लॉकडाउन के बीच नेताओं ने एक-दूसरे पर राजनीतिक हमले भी शुरू कर दिए हैं। नारायणगढ़ की कांग्रेस विधायक शैली चौधरी ने कहा कि कुरुक्षेत्र से भाजपा सांसद नायब सैनी को नारायणगढ़ में राजनीतिक महफिलें सजाने की बजाय अपने संसदीय क्षेत्र में काम करना चाहिए। इसके कुछ देर बाद सांसद सैनी ने जवाब दिया-राजनीति मेरे लिए जनसेवा है, नारायणगढ़ उनके लिए परिवार जैसा है।
शनिवार को शैली चौधरी ने पति पूर्व सीपीएस रामकिशन गुर्जर के साथ संयुक्त प्रेसवार्ता की। जिसमें उन्होंने सांसद ही नहीं बल्कि स्थानीय प्रशासन को भी निशाने पर लिया। गुर्जर दंपती बोले-प्रशासन राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की सेवा करने के लिए होता है।
धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं ने जरूरतमंदों का ध्यान रखते हुए राशन उपलब्ध करवाया, लेकिन सरकार अब तक सर्वे करवाने में उलझी हुई है। सरकार ने लॉकडाउन शुरू होते ही कहा था कि सरकार जरूरतमंदों को निशुल्क राशन देगी लेकिन एक माह बाद भी जरूरतमंदों तक राशन नहीं पहुंचा है। किसी को दाल मिली तो आटा नहीं मिला। प्रशासन द्वारा राशन का सही वितरण नहीं किया जा रहा है।
राजनीतिक क्षेत्र नहीं, परिवार है नारायणगढ़
कुरुक्षेत्र सांसद नायब सैनी ने विधायक शैली चाैधरी व पूर्व विधायक रामकिशन पर जवाबी हमले में कहा कि वह राजनीति को जनसेवा मानकर काम कर रहे हैं। वह उन लोगों के कल्याण और उत्थान में लगे हैं जो अंतिम पंक्ति में खड़े हुए हैं। जब लॉकडाउन शुरू हुआ था तो कई दिनों तक विधायक और उनके पति हलके की जनता को दिखाई नहीं दिए थे। धार्मिक, सामाजिक संस्थाओं के साथ भाजपा कार्यकर्ताओं ने मिलकर जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने का काम किया। जो उन पर लॉकडाउन के उल्लंघन का आरोप लगा रहे हैं वह केवल अपनी कमियां और नाकामियों को छिपा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाहर से आकर राजनीति नहीं की, इसी हलके के रहने वाले हैं। नारायणगढ़ उनका परिवार है और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना फर्ज है।
इस तरह समझें, जुबानी जंग की वजह
पिछले चुनाव में नायब सैनी रामकिशन गुर्जर को हराकर नारायणगढ़ के विधायक बने थे। खट्टर सरकार में राज्यमंत्री भी रहे। फिर कार्यकाल पूरा होने से पहले ही पार्टी ने उन्हें कुरुक्षेत्र लोकसभा पर चुनाव लड़ाया और वो जीत गए। फिर पत्नी सुमन सैनी को नारायणगढ़ से टिकट दिलाने का जोर लगाया। पार्टी ने किसी सांसद के परिवार वाले को टिकट न देने का नियम बनाया तो अपने करीबी सुरेंद्र राणा का टिकट दिलवा दिया था।
एक मामले में सजा होने की वजह से रामकिशन गुर्जर चुनाव लड़ने के अयोग्य हुए तो कुमारी सैलजा खेमे से जुड़े होने के कारण पत्नी शैली चौधरी को टिकट लाने में कामयाब रहे। वह जीतीं भी। लॉकडाउन पीरियड में नायब सैनी व उनकी पत्नी लगातार नारायणगढ़ हलके में सक्रिय हैं। सैनी धर्मशाला में बनाए गए राशन कलेक्शन सेंटर से मोदी राशन किट बांटने का जिम्मा भी सुमन सैनी के पास है।
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