राज्य में कोरोना संक्रमण से पुरुषों के मुकाबले में महिलाएं ज्यादा सुरक्षित हैं। क्योंकि पुरुष ज्यादा बाहर निकलते हैं। संक्रमण से बचने के लिए घर पर ज्यादा रहें। महिलाएं घरों से बाहर कम जाती हैं। महिलाएं कम संक्रमित हुई हैं, उनमें कई परिवार के किसी सदस्य के बाहर से संक्रमण होने की वजह से कोरोना से पीड़ित हुई हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रदेश में 10635 केसों के किए गए विश्लेषण के अनुसार राज्य में 68.36 फीसदी संक्रमित मरीज पुरुष हैं। जबकि 33.64 प्रतिशत महिलाएं कोरोना संक्रमित हुई हैं। एक ट्रांसजेंडर भी संक्रमित हो चुका है। हालांकि डेथ रेट भी संक्रमण के अनुसार लगभग बराबर है। विभाग की ओर से 160 मौतों का विश्लेषण किया गया है। इनमें 68.13 फीसदी पुरुष और 31.87 फीसदी महिलाएं हैं।
फरीदाबाद में न जांच रिपोर्ट मिल रही, न होम क्वारेंटाइन वालों का हो रहा टेस्ट, कंट्रोल रूम में पहुंच रहीं शिकायतें
शहर में जैसे जैसे कोरोना का कहर बढ़ता जा रहा है स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही भी उसी गति से बढ़ती जा रही है। किसी को कोरोना का टेस्ट कराने के बाद रिपोर्ट नहीं मिल रही तो होम क्वारेंटाइन में रहने वाले लोगों का दोबारा टेस्ट नहीं कराया जा रहा। परेशान लोग प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग के कंट्रोल रूम में फोन कर मदद की गुहार लगा रहे लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। संक्रमण की बढ़ती रफ्तार के साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने अब लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया है।
ऐसे में लोग कोरोना के संक्रमण से कैसे बच पाएंगे इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम में रोज 75 से 80 कॉल आ रहीं। 20% लोगों की शिकायत है कि उन्होंने कोविड-19 का टेस्ट कराया है, लेकिन रिपोर्ट नहीं आई है। होम क्वारेंटाइन लोगों को दोबारा टेस्ट नहीं हो रहा है।
केस-1 : होम क्वारेंटाइन में परिवार, दोबारा टेस्ट नहीं
बल्लभगढ़ की सुभाष कॉलोनी निवासी एक परिवार संक्रमित पाया गया। एक महिला ने 15 दिन पहले बेटे को जन्म दिया। जांच में पति, पत्नी और बेटा तीनों संक्रमित पाए गए। इसके बाद उन्हें होम क्वारेंटीन कर दिया गया, लेकिन 10 बाद दोबारा उनका टेस्ट नहीं कराया गया।
परिवार ने 3 दिन पहले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी को फोन कर दोबारा टेस्ट कराने की गुजारिश की थी, लेकिन डॉक्टर तैयार नहीं हैं। 1 की ही दवा भिजवाकर बाकी 2 दवा बाहर से मंगाने के लिए कह दिया गया।
केस-2: मां संक्रमित, सभी होम क्वारेंटीन, टेस्ट किसी का नहीं
रोशन नगर अगवानपुर निवासी अजय श्रीवास्तव के अनुसार उनके पड़ोस में रहने वाली एक महिला कोरोना संक्रमित पाई गई। उसे 17 जून को अस्पताल में भर्ती किया गया। उनके 6 बच्चों को घर में ही होम क्वारेंटीन कर दिया गया। लेकिन किसी का टेस्ट अभी तक नहीं कराया गया।
यहीं नहीं लापरवाही का आलम यह है कि अभी तक उस गली को सील तक नहीं किया गया। घर में दो से 14 साल तक के बच्चे हैं। पड़ोसी किसी तरह बच्चों के लिए खाने और दूध की व्यवस्था कर रहे हैं।
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