जिले में 20 अप्रैल से कुछ औद्योगिक क्षेत्रों और रोजमर्रा की कुछ जरूरी चीजों की दुकानाें को खोलने की छूट देने की जिला प्रशासन की घोषणा में रविवार को बदलाव हो गया है। अब करियाने, सब्जी व फल की दुकान प्रात: 9 से 12 बजे तक, कैमिस्ट की दुकान प्रात: 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक खुली रहेंगी, लेकिन इन्हें सामान की होम डिलिवरी करनी होगी और सोशल डिस्टेंसिंग का भी पूरा पालन करना होगा। जबकि पहले इनका टाइम सुबह 9 से शाम 5 बजे तक कहा गया था। दोबारा रविवार शाम को डीसी निशांत कुमार यादव ने स्पष्ट किया कि लॉकडाउन का किसी भी तरह के उल्लंघन पर यह छूट वापस ली जा सकती है।
डीसी निशांत कुमार यादव ने लघु सचिवालय में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि भारत सरकार व हरियाणा सरकार के दिशा-निर्देशानुसार लॉकडाउन का पालन करते हुए 20 अप्रैल से रोजमर्रा की कुछ जरूरी चीजों में ढील दी गई है, यदि इसमें भी कोई लापरवाही करता है तो इस ढील को वापस भी लिया जा सकता है। काेराेना वायरस के संक्रमण से बचाव में किसी भी तरह की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
3 रंग के बनेंगे पास
डीसी ने बताया कि 20 अप्रैल से ऐसे उद्योग भी खोले जा सकते हैं, जो हरियाणा सरल पोर्टल पर खोलने का आवेदन करेंगे। इसके लिए जिला स्तर पर तीन कमेटी बनाई गई हैं। उन्होंने बताया कि 25 से कम वर्कर के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में, 25 से 200 वर्कर के लिए ग्रामीण स्तर में अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में व शहरी क्षेत्र में नगर निगम आयुक्त की अध्यक्षता में तथा 200 से ऊपर वर्कर की अनुमति के लिए उपायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है। कमेटी के फैसले के बाद ही फैक्ट्री संचालक को अनुमति दी जाएगी और उनके वर्कर्स को जिला प्रशासन द्वारा अलग-अलग रंग के पास अलॉट किए जाएंगे। कंटेनमेंट जोन के लिए लाल रंग, निर्माण कार्यों के लिए नीला पास और अन्य कार्य के लिए हरे रंग का पास बनाया जाएगा।
दोपहर 2 बजे से रजिस्ट्री
लघु सचिवालय में दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक रजिस्ट्री की प्रक्रिया होगी तथा 4 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक जरूरी प्रमाण पत्र बनाए जा सकेंगे। उन्होंने बताया कि रजिस्ट्री की प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन टोकन दिया जाएगा और एक दिन में 30 टोकन दिए जाएंगे।
मैकेनिक को मिलेगी छूट, बनेंगे पास जिले में शीघ्र पोर्टल बनाया जाएगा, इस पोर्टल पर हाथ से काम करने वाले मिस्त्री, मैकेनिक को छूट दी जाएगी। परंतु पहले उन्हें पोर्टल पर आवेदन करना होगा, जिसके बाद उन्हें पास जारी किए जाएंगे। इसी तरह से जो दुकानें रिपेयरिंग की हैं, उन्हें भी सरल पोर्टल पर आवेदन करना होगा। बगैर पास के कोई भी दुकान ओपन न करें।
ये दुकानें भी खुलेंगी
इसके अतिरिक्त कोरियर, डाक की सुविधा खुली रहेंगी, इन्हें भी पास लेना होगा। उन्होंने कहा कि हाईवे पर ट्रक की रिपेयरिंग की शॉप खुली रहेगी तथा उनके नजदीकी लगते ढाबे खुले रहेंगे, लेकिन करनाल में ऐसी कोई लोकेशन नहीं है कि जहां पर ढाबे खोलने की अनुमति दी जाए, इसलिए ढाबे खोलने की अनुमति नहीं दी गई है।
ये रहेंगे पूरी तरीके से बंद
पब्लिक ट्रांसपोर्ट, स्कूल, कॉलेज, जिम, रेस्टोरेंट, मॉल, कोर्ट पूरी तरह से बंद रहेंगे। इसके अलावा बारबर शॉप और शराब के ठेके पूरी तरह से बंद रहेंगे। इन्हें खोलने की अभी कोई अनुमति नहीं है।
दुकानें खुलने व बंद होने का समय
- किरयाना शॉप: सुबह 9 से 12 दोपहर बजे तक
- सब्जी व फल शॉप : सुबह 9 से 1 बजे तक
- कैमिस्ट शॉप : सुबह 9 से दोपहर 2 बजे तक
उद्योग खोलने के लिए यह करना होगा
- परमिशन देने के लिए जिला स्तर पर बनाई तीन कमेटियां।
- 25 से कम वर्कर वाले उद्योग के लिए एसडीएम की अध्यक्षता। वाली कमेटी से परमिशन मिलेगी।
- 15 से 200 वर्करों वाली ग्रामीण क्षेत्र के लिए एडीसी की अध्यक्षता वाली कमेटी से परमिशन मिलेगी।
- शहरी क्षेत्र में नगर निगम आयुक्त की अध्यक्षता में वाली कमेटी देगी परमिशन
- 200 से ऊपर वर्कर की अनुमति के लिए उपायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी से लेनी होगी परमिशन।
- कंटेनमेंट जाेन के लिए लाल रंग का जारी होगा पास।
- निर्माण कार्य के नीला रंग का पास।
- अन्य कार्यों के लिए हरे रंग का पास जारी होगा।
मनरेगा में निर्माण कार्य होगा पर मजदूर उसी गांव के हों
डीसी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में निर्माण कार्यों को मंजूरी दी गई है, यहां पर मनरेगा के आदमी काम कर सकते हैं, लेकिन यह आदमी उसी गांव के होने चाहिए तथा उन्हें मास्क, सेनिटाइजर व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। इसके अलावा पहले की तरह गैस की सप्लाई, एटीएम, बैंक, राशन की दुकानें कार्य करती रहेंगी।
लेबर के लिए रहने-खाने की व्यवस्था कठिन
फोन पर उद्योगपतियों की मीटिंग हुई है। सरकार ने 20 अप्रैल से उद्योग को चलाने की छूट दी है। वह उपयोगी नहीं है। सरकार की इस छूट से असेन्शियल इंडस्ट्री ही ऑन हो सकती है। अन्य इंडस्ट्री 20 कर्मचारियों से नहीं चल सकती है। इसके अलावा उद्योगपतियों के लिए प्रतिदिन लेबर के लिए रहने-खाने की व्यवस्था करना भी कठिन है। ऐसे में तो 3 मई के बाद ही औद्योगिक इकाइयां संचालित हो सकेंगी। अमित गुप्ता, प्रदेशाध्क्ष हरियाणा चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इडस्ट्रीज।
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