दुष्कर्म का आरोपी कोरोना संक्रमित मिलने के बाद शनिवार को हेल्थ विभाग की टीम ने कोर्ट, सेंट्रल जेल वन और महिला थाना में जाकर एक्टिव सर्विलांस सर्वे किया। इस दौरान तीनों जगह रोगी के संपर्क में आए जज, अधिकारी और कर्मियों की सूची तैयार की। जिला कोर्ट में लेडी जेएमआईसी, 1 रीडर, 2 स्टेनोग्राफर, 3 अहलमद, 2 चपरासी, 1 नायब कोर्ट व 1 सहायक लोक अभियोजक (सरकारी वकील), सेंट्रल जेन वन में 9 मुलाजिमों और 2 डॉक्टर, महिला थाना की चार कर्मियों को 14 दिनों के लिए होम क्वारेंटाइन कर दिया है। कोर्ट को सेनिटाइज करवाने के बाद सील कर दिया है।
वहीं, जेल के 9 बंदियों को अंदर ही क्वारेंटाइन किया है। बता दें कि जेल में शुक्रवार रात को 9 मुलाजिमों व 9 बंदियों के सैंपल लिए थे। जेएसमआईसी कोर्ट व महिला थाना के क्वारेंटाइन्स की सैंपलिंग होनी है। बार एसोसिएशन के प्रधान मोहित अरोड़ा ने बताया कि जज व स्टाफ को क्वारेंटाइन किया गया है। कोरोना से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां बरत रहेे हैं।
महिला थाना: पंचायतों को लौटाया, होम क्वारेंटाइन की दी नसीहत
महिला थाना में शनिवार व रविवार को कम पंचायतें आती हैं। ऐसे में दुष्कर्म का आरोपी कोरोना संक्रमित होने के कारण शनिवार को थाने में आईं विरुद्ध मामलों संबंधित दो-तीन पंचायतें को लौटा दिया। इसके अलावा जो पंचायतें आनी हैं उनसे संपर्क करके नहीं आने के लिए कहा है। थाना परिसर को पूरी तरह खाली करवाकर सेनिटाइज करवाया है। आरोपी के संपर्क में रही जांच अधिकारी सहित 4 कर्मियों को होम क्वारेंटाइन किया। वहीं, दुष्कर्म पीड़िता का पता लगाकर उसे भी क्वारेंटाइन करके पुन: सैंपल लिया जाएगा। इसके अलावा तमाम कर्मियों को परिजनों को संक्रमण से बचाने के लिए आइसोलेट की सलाह दी है। घर में अलग कमरे में रहने के लिए कहा है ताकि बचाव सुनिश्चित हो। इसके अलावा एक-दो दिन में मुलाजिमों की सैंपलिंग होगी।
पार्षद ग्रोवर ने 4 घंटे में तलाशी कोरोना रोगी के घर काम करने वाली मेड
सेक्टर 13 में मुंबई से आए कोरोना पॉजिटिव असि. कोर्डिनेटर के घर में काम करने वाली मेड को पार्षद अमित ग्राेवर ने एमपीएचडब्ल्यू नूर मोहम्मद सहित अन्य कर्मियों के सहयोग से तलाश लिया। 4 घंटों की छानबीन के बाद मेड सेक्टर 16-17 स्थित झुग्गी में मिली। वह कई घरों में काम करती है। ग्रोवर ने हेल्थ अफसरों को मामले की जानकारी दी। बताया कि मेड की स्वास्थ्य जांच होनी जरूरी है। ऐसा होने से कोरोना को कम्युनिटी में फैलने से रोका जा सकता है। इसके बाद बायोलॉजिस्ट डॉ. रमेश पूनिया मौके पर पहुंचे। उनके सहयोग से सैंपलिंग के लिए सिविल अस्पताल से टीम को बुलाया गया। महिला का सैंपल लेकर होम क्वारेंटाइन किया है। वहीं, ग्रोवर का कहना है कि जिन इलाकों में पॉजिटिव केस मिले हैं वहां पर सेनिटाइजेशन के नाम पर खानापूर्ति हो रही है। इतना ही नहीं पहले तो केस मिलने के तुरंत बाद गली-मोहल्ला सेनिटाइज होता था लेकिन अब तीन दिन बाद सुध ले रहे हैं।
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