विद्यानगर निवासी शिक्षक, उसकी बेटी व बेटा मिले पॉजिटिव, गली सील कर करवाई मुनादी, कोई भी व्यक्ति बहुत जरूरी हो तभी बाहर निकले

विद्यानगर निवासी एक शिक्षक, उसकी बेटी व बेटा तीनों ही के कोरोना पॉजिटिव मिलने से प्रशासन व नागरिकों में हड़कंप मच गया। प्रशासन ने जहां तीनों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया, वहीं उनकी गली को भी बंद कर दिया है तथा लोगों को घरों से बाहर नहीं निकलने की मुनादी करवा दी है। शिक्षक मृतक बीएसएफ जवान का पड़ोसी है और बताया जाता है कि मृतक की रिपोर्ट पॉजिटिव है, लेकिन सीएमओ ने कहा है कि उनके पास सरकार की अभी तक कोई सूचना नहीं आई है।
विद्यानगर निवासी कोरोना संक्रमित बीएसएफ जवान की पांच दिन पहले दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इसके कारण स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार विद्यानगर में सर्वे अभियान चलाए हुए हैं और अभी तक 685 घरों में 3046 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। सात मई को कालोनी से विभाग ने 46 लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे थे। जिनमें से शिक्षक व उसके दो बच्चों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है।

रिपोर्ट आते ही मचा हडकंप

जैसे ही रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को मिली तो हड़कंप मच गया। एंबुलेंस काफिले के साथ कोविड टीम विद्यानगर की तरफ रवाना हुई। जिस रास्ते से टीम गुजरी तो नागरिकों को लगा कि कहीं कोई संदिग्ध मिल गया है। टीम सीधे शिक्षक के घर पहुंची तथा वहां पर शिक्षक, उसकी बेटी व बेटे को रिपोर्ट के बारे अवगत करवाया तथा अस्पताल चलने को कहा। तीनों को पूछताछ के बाद अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में दाखिल कर दिया।

चेन तोड़ना हो जाएगा मुश्किल

कोविड टीम शिक्षक से उसकी ट्रेवल हिस्ट्री के बारे पूछताछ कर रही है लेकिन शिक्षक एक ही बात पर अडिग है कि वह किसी से भी नहीं मिला। इतना ही नहीं शिक्षक ने बीएसएफ जवान के संपर्क में आने की बात से इंकार किया है। कोरोना संक्रमित जेबीटी शिक्षक की बातों पर विश्वास करना आसान नहीं है। अगर शिक्षक ने संपर्क में आए लोगों के बारे में नहीं बताया या वह जिन लोगों के संपर्क में आया उन्हें चिंहित करना मुश्किल हो जाएगा।

ये बताया शिक्षक ने

कोविड-19 टीम जब शिक्षक व उसके बच्चों को लेकर सिविल अस्पताल में पहुंची तो एबुंलेंस से उतरने के बाद टीम के नोडल ऑफिसर डॉ. राजेश ने जेबीटी शिक्षक कोरोना पॉजिटिव मरीज से उसकी ट्रेवल हिस्ट्री के बारे में जानने का प्रयास किया लेकिन शिक्षक ने इतना ही बताया कि वह 19 अप्रैल को दिल्ली से अपने घर आया था।

ये हुई बातचीत

  • डॉ. राजेश ने कोरोना संक्रमित जेबीटी शिक्षक सतीश से पूछा की ट्रेवल हिस्ट्री बताए।
  • शिक्षक ने कहा वह 19 अप्रैल को अपनी पत्नी को रिश्तेदार के घर दिल्ली छोड़कर वापस घर आया था।
  • डॉ. राजेश ने पूछा 19 अप्रैल के बाद कहा-कहा गए थे।
  • शिक्षक ने कहा वह कही नहीं गया।
  • डॉ. ने पूछा क्या कहीं भी नहीं गए।
  • इस पर शिक्षक ने कहां वह कही नहीं गया।
  • डॉ. ने कहा क्या 20 दिन से घर से बाहर ही नहीं निकले।

शिक्षक ने कहा नहीं 20 दिन से घर से बाहर नहीं निकला

इस पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी को शिक्षक की बात पर पूर्ण विश्वास नहीं हुआ है। -डॉ. राजेश ने पूछा कालोनी निवासी मृतक बीएसएफ जवान के संपर्क में कभी आए थे तो शिक्षक ने कहा कि कभी संपर्क में नहीं आया।

बीएसएफ जवान शिक्षक का अच्छा दोस्त था

बीएसएफ जवान परिवार व शिक्षक के बीच घरेलू संबंध बताए जाते हैं। मृतक जवान 19 अप्रैल को दिल्ली से अपने घर आया था तो जेबीटी शिक्षक भी 19 अप्रैल को दिल्ली से अपने घर विद्यानगर आया था। शिक्षक दिल्ली में अपनी ससुराल अपनी पत्नी काे छोड़कर आया था। आशंका जताई जा रही हैं कि जेबीटी शिक्षक इस दौरान कोरोना संक्रमित बीएसएफ जवान के संपर्क में आया हो क्योंकि शिक्षक का मकान भी बीएसएफ जवान के मकान के पास ही है। एक सप्ताह पहले बीएसएफ जवान की दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई थी। मौत के बाद बीएसएफ जवान की कोरोना संबंधित दूसरी रिपोर्ट आई तो उसके कोरोना पॉजिटिव आई थी लेकिन स्वास्थ्य विभाग के पास लिखित में सरकार की तरफ से इस तरह की सूचना नहीं आई है।

शिक्षक ने सहयोग नहीं किया तो स्वास्थ्य विभाग के लिए विद्यानगर में कोरोना चैन तोड़ना होगा मुश्किल

शिक्षक ने अपनी ट्रेवल हिस्ट्री बताने में स्वास्थ्य विभाग का सहयोग नहीं किया तो विद्यानगर व आसपास की कालोनियों में कोराेना की चैन को तोड़ना मुश्किल हो जाएगा। स्वास्थ्य विभाग को आशंका है कि शिक्षक पूरी जानकारी नहीं दे रहा है। ये कहना है डॉ. राजेश का कोविड-19 टीम के नोडल अधिकारी डॉ. राजेश ने बताया कि विद्यानगर में टीम ने सात मई को 46 लोगों के कोरोना संबंधित सैंपल लिए थे। जिनके सैंपल जांच के लिए रोहतक पीजीआई भेजे गए थे। रविवार को शिक्षक व उसके दो बच्चों की सैंपल रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है। तीनों को आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है और उपचार आरंभ कर दिया गया है। शिक्षक 19 अप्रैल को दिल्ली से आया था। शिक्षक की 20 दिन की ट्रेवल हिस्ट्री पता करने का प्रयास किया जा रहा हैं। हालांकि विभाग की टीम एक सप्ताह से लगातार विद्यानगर में स्क्रीनिंग अभियान चलाए हुए है। विद्यानगर क्षेत्र को कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित किया जाएगा।

जिले में अब तक आठ आए पॉजिटिव

जिले में इनके साथ ही आठ पॉजिटिव हो गए हैं, जिनमें से चार ठीक हो चुके हैं व एक की मौत हो चुकी तथा तीन आइसोलेशन वार्ड में दाखिल हैं। ठीक होने वालों में संडवा, मानहेरू, रोहणात व भारत नगर के शामिल हैं, जबकि विद्यानगर निवासी बीएसएफ जवान की मौत हो चुकी हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के पास बीएसएफ जवान की रिपोर्ट नहीं पहुंची है। तीन पॉजिटिव को आइसोलेशन में भर्ती किया गया है।

शिक्षक ने कहा नहीं 20 दिन से घर से बाहर नहीं निकला

एक ही परिवार के तीन पॉजिटिव की पुष्टि करते हुए बताया कि उनके पास अभी तक बीएसएफ जवान की रिपोर्ट नहीं आई है। वह ऐसे में किस तरह कह सकते हैं कि रिपोर्ट निगेटिव आई थी या पॉजिटिव।'' -डॉ. जितेंद्र कादयान, सीएमओ।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Vidyanagar resident teacher, her daughter and son were found positive, Munadi sealed the street, any person must leave only when necessary


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3dCS8hZ
via IFTTT