ट्रेनों के चलने की घोषणा होने के साथ ही यात्रियों को अपने कुशल पूर्वक घर पहुंचने की उम्मीद जग गई है। खासकर जाखल में इस समय पिछले 2 महीनों से फंसे कश्मीरियों के अलावा यूपी, बिहार व मध्यप्रदेश में जाने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है।
जाखल के वार्ड नंबर 9 नई बस्ती में कश्मीर से 10 लोग यहां पर पिछले 2 महीनों से फंसे हुए हैं। जो कि यहां पर गर्म कपड़े बेचने का काम करते हैं। यह लोग मार्च महीने में ही वापस रवाना हो जाते हैं लेकिन इस बार लॉकडाउन के कारण यहीं पर इन्हें रूकना पड़ा। जिसके बाद पिछले पौने दो महीनों से अपने घर पहुंचने की आस में बैठे यह लोग अब ट्रेनों के चलने के साथ ही अपने घर पर पहुंचने के लिए प्रबंध करने में जुट गए हैं। अपने घर पर जम्मू-कश्मीर में पहुंचने के लिए यह लोग ट्रेनों में बुकिंग करवाने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन फिलहाल रेलवे की साइट बंद होने के कारण निराशा मिल रही है। जाखल में फंसे अली मोहम्मद लोन, मुख्तार लोन ने बताया कि उन दोनों के अलावा उनके आठ अन्य सदस्य हैं जो पिछले 2 महीनों से यहां पर बिना किसी कामकाज के रह रहे हैं।
जाखल में फंसे इन कश्मीरियों को लेकर वार्ड पार्षद 9 के विक्रम सैनी ने कहा कि इन कश्मीरियों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए जहां जिला प्रशासन के पास मांग पत्र भेजा हुआ है वहीं जम्मू कश्मीर प्रशासन के अधिकारियों को भी इस मामले में संज्ञान लेते हुए यहां पर फंसे 10 लोगों को निकालने के लिए अनुमति देने की मांग की हुई है। लेकिन फिलहाल उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला है।
जाखल से अभी कोई ट्रेन नहीं
जाखल रेलवे स्टेशन अधीक्षक सुनील कुमार दत्त ने बताया कि फिलहाल नई दिल्ली से ही ट्रेनों के चलने की जानकारी दी जा रही है। जाखल से अगर कोई भी ट्रेन इस प्रकार से चलाई जाती है तो इसके लिए सूचना जारी कर दी जाएगी।
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