जिलाधिकारी नहीं रोक पा रहे कालाबाजारी, होम डिलीवरी में भी आ रही दिक्कतें, मजदूरों के लिए बनाए शेल्टर होम

हरियाणा. लॉकडाउन के दिन लगातार बीतते जा रहे हैं। लोग तो घरों में बैठने लगे हैं, लेकिन बड़ी समस्या यह है कि कालाबाजारी नहीं रुक रही है। हर जगह लिस्ट जारी होने के बावजूद होम डिलीवरी सही से लागू नहीं हो पा रही है। जिसके कारण राशन लेने के लिए लोगों को अभी भी घरों से बाहर निकलना पड़ रहा है। अम्बाला के लिए पंजाब की तरफ से आ रहे मजदूर और रेवाड़ी के लिए राजस्थान की तरफ से आ रहे आदमी परेशानी बने हुए हैं। जीटी बेल्ट पर रेड जोन में चल रहे पानीपत के लिए राहत की बात यह है कि पिछले 48 घंटे से जिले में कोई केस नहीं आया है। हालांकि सोमवार को फरीदाबाद में एक नया केस सामने आया है। जानिए... किस जिले में क्या स्थिति है...

पानीपत जोन-कोई नया पॉजिटिव केस नहीं आने से मिली राहत

जीटी बेल्ट पर पानीपत रेड जोन में है लेकिन राहत की बात यह है कि पिछले 48 घंटे में कोई केस नहीं आया है। जींद में प्रवासी मजदूरों का यूपी, बिहार जाना जारी है। सोमवार को कई मजदूर पैदल की यूपी, बिहार की तरफ रवाना हुए। कुछ मजदूर जिले का बार्डर पार करने में कामयाब हो गए जबकि लगभग 100 मजदूरों को नई सब्जी मंडी के पास पुलिस द्वारा रोक दिया गया। डीसी सोमवार को फील्ड में उतरे और सभी नाकों पर जाकर जांच की ताकि कोई प्रवासी बाहर नहीं जाए। करनाल में कोरोना वायरस के 47 संदिग्धों की रिपोर्ट नेगेटिव आ चुकी है। पांच की रिपोर्ट फिलहाल पेडिंग हैं। कैश की दिक्कत न आए, दो मोबाइल एटीएम की व्यवस्था की गई है। पेट्रोल भी आर्डर पर लोगों के प्रतिष्ठानों पर पहुंच रहा है। शहर में राशन की सप्लाई के लिए बीस वार्डों सामाजिक संस्थाओं के लोगों की डयूटी लगा दी है। चार सेल्टर होम बना दिए हैं। शाम तक सेल्टर होम में 800 प्रवासी मजदूर पहुंच गए। घरौंडा, असंध, निसिंग, तरावड़ी और इंदी में भी राशन और सब्जी की सप्लाई में सुधार आया है। सोनीपत में बाहर से आने वाले लोगों की सूची को अब अलग-अलग बनाया जाएगा। दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों की सूची अलग से तैयार की जाएगी और विदेशों से आने वाले लोगों की सूची अलग बनाई जाएगी। जबकि पहले जिला स्वास्थ्य विभाग ने दोनों को एक ही सूची में रख दिया था। विदेश सूची में से दूसरे राज्यों से आये लोगों को हटाने के बाद यह आंकड़ा 318 पर पहुंचा है।

हिसार जोन-जिले की सभी सीमाएं सील, कोई आ-जा नहीं सकता
लॉकडाउन का ज्यादा असर नहीं दिखा। सड़कों पर काफी संख्या में वाहन दौड़ते दिखे। हालांकि हिसार में कोरोना पॉजिटिव एक भी राेगी सामने नहीं आया है। 2 संदिग्ध लोगों के सैंपल जांच के लिए लैब में भिजवाए हैं। जिला पुलिस ने हिसार की सीमा को सील किया हुआ है। न किसी को आने दे रहे हैं और न ही जाने दे रहे हैं। जिला प्रशासन ने पलायन करके आए और पलायन करके जाने वाले करीब 300 मजदूरों को शेल्टर होम मुहैया करवाया है।
भिवानी में सात लाेगाें के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। जिनमें छह की रिपाेर्ट निगेटिव आई है। एक की रिपोर्ट पेंडिंग है। सोमवार को एक और सैंपल जांच के लिए लिया गया है। प्रवासी मजदूरों के पलायन को रोकने के लिए 22 शेल्टर होम बनाए गए हैं। वहीं सिरसा के सीएमओ सुरेंद्र नैन ने कहा कि जिले में कोरोना वायरस का कोई मामला नहीं आया है। अब तक कुल 363 व्यक्ति बाहर से आए और सभी को ट्रेस कर लिया है। इनमें से 136 ने अपना 28 दिन का क्वारेंटाइन पीरियड पूरा कर लिया है। फतेहाबाद में प्रवासी श्रमिकों की मूवमेंट को रोकने के लिए अंतरराज्यीय और अंतर-जिला सीमाएं पूर्णतया सील कर दी गई। उपमंडलाधीश संजय बिश्नोई ने बताया कि फतेहाबाद शहर में जो लोग मजदूरी पर निर्भर थे और लॉकडाउन के चलते जिनका काम बंद हो गया है। जिला प्रशासन ने फतेहाबाद शहर के ऐसे 20 स्थान चुन कर लगभग 1800 लोगों को चिह्नित किया है।

रोहतक जोन : मजदूरों को रोकने के लिए बनाए गए शेल्टर होम में से दो हुए शुरू

लॉकडाउन के चलते मजदूरों को अब रोकना व उन्हें ठहराने व खिलाने की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ये आदेश आते ही सभी जिलों की सीमाएं सील कर दी गई है। इसके बाद से अब मजदूरों को जिले से ही बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है। जो भी सड़क पर जाते हुए दिख भी जाता है तो उसे शेल्टर होम में छुड़वाया जा रहा है। राेहतक में रविवार रात से ही दो शेल्टर होम चालू कर दिए गए हैं। बहादुरगढ़ में दिल्ली के साथ लगते जिलों की सीमाएं भी सील कर दी है। रविवार-सेामवार की रात बहादुरगढ़ के गणपति धाम में रुके प्रवासी मजदूर गेट कूद कर भाग गए। इस दाैरान धाम में रुके प्रवासी मजदूर न खाने की जिद पर अड़ गए। वहीं झज्जर में 864 मजदूरों काे शेल्टर हाउस में ठहराया गया है। झज्जर में अब तक 132 लोगों काे क्वॉरेंटाइन किया गया है। अब तक 149 की स्क्रीनिंग की जा चुकी है।

रेवाड़ी जोन : पलायन का सिलसिला लगातार जारी, 14 लोग राजस्थान से पहुंचे

रविवार को एक दिन के लिए 101 बसों का संचालन कर 9 हजार से ज्यादा श्रमिकों को यूपी भेजे जाने के बावजूद भी हजारों की संख्या में पलायन का सिलसिला जारी रहा, लेकिन सोमवार को सरकार के निर्देशानुसार प्रशासन सख्त नजर आया। पैदल जा रहे प्रवासियों को रोककर रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ जिले में बनाए गए अस्थाई शेल्टरों होम में भेजा गया। इन शेल्टर होम में कुछ लापरवाही देखी जा रही है क्योंकि डिस्टेंसिंग को फॉलो नहीं किया जा रहा है। शहर के मॉडल टाउन निवासी एक महिला सिविल हॉस्पिटल में जांच के लिए आई थी। चेकअप क बाद डॉक्टर ने सलाह दी कि उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती होना है। इसके बावजूद महिला भर्ती होने की बजाय घर चली गई। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। महेंद्रगढ़ में आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किए गए दो लोगों ने चिंता बढ़ा दी है। एक केरल और दूसरा गुड़गांव में रहता था।

अम्बाला जोन : हिमाचल के गेटवे के लिए पड़ोसी राज्य पंजाब इस समय चुनौती

पंजाब व हिमाचल के गेटवे कहे जाने वाले अम्बाला में नई चिंता पंजाब की ओर से हरियाणा की ओर धकेले जा रहे श्रमिकों को संभालना है। बताते हैं कि पंजाब की ओर से श्रमिकों को बसों में भरकर अम्बाला में बॉर्डर के पास छोड़ जा रहा है। बॉर्डर सील होने के बावजूद ये श्रमिक खेत की पगडंडी व नदी के रास्ते सफर कर रहे हैं। स्वास्थ्य एवं गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि पंजाब का यह रवैया सही नहीं है। अम्बाला में 2,300 ऐसे श्रमिकों को गुरुद्वारों, धर्मशालाओं और मैरिज पैलेस में बनाए कैंपों में रखा गया है। सीएमओ डॉ. विजय दहिया ने बताया कि जिला यमुनानगर में अभी तक कोई भी कोरोना से ग्रस्त मरीज नहीं हैं। कैथल में बैंकों के बाहर भी लोग पैसे निकलवाने के लिए कतारों में खड़े दिखे। सब्जियों और फलों के दामों में भी तेजी दिखाई दी। पूरे जिले में 105 प्रवासी मजदूरों को क्वारेंटाइन सेंटर बनाकर रखा गया हैै।



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