नई गाइड लाइन से रतिया के पांच हजार से ज्यादा किसानों को राहत, अब लगा सकेंगे धान की फसल

प्रदेश सरकार व कृषि विभाग द्वारा जारी नई गाइड लाइन से क्षेत्र के 5 हजार से अधिक किसानों को धान की रोपाई से राहत की उम्मीद जगी है। सरकार ने पंचायती जगह पर धान लगाने के लिए 35 मीटर व निजी जगह के लिए 40 मीटर गहरे पानी की शर्त रखी है।घग्गर, भाखड़ा, रंगोई व अन्य नहरों के आसपास का वाटर लेवल काफी ऊंचा है। कुछ जगह पर तो वाटर लेवल तीस मीटर गहरा है। हालांकि सरकार ने हाइड्रोलॉजिस्ट व ग्राउंड वाटर लेवल विभाग से साल 2019 की वाटर लेवल रिपोर्ट मांगी है जिसमें रतिया का वाटर लेवल 41.43 बताया गया है। वाटर लेवल की जांच को लेकर हर साल मानसून से पहले व बाद में केंद्रीय हाइड्रोलॉजिस्ट व ग्राउंड वाटर लेवल विभाग चंडीगढ़ व भूजल विभाग हरियाणा की हिसार टीम भू जल लेवल को मापती है। दोनों टीमें अपनी अपनी रिपोर्ट केंद्र व प्रदेश सरकार को देती है।

वाटर लेवल की सूची जारी :

धान रोपाई मामले को लेकर नई वाटर लेवल सूची जारी कर गई है। जिसमें अलीका का वाटर लेवल 27 मीटर, नंगल में 31.10, बादलगढ़ में 31.70,कलोठा में 33.90, सरदारेवाला में 34 मीटर, जल्लोपुर,दादूपुर, ढाणी दादूपुर में वाटर लेवल 33 मीटर के करीब बताया है। हाइड्रोलॉजिस्ट व ग्राउंड वाटर लेवल विभाग के अनुसार वाटर लेवल को मापने के लिए बोर लगे हुए है। एक बोर से जमीनी पानी का माप लेकर आसपास के 20 किलोमीटर के क्षेत्र को उसी हिसाब से कवर कर उसके भूजल की रिपोर्ट तैयार की जाती है। रिपोर्ट में रतिया के 9 गांवों की ही सूची जारी की गई है जिसमें वाटर लेवल 27 से 34 मीटर बताया है। जबकि सौत्र के गांवों में वाटर लेवल नीचे खिसका है। नई गाइड लाइन से नाली पार के गांवों के किसानों को राहत मिल सकती है।

16 हजार हेक्टेयर में लगा सकेंगे धान

रतिया में कुल 32 हजार हेक्टेयर में धान की रोपाई होती है। सरकार ने 16 हजार हेक्टेयर में धान की रोपाई न करने की अपील की है। क्षेत्र में 7 हजार किसान धान की रोपाई करते है। ऐसे में बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र के करीब 5 हजार किसानों को इसका फायदा मिल सकता है। वैसे भी किसानों को सरकार की अाेर से धान न लगाने की अपील की गई है व किसानों के लिए स्वैच्छिक कहा है जबकि पंचायती भूमि पर धान न लगाने की हिदायत दी है।

नई गाइड लाइन जारी हो गई है-उप निदेशक

कृषि उपनिदेशक राजेश सिहाग ने कहा कि नई गाइड लाइन जारी हो गई है। पंचायती जमीन के लिए 35 मीटर व आम किसानों के लिए 40 मीटर तक की शर्त रखी है। जहां इससे गहरा पानी है वहां 50 फीसदी में धान लगेगा। धान न लगाने पर पंचायत को 75 सौ व किसान को 7 हजार रुपये प्रति एकड़ मिलेंगे।

हमने सरकार को रिपोर्ट सौंप दी है-हाईड्रोलिस्ट
हाईड्रोलिस्ट व ग्राउंड वाटर लेवल विभाग हिसार के हाइड्रोलॉजिस्ट राकेश कुमार ने कहा कि सरकार ने हमसे रतिया के वाटर लेवल की रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट जून 2019 के आधार पर सौंपी गई है जिसमें रतिया का वाटर लेवल 41.43 मीटर है। साल 2020 की सूची तैयार करने के लिए टीमें लगा दी है।



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More than five thousand farmers of Ratia get relief from new guide line, now they will be able to plant paddy crop


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