किडनी की बीमारी के चलते 23 अप्रैल को कैंट सिविल अस्पताल से पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया ठरवा गांव का 42 वर्षीय किसान कोरोना संक्रमित मिला है। शुक्रवार रात डेढ़ बजे कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद शनिवार सुबह अम्बाला का स्वास्थ्य विभाग चौकन्ना हुआ। गांव ठरवा में जाकर किसान की हिस्ट्री तैयार की। पता चला कि वह किडनी व गुर्दे की बीमारी से पीड़ित था। 25 साल से शुगर भी है। पिता व भाई की मौत शुगर से हुई है। इसका खुद हफ्ते में तीन बार डायलिसिस होता था। सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह ने कहा कि क्रोनिक बीमारी से पीड़ित होने के बावजूद यह किसान लॉकडाउन का पालन नहीं कर रहा था।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. बलविंद्र कौर ने बताया कि ठरवा गांव को सील करके कंटेनमेंट जोन बना दिया है। कैंट की टिंबर मार्केट और शहजादपुर के बाद यह जिले का तीसरा कंटेनमेंट जोन है। गांव से बाहर आने-जाने वाले सभी 6 रास्तों को सील कर पुलिस की मदद से पहरा बैठा दिया है।
यह किसान बीमारी के बावजूद घूमता रहता था। इसी वजह से जिन 12 दुकानों पर गया, उन पर क्वारेंटाइन के पोस्टर लगा दिए हैं। एक व्यक्ति ने बताया कि एक डेरे में इसका उठना- बैठना ज्यादा था। डॉक्टरों डेरे में जाकर उसके कांटेक्ट की हिस्ट्री ली। अभी टीम का प्रयास यही है कि जितने भी कांटेक्ट्स हैं उन्हें ढूंढे। इसके बाद ही निष्कर्ष निकलेगा कि इसके इंफेक्शन का सोर्स क्या रहा है। इस काम में गांव के सरपंच मस्तान सिंह की मदद ली जा रही है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव सिंगला व डॉ. कौशल की टीम ने दौरा किया। सरपंच मस्तान सिंह ने बताया कि प्रशासन की टीम ने गांव को सेनिटाइज किया है।
गांव से जो लोग चिन्हित किए जाएंगे उनकी सैंपलिंग पीएचसी माजरी में की जाएगी। बड़े स्तर पर सैंपलिंग की जाएगी। रेंडम सैंपलिंग भी की जाएगी। इस पेशेंट की फैमिली को आइसोलेट किया जाएगा।मनदीप सचदेवा, इंचार्ज पीएचसी माजरी
लॉकडाउन में यह किसान 29 के संपर्क में आया, आगे उनके परिवार पर भी खतरा
ठरवा गांव के इस किसान पेशेंट को किडनी व शुगर की दिक्कत है। 14 अप्रैल को कैंट सिविल अस्पताल के डायलिसिस सेंटर में आया। फिर 20 अप्रैल को सुबह 7 बजे खुद कार चलाकर डायलिसिस सेंटर में आया। दोपहर 1 बजे घर लौटा। अगले दिन घर रहा। 22 को सांस लेने में दिक्कत हुई। गांव का विक्रम विक्की शाम को साढ़े 5 बजे स्विफ्ट कार में कैंट सिविल लेकर पहुंचा। यहां नर्सिंग स्टाफ, टेक्नीशियन के 4 सदस्यों ने नेबुलाइज (भांप आदि देना) किया। अगले दिन दूसरे स्टाफ ने नेबुलाइज किया। स्वास्थ्य विभाग के मार्निंग, इवनिंग व नाइट ड्यूटी में 38 कर्मी सेंटर में थे। 23 अप्रैल को माजरी पीएचसी की डिमांड पर चौड़मस्तपुर सीएचसी की एंबुलेंस में कैंट सिविल लाया गया। सुबह 9.30 से 1.30 बजे तक इमरजेंसी में रहा। फिर पीजीआई रेफर कर दिया गया। 24 अप्रैल को इसका कोरोना जांच के लिए सैंपल लिया जिसकी 25 को रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
किसान के परिवार में पत्नी व 19 साल की बेटी है। दूसरे भाई का घर भी साथ सटा है। पिता की 19 साल पहले शुगर से मौत हुई। फिर 2017 में भाई की भी शुगर व हार्टअटैक से मौत हुई। इसकी विधवा भाभी बगल के घर में सास व 5 साल के बेटे के साथ रहती हैं। इसकी 3 बहनें हैं। शादीशुदा बहन मायके आई हुई है, उसे भी 15 साल से शुगर है। एक-दो दिन पहले करनाल के असंध रोड के एक गांव से किसान की पत्नी की बहन पति के साथ हाल-चाल जानने आए थे। साढू एशियन पेंट्स की रोहतक इकाई में काम करता है। किसान की खेतीबाड़ी को देखने वाले व्यक्ति व इनके नौकर को भी ट्रेस किया गया है।
पड़ोस के घर में पांच छह फैमिली मेंबर हैं। पड़ोसी की बेटी अपने दो बच्चों के साथ आई हुई है। किसान के बाड़े में घास व गोबर उठाने का काम करने वाली महिला के परिवार से तीन सदस्य हैं। इनकी खेतीबाड़ी का काम देखने वाले व्यक्ति के परिवार में भी छह लोग हैं। गांव में एक मिस्त्री के पास करीब आठ से 10 लोग इकट्ठे होते थे। इस मिस्त्री की दुकान सील कर क्वारेंटाइन किया है। इसके अलावा गांव में सैलून का काम करने वाला व्यक्ति इसे अस्पताल लेकर गया था। हालांकि, उसकी दुकान लॉकडाउन में बंद है। सैलून संचालक के घर में दो सदस्य हैं। इस व्यक्ति के पड़ोस में एक व्यक्ति रहता है। पास के एक डेरे को भी क्वारेंटाइन किया है। इसके अलावा इसके तीन चार दोस्तों को होम क्वारेंटाइन किया गया है। कुल मिलाकर इस किसान के गांव में 29 संपर्क मिले हैं। आगे इन संपर्कों के परिवारों के सदस्य हैं। विभाग सभी की निगरानी करेगा। जैसा डिस्ट्रिक्ट क्वारेंटाइन कमेटी इंचार्ज डॉ. राजेंद्र राय ने भास्कर संवाददाता पवन पासी को बताया
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