मेडिकल स्टोर संचालक बेच रहा 490 रुपए का मास्क, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारा तो संचालक नहीं दे पाया खरीद के बिल, स्टोर सील

{स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सूचना के बाद शहर के बावल चौक स्थित मेडिकल स्टोर पर की कार्रवाई
{खरीद के भी बिल नहीं मिलने पर की गई कार्रवाई


कोरोना वायरस की आड़ में सेनिटाइजर व मास्क की कालाबाजारी पर अंकुश के लिए सरकार द्वारा इसे जरूरी वस्तु अधिनियम में शामिल किए जाने के बाद रविवार को शहर में पहली कार्रवाई की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 490 रुपए में मास्क की बिक्री करने और बगैर बिल सेनिटाइजर बिक्री के आरोप में शहर के बावल चौक स्थित शुभ‌्म मेडिकल स्टोर को सील कर दिया। विभाग की इस कार्रवाई से मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप मच गया।

सूचना के बाद तुरंत कार्रवाई

कोरोना वायरल को लेकर जिला प्रशासन की तरफ से हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं और इसके अतिरिक्त मास्क के लिए रेट निर्धारित करते हुए शहर में 13 मेडिकल स्टोर तय किए हैं। रविवार को स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली थी कि शहर के बावल चौक स्थित एक मेडिकल स्टोर संचालक द्वारा काफी महंगे दामों पर मास्क दिए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त सेनिटाइजर भी प्रिंट रेट पर देकर इसका बिल भी नहीं दिया जा रहा है। आवश्यक वस्तु अधिनियम में इन दोनों के शामिल होने के बाद सेनिटाइजर को प्रिंट रेट पर तो बेचा जा सकता है लेकिन इसके बिल जरूरी है। सूचना के बाद ड्रग कंट्रोलर अमनदीप चौहान व डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. विजयप्रकाश की अगुवाई वाली टीम बावल चौक स्थित शुभम मेडिकल स्टोर पर पहुंची। टीम में शामिल अधिकारियों ने जब यहां से मास्क खरीदा तो स्टोर संचालक ने उसके लिए 490 रुपए मांगे और बिल नहीं दिया। इसके अलावा सेनिटाइजर भी प्रिंट रेट पर दिया गया लेकिन उसका बिल भी नहीं दिया। टीम ने अपने स्तर पर जांच करने के बाद मेडिकल स्टोर संचालक से मास्क व सेनिटाइजर के बिल मांगे तो वह बिल भी प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके अतिरिक्त खरीदे हुए सामान का भी बिल नहीं देने को गंभीरता माना गया। इसके बाद विभाग की टीम ने ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत मेडिकल स्टोर को सील कर दिया।

रोडवेज बसों में प्रतिदिन हजारों की संख्या में करते हैं लोग सवारी


हरियाणा रोडवेज रेवाड़ी डिपो की बसों में प्रतिदिन करीब हजारों की संख्या में लोग सफर करते हैं, सफर के दौरान अपने राज्य से बाहर दूसरे राज्यों में भी जाते हैं। बसों में सफर करने वाली सवारियों को किसी तरह की परेशानी ना हो, इसलिए सेनेटाइज करवाने के आदेश दिए है। जिले में मास्क, सेनिटाइजर व बचाव के लिए अन्य आवश्यक उपकरणों की भी कोई कमी नहीं है।


इंडोनेशिया से आया दंपत्ति टेस्ट को पहुंचा सिविल अस्पताल भर्ती होने की बात पर हो गए गायब, फिर तलाशकर की जांच

रेवाड़ी | काेरोना वायरस के बीच नागरिक अस्पताल में एक अजीब वाकया भी सामने आया, जब स्वास्थ्य कर्मियों में हड़कंप मच गया। हुआ यूं कि इंडोनेशिया की यात्रा से एक दंपति लौटा था। बताया गया कि जब वे सिविल अस्पताल में कोरोना वायरस की जांच के लिए पहुंचे तो वहां भर्ती होने की बात कहने पर वे अचानक गायब हो गए। दंपत्ति के गायब होने पर स्वास्थ्य विभाग में भी हड़कंप मच गया। बाद में दंपत्ति को तलाश किया गया और उनकी जांच की तो प्रारंभिक जांच में कोई लक्षण नहीं पाए गए। फिलहाल उनको घर पर ही आइसोलेशन में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिला के रहने वाले एक दंपति कुछ दिन पहले ही इंडोनेशिया की यात्रा पर गए थे। वहां से लौटने पर एयरपोर्ट पर भी जांच हुई और उसके बाद वे अपने घर आ गए। बताया गया कि महिला को खांसी-जुकाम की शिकायत होने पर शनिवार शाम के समय वे जांच कराने के लिए सिविल अस्पताल पहुंच गए। वहां जब टीम ने भर्ती होने की बात कही तो इसी दौरान वे दोनों अचानक गायब हो गए। दंपत्ति के अचानक चले जाने से स्वास्थ्य विभाग में भी हड़कंप मच गया। विभाग की टीमों ने इसके बाद सर्च अभियान चलाया। कई देर बाद में उनका पता लग पाया और तब ही उनके टेस्ट किए गए।

इधर, डिप्टी सिविल सर्जन एवं नोडल अधिकारी डॉ. विजयप्रकाश का कहना है कि फिलहाल प्रारंभिक जांच के दौरान उनमें कोई लक्षण नहीं मिले हैं। लेकिन उनको घर पर ही आइसोलेशन में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों की एक टीम उन पर निगरानी रखेगी। उन्होंने यह भी बताया कि जिला में अभी तक कोरोना से पीड़ित कोई मामला नहीं आया है। जितने भी सैंपल अब तक जांच के लिए भेजे गए, वे सभी नेगेटिव मिले हैं।

कोरोना अलर्ट; रोडवेज की बसों में सफाई पर विशेष ध्यान आज आ जाएगी सेनेटाइज का छिड़काव करने वाली मशीन

रेवाड़ी | कोरोना वायरस से निपटने के लिए भी रोडवेज विभाग भी अपनी तैयारी कर रहा है। रोडवेज प्रबंधन द्वारा वर्कशॉप में बसों की अच्छे से धुलाई करवाई जा रही है। वैसे तो मुख्यालय ने सभी जिलों के रोडवेज डिपो में बसों में सेनेटाइज करवाने के निर्देश दे दिए गए है, लेकिन रेवाड़ी डिपो में आज सेनेटाइज का छिड़काव करने वाली मशीन आ जाएगी। मशीन आने के बाद डिपो की सभी बसों के अंदर सेनेटाइज का छिड़काव करवा दिया जाएगा। वहीं कर्मचारियों को भी मास्क पहनने के आदेश दिए गए है। बसों के कंडक्टरों को सेनेटाइजर साथ रखना होगा, वे टिकट देने के बाद हाथ पर लगाकर संक्रमण से बचे रहेंगे। ऐसे में कर्मचारी भी इस वायरस के प्रभाव से दूर रहेंगे।


ड्रग्स एवं कॉस्मेटिक एक्ट के तहत की गई पहली कार्रवाई

कोरोना का कहर

अब लोगों की जरूरत पर कालाबाजारी

वाशिंग पाउडर से की जा रही है सफाई : कोरोना वायरस के मद्देनजर वर्कशॉप में आने वाली सभी बसों की धुलाई के साथ उनकी वाशिंग पाउडर से सफाई कराई जा रही है। जल्द ही हमारे पास सेनेटाइज की मशीन आ जाएगी, जिसके बाद बसों में उसका छिड़काव किया जाएगा। -राजेंद्र टीकला, यार्ड मास्टर।

अभी भी मनमाफिक कीमत ले रहे मेडिकल स्टोर संचालक : रविवार को कार्रवाई के बाद भी अभी तक मेडिकल स्टोर संचालक द्वारा मास्क की मनमानी कीमत वसूल की जा रही है। स्टोर संचालकों द्वारा इसका बिल नहीं दिया जाता है जिससे कीमत को लेकर भी कोई साफ दिशा-निर्देश नहीं है। ऐसे में अन्य दिनों में 5 से 10 रुपए में मिलने वाला मास्क अब 20 से 50 रुपए में मिल रहा है।

सील को छिपाने का किया गया प्रयास स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मेडिकल स्टोर को सील कर दिया गया उसके बाद भी लगाई सील को छिपाने का प्रयास किया। इस दौरान जब दोनों तालों पर लगाई सील के आगे सब्जियों के कैरेट में कचरा भरकर रख दिया ताकि किसी को सील नजर नहीं आई। इस दौरान फोटो लेने पर भी आपत्ति जताते हुए अभद्रता की गई।

हमें सूचना मिली थी कि जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है। आवश्यक वस्तु अधिनियम में इसको शामिल करने के इसकी कालाबाजारी पर रोक लगाने के तहत ही इस तरह के कदम उठाए जा रहे हैं। मेडिकल स्टोर संचालक द्वारा मास्क की कीमत 490 रुपए ली जा रही थी और सेनिटाइजर भी प्रिंट रेट पर देने के बाद बिल नहीं दिया गया। साथ ही उसकी तरफ से इन दोनों की खरीद के बिल भी पेश नहीं किए जा सके। तत्पश्चात मेडिकल स्टोर को सील करके उसे नोटिस दे दिया गया है। -डॉ. अमनदीप सिंह चौहान, ड्रग कंट्रोलर।

अब बिल देना है जरूरी

इन दोनों वस्तुओं के आवश्यक अधिनियम में शामिल किए जाने का मकसद ही इनकी कालाबाजारी पर रोक लगाना है। हालांकि इससे पहले मास्क इस श्रेणी में शामिल नहीं होने के कारण उस पर प्रिंट रेट नहीं होता था जिससे उसका बिल भी नहीं बनाया जा सकता है। कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए सरकार ने इस अधिनियम में तुरंत प्रभाव से बदलाव करते हुए इनके लिए प्रिंट रेट अनिवार्य कर दिया है। इसी तरह ग्राहक सेनिटाइजर खरीद का भी बिल ले सकता है,यदि कोई मेडिकल स्टोर संचालक बिल नहीं देता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त मास्क व सेनिटाइजर की खरीद से संबंधित बिलिंग प्रक्रिया को पूरा नहीं करने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

रेवाड़ी में अनियमितता पाए जाने पर बावल चौक पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा सील किया गया मेडिकल स्टोर।

कोरोना वायरस के प्रति सतर्कता के लिए बावल चौक पर मेडिकल स्टोर की जांच करते स्वास्थ्य विभाग की टीम।

कोरोना वायरस को लेकर रोडवेज वर्कशॉप में रुट से आई बस की वाशिंग करते कर्मचारी।



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