एक महीने से अम्बाला के 21 शैल्टर होम में रह रहे 687 प्रवासी मजदूरों को शनिवार को हरियाणा राेडवेज की 23 बसाें से उत्तर प्रदेश के 15 जिलों के लिए रवाना किया गया। अम्बाला डिपाे की प्रत्येक बस में ड्राइवर व कंडक्टर के अलावा एक पुलिस कर्मी व एक अन्य कर्मचारी काे भी भेजा गया है। बसों में बैठाने से पहले सभी मजदूराें का मेडिकल चेकअप किया गया। रास्ते के लिए मजदूरों को मास्क, खाने के पैकेट, बिस्कुट, फल व पानी की बोतलें दी गई हैं। डीसी अशोक कुमार ने बताया कि इस कार्य की जिम्मेदारी हमने नगर निगम के आयुक्त पार्थ गुप्ता को सौंपी थी। जैसे ही सरकार की हिदायतें आती हैं अन्य राज्यों के प्रवासी मजदूरों को भी भेजा जाएगा।
जिलेवार प्रवासी मजदूरों की संख्या: पार्थ गुप्ता के मुताबिक यूपी जाने वालाें में आगरा के 22, अलीगढ़ के 52, अमरोहा के 12, बागपत का 1, बडौत के 147, बुलंदशहर के 36, फिरोजाबाद के 27, शामली के 8, हाथरस के 12, कासगंज के 45, मथुरा के 21, मेरठ के 49, मुरादाबाद के 63, रामपुर के 67 और सहारनपुर के 125 प्रवासी मजदूर शामिल हैं।
तालियां बजाकर किया खुशी का इजहार
घर जाने की खुशी मजदूरों के चेहरे पर साफ देखी जा सकती थी। जैसे ही बस गंतव्य के लिए चली बसों में बैठे सभी मजदूरों ने तालियां बजाकर किया खुशी का इजहार। कइयों की आंखें नम थी।
बराड़ा से यूपी और उत्तराखंड के 86 मजदूरों को भेजा
बराड़ा के दोनों शैल्टर होम से उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के कुल 86 प्रवासी मजदूरों काे उनके प्रदेश रवाना किया गया। एसडीएम गिरीश कुमार ने बताया कि रास्ते के लिए लंच दिया गया। ये लोग करीब एक माह से शेल्टर होम में रह रहे थे। इनमें 73 उत्तराखंड व 13 लोग उत्तर प्रदेश के थे। बता दें कि लॉकडाउन के चलते इनके लिए बराड़ा में शेल्टर होम खालसा लबाणा गर्ल्स कॉलेज व शेल्टर होम सरकपुर रोड स्थित लघु सचिवालय के पास में सत्संग भवन में बनाया गया था।
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