डीसी निशांत कुमार यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जिले में स्वास्थ्य संबंधी डाटा इकट्ठा करने का कार्य जारी है। इस डाटा से सरकार की योजनाओं का लाभ भी जरूरतमंदों को मिल सकेगा। शनिवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वीसी के माध्यम से सभी जिले के उपायुक्तों के साथ इस विषय पर बातचीत की और लॉकडाउन से संबंधित दिशा-निर्देश दिए और गेहूं की परचेज के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरतमंद परिवारों व स्वास्थ्य संबंधी डाटा तैयार किया जा रहा है। इस डाटा से जरूरत के अनुसार सरकार की योजना जरूरतमंद के पास पहुंचाई जा सकेगी। इसके लिए मुख्यमंत्री ने तीन प्रकार की कमेटी बनाने के निर्देश दिए हैं। यह कमेटी लोकल स्तर पर, सेक्टर स्तर पर और जोनल स्तर पर बनाई गई है।
इन कमेटियों में अधिकारी के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ता, वाॅलिंटियर को भी लेना होगा। ऐसे अधिकारियों को इस कमेटी से जोड़ना है जिस अधिकारी के अंदर काम करने का जुनून हो। वह अधिकारी ड्यूटी से अलग छुट्टी के दिन समय लगाकर यह सेवाभाव का कार्य कर सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों को शीघ्र अपने-अपने क्षेत्र का डाटा फीड करवाना होगा। ग्रामीण क्षेत्र में जोनल इंचार्ज बीडीपीओ को बनाया जाए और लोकल कमेटी में तृतीय श्रेणी के अधिकारी को नोडल बनाया जाए और जोनल कमेटी के लिए नगर निगम एरिया में संयुक्त कमिश्नर को जोनल इंचार्ज, नगर परिषद में ईओ, नगरपालिका में सचिव नगरपालिका को जोनल इंचार्ज बनाया जाएगा। जो भी इन कमेटी की रचना करनी है अंतिम निर्णय उपायुक्त का होगा और जिला स्तर पर हर कमेटी में एक मैंबर सचिव बनाया जाएगा। जोनल स्तर की कमेटी पर अधिकारी के साथ तीन प्रमुख लोग, सेक्टर कमेटी में तीन प्रमुख लोग या 5 तक इसकी संख्या हो सकती है। उनका उद्देश्य है कि जरूरतमंद को उनके घर तक सरकार की योजना का लाभ मिले। यह कमेटियां इस कार्य को बखूबी निभा सकती हैं, इसके लिए जन जागरण और जन संस्कार करने की जरूरत है।
एपीएस वी. उमाशंकर ने जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्य में टीम लीडर के रूप में कार्य करना होगा। पोलिंग बूथ से लेकर पूरे क्षेत्र की मैपिंग करवानी होगी, पोर्टल पर यह भी अपलोड करना होगा कि किस क्षेत्र में कितने घर हैं। उन्होंने कहा कि जिस भी अधिकारी को इस योजना से संबंधित कोई दिक्कत है तो वह इस बारे में व्यक्तिगत बात भी कर सकता है। इस मौके पर एडीसी अनीश यादव, एसडीएम करनाल नरेंद्र पाल मलिक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जिले में बनाई हैं 1222 लोकल कमेटियां
उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने जिले की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में 1222 लोकल कमेटी बनाई गई हैं, 105 सेक्टर कमेटी और 15 जोनल कमेटी बनाई गई हैं। पूरे जिले की मैपिंग की जा रही है। 1 लाख 45 हजार परिवारों का डाटा फीड हो गया है और जिले में 10 हजार जरूरतमंद परिवारों की पहचान हो चुकी है। इसके अतिरिक्त 260 परिवारों ने स्वेच्छा से कोविड-19 में सहयोग करने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि इस योजना के लिए अतिरिक्त उपायुक्त अनीश यादव को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
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