सरकारी गेस्ट हाउस, होस्टल, धर्मशालाओं की क्वारेंटाइन सुविधा पसंद नहीं है तो जेब ढीली करके थ्री स्टार होटल में कमरा किराये पर लेकर पेड क्वारेंटाइन्स रह सकते हैं। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने शहर के होटल तलाशने शुरू कर दिए हैं। दरअसल, यह कदम उठाने के पीछे मुख्य कारण सरकारी सुविधाओं पर क्वारेंटाइन्स का सवाल उठाना है।
किसी को खाना पसंद नहीं आ रहा है तो किसी के कमरे में मनोरंजन के लिए एलईडी नहीं है। कोई समय पर नाश्ता, लंच व डिनर नहीं मिलने तो कोई कमरे से बाहर नहीं जाने देने पर नाराजगी जताता है। इन शिकायतों के समाधान के लिए विभाग ने उक्त कदम उठाया है। बता दें कि क्वारेंटाइन 2 प्रकार का होता है। एक होम तो दूसरा फैसिलिटी। कोरोना पॉजिटिव रोगी के संपर्क वालों व बाहर से आए यात्रियों का सैंपल लेकर फैसिलिटी क्वारेंटाइन किया जाता है।
गृह क्षेत्र में रहने वालों में लक्षण दिखने पर स्वास्थ्य जांच के बाद दवाइयां व सलाह देकर होम क्वारेंटाइन कर देते हैं। दोनों ही स्थिति में 14 दिन तक उनके स्वास्थ्य पर विभाग की नजर रहती है। कमरे से बाहर निकलने पर पूरी तरह पाबंदी होती है। सीएमआ डॉ. योगेश शर्मा ने बताया कि भविष्य में पेड क्वारेंटाइन का विकल्प मिलेगा। इसको लेकर होटल तलाश रहे हैं। हिसार में बेहतर क्वारेंटाइन सुविधाएं मुहैया हैं। खाने की गुणवत्ता से लेकर रहन-सहन इत्यादि मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान है। क्वारेंटाइन का उद्देश्य खुद के साथ अपनों व दूसरों को संक्रमण से बचाना है।
यूं तैयार हो रहा संक्रमण पर नियंत्रण का मैप
1. सेक्टर-पीएचसी वाइज फील्ड वर्कर आशा और एएनएम घर-घर जाकर हेल्थ सर्वे कर रही हैं। कोई संदिग्ध रोगी मिलता है तो उन्हें स्वास्थ्य जांच के लिए पीएचसी पर लेकर आती हैं। विशेषज्ञों को लगता है कि सैंपल लेना चाहिए तो सूचना मिलने पर मोबाइल सैंपलिंग टीम पहुंच जाती हैं। इससे मॉनिटरिंग व स्क्रीनिंग का दायरा बढ़ गया है।
2. सीएमओ की सीएचसी प्रभारियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग हुई है। निर्देश दिए हैं कि सीएचसी एरिया का नक्शा निकालकर उस जगह डॉट लगाए, जहां फ्लू रोगी या कोरोना संदिग्ध ज्यादा मिले हैं। वह आपका हॉट स्पॉट होगा। फील्ड वर्कर के साथ मेडिकल ऑफिसर उन इलाकों पर विशेष नजर रखें, ताकि रोगियों की समय रहते पहचान करके संक्रमण को कम्युनिटी में फैलने से पहले रोक सकें। इसके साथ ही मोबाइल टीम घर-घर, गांव-गांव जाकर स्वास्थ्य जांच के साथ संदिग्ध रोगियों की पहचान कर रही है।
सेक्टरवाइज जांच, मोबाइल टीमें 45
स्वास्थ्य विभाग ने सर्विलांस का दायरा बढ़ाते हुए मोबाइल टीमों की संख्या में इजाफ किया है। पहले 28 मोबाइल हेल्थ टीमें फील्ड में लोगों के स्वास्थ्य जांच कर रहीं थी। वहीं, अब 17 और टीमों को जोड़ दिया है। 45 टीम होने से कोरोना संदिग्धों व फ्लू रोगियों की पहचान भी ज्यादा होगी, जिससे संक्रमण फैलने से रोकना आसान होगा।
14 दिन बाद मिली राहत फिर वापस
कोरोना पॉजिटिव रोगी मिलने के बाद 14 दिन के लिए कंटेनमेंट व बफर जोन के चलते सुपर लॉक हुए डीसी-एमसी कॉलोनी, अर्बन एस्टेट सहित आसपास की कई कॉलोनी वासियों को राहत की उम्मीद थी । शनिवार को उक्त जोन के साथ नाकाबंदी से निजात मिल सकती थी लेकिन सूरा परिवार में अन्य शहरों से आए रिश्तेदारों के कारण यह संभव नहीं हो सका।
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