हरियाणा-पंजाब बॉर्डर सील होने के बावजूद पंजाब की ओर से हजारों प्रवासी लेबर के अम्बाला में पहुंचने पर गृहमंत्री अनिल विज ने बुधवार को सख्त रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि जो लेबर आ चुकी है, उसका ध्यान रखें। लेकिन अब लेबर सड़क, खेत या नदी किसी भी रास्ते से अम्बाला में पहुंची तो संबंधित क्षेत्र का एसएचओ जिम्मेदार होगा। सिटी के पंचायत भवन में कोरोना संकट पर समीक्षा बैठक में विज ने एसपी अभिषेक जोरवाल को स्पष्ट कहा कि पुलिस थोड़ा सख्ती और थोड़ा प्यार बढ़ाए। इसमें किसी को छोटी-मोटी नाराजगी भी हो तो कोई बात नहीं। विज ने कहा कि सीता जी ने भी लक्ष्मण रेखा क्रॉस की थी और क्या हुआ था। इसलिए लॉकडाउन को लक्ष्मण रेखा कहा गया है।
गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री ने मस्जिदों में बाहर से आए लोगों पर चिंता जताई। बोले-यदि यह लोग कोरोना पॉजिटिव निकलते हैं तो आधा अम्बाला खराब हो सकता है। जानकारी मिली है कि जिन 4 जमातियों का सैंपल लिया गया है, यह चारों सिविल अस्पताल जाने से पहले जिन प्राइवेट डॉक्टरों के पास गए थे, वहां भीड़ रहती है। यदि ऐसा हुआ तो दिक्कत होगी, करी कराई मेहनत खराब हो जाएगी। जब तक इन चारों की नेगेटिव रिपोर्ट नहीं आती तब तक पूरी एहतियात बरतो। रामकिशन कालोनी को सील करें बाहर से ठहरे लोगों का पता लगाएं।
4 चूक से अम्बाला में वायरस के संक्रमण का खतरा बढ़ा
1. पंजाब-हरियाणा का बॉर्डर सील होने के बावजूद 4,500 लेबर हरियाणा पहुंची।
2. पंजाब के रामनगर का कोरोना संक्रमित मरीज सिटी सिविल अस्पताल पहुंच गया।
3. लॉकडाउन के बावजूद बहुत से लोग बाहर घूम रहे, कई समाज सेवा की आड़ ले रहे।
4. निजामुद्दीन से लौटकर मस्जिदों में ठहरीं जमातें, प्रशासन को सूचना तक नहीं दी।
तीसरा कदम
दूसरा कदम
पहला कदम
1. पंजाब से कोई एंट्री हुई तो एसएचओ जिम्मेदार; 2. लेबर भागी तो ठेकेदार पर केस दर्ज होगा 3. प्रशासन से रजिस्टर्ड होकर ही संस्थाएं भोजन और राशन बांटें
विज बोले की समाज सेवा करने वालों का स्वागत है लेकिन समाज सेवी संगठन क्षेत्र के नोडल ऑफिसर के पास रजिस्टर्ड कराएं। नोडल अधिकारी बताएंगे कि किस क्षेत्र में सामग्री बांटने की जरूरत है। एक जगह पर एक संस्था काम करे चाहे वह सरकारी हो या गैर सरकारी। हर आदमी को सोशल सर्विस के नाम पर घर से निकलने की इजाजत नहीं दी जा सकती। डबल राशन एक एरिया में न जाए। टांगरी बांध एरिया में पहले गीता गोपाल ने राशन बांटा, फिर सरकारी कर्मी बांट आए, फिर कोई और संस्था।
अगर ठेकेदार खाने और रहने का बंदोबस्त नहीं कर सकता तो बताए
गृह मंत्री ने कहा कि जानकारी मिली है कि निर्माण कार्यों में लगे ठेकेदार की लेबर को ठेकेदार खाना नहीं दे रहा तो लेबर भाग रही है। सिविल अस्पताल के पास बिल्डिंग निर्माण में लगी मजदूरों की जानकारी मिली थी जिसके बाद वहां राशन बंटवाया गया था। क्या ठेकेदार 21 दिन के लिए मजूदरों को रोटी नहीं खिला सकते, तो बताते, सरकार उपलब्ध कराती। यहां से लेबर कैसे चली गई। जिस ठेकेदार की लेबर भागी ठेकेदार पर मुकद्दमा दर्ज करेंगे।
बॉर्डर के थानों की ड्यूटी लगाएं ताकि किसी प्रवासी की अम्बाला में एंट्री न हो
विज ने नाराजगी जताई कि पंजाब बॉर्डर से जिले की सीमा में कैसे एंट्री मिल गई। 3,480 लोगों को जिले के विभिन्न रिलीफ कैंपों में ठहराया गया है और हजारों पैदल ही आगे निकल चुके हैं। उन्होंने एसपी से कहा कि जब क्लियर हिदायत थी फिर लोग कैसे आए। आगे कोई और लोग दाखिल न तो इसके लिए जिम्मेदारी तय करें। एसपी ने कहा कि लोग खेतों के रास्ते जिले की सीमा में आ रहे हैं। विज बोले-जिस थाना क्षेत्र से लोग प्रवेश करें उस थाने के इंचार्ज की जिम्मेदारी तय करो। जो करना है करें।
अम्बाला सिटी | पंचायत भवन में अधिकारियाें की बैठक काे संबोधित करते मंत्री अनिल विज।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3aCu1z4
via IFTTT