राधा स्वामी सत्संग भवन नारायणगढ़ से सुबह 8.30 बजे जिला सहारनपुर के 10 व जिला बदायूं के एक श्रमिक को उनके घरों के लिए रवाना किया गया। बहुत ही भावुक क्षण था जब श्रमिक सामान उठाकर बस की तरफ बढ़ रहे थे। श्रमिकों को जहां घर जाने की खुशी थी वहीं सत्संग भवन के सेवादारों से बिछुड़ने का गम भी उनके चेहरों पर झलक रहा था। श्रमिकों को वह क्षण रह-रह कर याद आ रहे था जब पैदल चलकर पैरों में पड़े छालों पर सेवादारों ने मरहम लगाकर ठीक किया था।
शनिवार सुबह राधा स्वामी सत्संग घर का माहौल गमगीन हो गया। अपने-अपने घरों को रवाना हो रहे श्रमिक सेवादारों से लिपट कर रो पड़े। उस समय वहां मौजूद तमाम प्रशासनिक अमले और सेवादारों की आंखें भर आई थी। जब 11 श्रमिक अपने घरों को रवाना होने लगे तो सत्संग घर में ठहरे बाकी श्रमिक उन्हें देखने के लिए उनके आसपास जमा हो गए। जाने वालों को सभी ने तालियां बजाकर विदा किया। सुबह साढ़े सात बजे इन सभी को चाय नाश्ता दिया गया। इसके बाद दोपहर का खाना और मेडिकल सर्टिफिकेट सौंपे गए।
ठीक 9 बजे इन्हें प्राइवेट स्कूल बस में बिठाकर रवाना कर दिया गया। श्रमिकों का कहना था कि जो प्यार, सम्मान और सेवा सत्संग घर वालों ने एक महीने तक की है वह इस अहसान को जिंदगी भर भूल नहीं पाएंगे। नारायणगढ़, कक्कड़ माजरा, नखड़ौली, शहजादपुर और भूरेवाला में बने शैल्टर होम से 72 श्रमिकों को उनके घर भेजा गया है। इनमें से 8 नखड़ौली से, 19 शहजादपुर से, 11 नारायणगढ़ से, 15 भूरेवाला से और 19 कक्कड़ माजरा शेल्टर होम से हैं।
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