रविवार को इस सदी के आखिरी वलयाकार सूर्यग्रहण पर ब्रह्मसरोवर तट पर खास धार्मिक अनुष्ठान हुआ। विश्व शांति और कोरोना महामारी की मुक्ति के लिए करीब साढ़े तीन घंटे तक ब्रह्मसरोवर के तट मंत्रोच्चारण से गूंजते रहे। हालांकि मेला रद्द रहा। आम लोगों को सरोवरों पर नहीं जाने दिया गया।
ब्रह्मसरोवर पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान की अगुवाई गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज, गुरु शरणानंद महाराज में हुआ। हवन यज्ञ के लिए बाकायदा गंगा घाट पर एसी पंडाल लगाया गया। तीन कुंडों में विश्व शांति व अर्थव्यवस्था मजबूती के लिए श्री यज्ञ, राहू यज्ञ और सूर्य उपासना को लक्ष्मी नारायण यज्ञ हुआ। जैसे ही सूर्यग्रहण का स्पर्श शुरू हुआ तो महान संतों ने सर्वप्रथम गणेश अथर्व शीर्ष पाठ का जाप शुरू किया।
वैज्ञानिकों ने अध्ययन, संतों ने किया हवन | इस सूर्य ग्रहण पर दो मीटर लम्बी नीली लाइन भौरसैंदा व ब्रहमसरोवर के पास से गुजरी। हरियाणाा विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी विभाग और केंद्र के वैज्ञानिकों की तरफ से टेलीस्कोप लगाया गया। प्रौद्योगिकी विभाग के महानिदेशक प्रवीण कुमार, केंद्र से वैज्ञानिक अमृतांशु वाजपेयी, स्वपीनल रस्तोगी,पुष्कर पाठक, डॉ. सझर्ष राव आदि की टीम ने कई तरह की रिसर्च की।
200 से ज्यादा शामिल, किया दंडवत प्रणाम
सूर्यग्रहण पर विशेष अनुष्ठान के लिए 200 से ज्यादा लोगों को शामिल होने की अनुमति मिली। रविवार को कुरुक्षेत्र में सूर्यग्रहण का मुख्य केन्द्र था। ऐसे में कई संत बाहर से पहुंचे। सुबह 10 बजकर 20 मिनट से लेकर दोपहर 1 बजकर 47 मिनट तक सूर्यग्रहण का प्रभाव रहा।
इस सूर्यग्रहण के महत्व को देखते हुए कार्षिण पीठाधीश्वर स्वामी गुरु शरणानंद महाराज, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, पथमेहड़ा गाेशाला के संघ दथ शरणानंद महाराज, स्वामी राजेन्द्र दास महाराज सहित अन्य संत जन ब्रह्मसरोवर के गंगा घाट पर पहुंचे। यहां पहुंचने पर सबसे पहले सभी संतजनों ने ब्रहमसरोवर के तट पर पहुंचकर दंडवत प्रणाम किया। सरोवर की पूजा की। इसके पश्चात स्नान किया।
टेलीस्कोप से हुआ लाइव प्रसारण | हरियाणा विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी विभाग की तरफ से तट पर टेलीस्कोप लगाया गया। सूर्यग्रहण के अदभुत दृश्यों को संतों ने भी देखा। विभाग की तरफ से सोशल मीडिया पर इसका लाइव प्रसारण किया गया। इसके पश्चात जैसे ही सूर्यग्रहण का 10 बजकर 20 मिनट पर स्पर्श का समय हुआ तो सभी संत महात्मा गंगा घाट पर पहुंचे और विश्व शांति पाठ का जाप शुरू किया।
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