वार्ड के लिए दिए जाएंगे। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पंजोखरा साहिब में वार्ड स्थापित करने के लिए निरीक्षण भी किया।
पंजोखरा साहिब गुरुद्वारे में रोजाना हजारों श्रद्धालुओं के लिए मशीन पर तैयार होते परशादे।
सद्दोपुर व जड़ौत में पंजोखरा साहिब गुरुद्वारा कमेटी ने जरूरतमंदों को एक मीटर का फासला बनाकर दिया लंगर।
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