प्रथम श्रेणी क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले राजेंद्र गोयल का निधन, लाइफटाइम एचीवमेंट से नवाजा जा चुका

रणजी में 637 विकेट व प्रथम श्रेणी में 750 विकेट लेने वाले हरियाणा के स्टार क्रिकेटर राजेंद्र गोयल का 77 वर्ष की उम्र में कैंसर से निधन हो गया। लेफ्ट आर्म स्पिनर के रूप में पहचान बनाने वाले गोयल रोहतक के सेक्टर 2 में रहते थे। गोयल पिछले 2 वर्ष से बीमार चल रहे थे। इससे पहले 75 वर्ष की उम्र तक वे क्रिकेट में सक्रिय रहे। वे डीपीएस स्कूल में बच्चों को क्रिकेट के टिप्स भी देते थे। सोमवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

राजेंद्र गोयल के निधन की खबर क्रिकेट जगत में फैलते ही उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई। हरियाणा के नरवाना में 20 सितंबर 1942 को जन्में गोयल पटियाला, पंजाब, हरियाणा तथा दिल्ली का प्रतिनिधित्व कर चुके थे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष रणबीर सिंह महेंद्रा व पूर्व मंत्री कृष्णमूर्ति हुड्‌डा ने उनके निधन पर दुख प्रकट किया।

लाइफटाइम एचीवमेंट से नवाजा जा चुका
इतने बड़े रिकॉर्ड के बावजूद हालांकि राजेंद्र गोयल को कभी भारतीय टीम का हिस्सा बनने का अवसर नहीं मिल पाया, लेकिन उनकी गिनती हमेशा भारत के शानदार स्पिन गेंदबाजों में होती थी। गोयल ने एक अनौपचारिक मैच में 1979-80 में 9 विकेट भी लिए थे। वर्ष 2017 में भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान के लिए बीसीसीआई ने सीके नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से नवाजा था।

वे इंटर डिस्ट्रिक्ट मैच तक देखने पहुंचते थे
राजेंद्र गोयल के निधन पर बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष रणबीर सिंह महेंद्रा ने कहा कि यह क्रिकेट जगत के लिए बड़ी क्षति है। गोयल श्रेष्ठ गेंदबाजों में से एक थे। उनके द्वारा रणजी ट्राॅफी में ली गई 637 विकेट तथा प्रथम श्रेणी में कुल 750 विकेट इसका उदाहरण हैं। रिटायरमेंट के बाद भी क्रिकेट के प्रति उनका जज्बा लाजवाब था। अच्छे खिलाड़ी की तलाश के लिए वे इंटर डिस्ट्रिक का मैच तक देखने जाते थे। भारतीय क्रिकेट बोर्ड के पूर्व कोषाध्यक्ष अनिरूद्ध चौधरी ने भी राजेंद्र गोयल के निधन पर शोक प्रकट किया।



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राजेंद्र गोयल का फाइल फोटो ।


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