वायरस को हराकर फिर सेवा में जुटे संक्रमित डॉक्टर और नर्स, बोले- अब हमें पता है हिम्मत से हारता है कोरोना

काेराेना से लड़ाई मेंफ्रंट लाइन पर खड़े कोरोना वॉरियर डॉक्टर और हेल्थ वर्कर्स संक्रमित होने के बाद अब स्वस्थ होकर दाेबारा ड्यूटी के लिए तैयार हैं। पीजीआई में 19 हेल्थ वर्कर्स कोराेना संक्रमित होने के बाद स्वस्थ होकर दोबारा ड्यूटी पर लौट चुके हैं। करीब 14 दिन के क्वारेंटाइन में रहने के बाद ये इस बीमारी को भली-भांति महसूस कर चुके हैं और खुद को पहले से ज्यादा मजबूत महसूस कर रहे हैं।

अब इन्हें पता है कि दोबारा यदि वे संक्रमण की चपेट में आते हैं तो उन्हें कैसे स्वस्थ होना है और दूसरों को खुद को उदाहरण देते हुए कैसे प्रेरित करना है। आत्मविश्वास से लबरेज कोविड 19 के स्टेट नोडल अधिकारी और अन्य स्टाफ से बताया कि सबसे बड़ी बात है बीमारी से ग्रस्त होने के बाद व्यक्ति को हिम्मत नहीं हारनी चाहिए।

कोविड 19 के नोडल अधिकारी और पीजीआई के सीनियर प्रोफेसर डॉ. ध्रुव चौधरी की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद वो भी सोमवार से दोबारा कोविड मरीजों की सेवा की जिम्मेदारी संभालेंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना मरीज तनाव न लें। बस गाइडलाइन का पालन करते हुए अपनी इम्युनिटी बढ़ाएं। डॉ. ध्रुव ने पॉजिटिव रहते हुए ऑनलाइन न केवल स्टाफ मेम्बर्स को गाइड किया बल्कि लोगों को भी जागरूक करते रहे।

जिस वार्ड में सेवा की, वहीं भर्ती होना पड़ा
पीजीआई में स्टाफ नर्स ज्योति बताती हैं कि वो 30 मई 2020 का दिन कभी नहीं भूल पाएंगी क्योंकि इसी दिन उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। 18 से 24 मई तक कोरोना मरीजों के लिए बने आइसोलेशन वार्ड नंबर 24 में पीपीई किट पहनकर ड्यूटी दे रही थीं। क्वॉरेंटाइन में रहते हुए पांच दिन बाद 30 मई को फिर सैंपल टेस्ट कराया तो रिपोर्ट पॉजीटिव आ गई। बिना लक्षण के सैंपल टेस्ट रिपोर्ट पाॅजिटिव आने के बाद तनाव हो गया था।

तीन दिन तक परिजनों को नहीं बताया कि कहीं वो तनाव में न आ जाएं। कोविड 19 में ड्यूटी तय होते ही चार साल के बेटे को चरखी दादरी स्थित ससुराल में भेज दिया और राजस्थान पुलिस में बतौर कांस्टेबल पति अनिल कुमार सेवाएं देते रहे। उन्हें उम्मीद नहीं थी कि जिस वार्ड में वो मरीजों की सेवा कर रही हैं, उसी में आकर उन्हें 7 दिन तक खुद मरीज की तरह भर्ती रहना होगा। सात दिन के आइसोलेशन में उन्होंने इम्युनिटी बढ़ाने वाले देसी नुस्खे अपनाए। अब मैं दूसरी काम पर लौट आई हूं।

5 डॉक्टर व 7 स्टाफ नर्स ठीक होकर काम पर लौटीं
कोविड 19 कंट्रोल रूम के प्रभारी एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. वरुण अरोड़ा ने बताया कि करीब 30 संक्रमित स्टाफ में से अब तक पांच चिकित्सक, सात स्टाफ नर्स, तीन स्वीपर और अन्य स्टाफ के चार सदस्य स्वस्थ होकर ड्यूटी पर वापस लौट चुके हैं। ये सभी हेल्थ वर्कर पूरे आत्मविश्वास से लबरेज होकर कोरोना की लड़ाई जीतने के लिए सौ फीसदी योगदान देने में जुटे हैं। वहीं, झज्जर स्थित नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट में भी 5 स्टाफ नर्स कोरोना पॉजिटिव हुए हैं।

संक्रमित होने के बाद परिवार को नहीं बताया

डाॅ. विकास

पीजीआई आईसोलेशन वार्ड नंबर 24, 25 और 26 में कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज करने के दौरान मेडिसिन विभाग में पीजी चिकित्सक डाॅ. विकास काेराेना संक्रमित हुए। नौ जून को पाॅजिटिव रिपोर्ट आने के बाद थोड़ा तनाव में आ गए। कर्नाटक में रह रही फैमिली हर दूसरे दिन उनका हालचाल लेती थी। रिपोर्ट पॉजिटिव होने की जानकारी उन्होंने परिजनों को नहीं दी क्योंकि इससे परिजन भी तनाव में आ जाते।

तीन दिन बाद दोबारा टेस्ट कराने पर रिपोर्ट निगेटिव आने पर राहत मिली। इसके बाद हाॅस्टल में क्वाॅरेंटाइन में रहे और 15 जून को वापस आकर कोरोना मरीजों की सेवा के लिए ड्यूटी ज्वाइन की। उन्होंने बताया कि उनकी लाइफ स्टाइल में सुबह और शाम को फिजिकल वर्कआउट शामिल हो गया है। डाइट पर विशेष फोकस रहता है। वार्ड में संक्रमित मरीजों को बीमारी से जीतने के लिए प्रेरित करते रहते हैं।



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पीजीआई स्टाफ नर्स ज्योति ।


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