लॉकडाउन में पाबंदी के बावजूद चल रहे ईंट-भट्ठे

जिले में कई ईंट-भट्ठे लॉकडाउन पीरियड में बिना अनुमति के चल रहे हैं। इन पर ईंट पथाई का तो काम चल ही रहा है साथ ही भट्ठों की धुआं उगल रहीं चिमनियां सरकार के नियमों को ताेड़ रही हैं। मुख्य सड़कों पर चल रहे इन भट्ठाें का धुआं व काम कर रही लेबर शायद अधिकारियों को दिखाई नहीं दे रही, लेकिन इस अनदेखी से इन पर काम रही दर्जनों की संख्या में लेबर के स्वास्थ्य पर संकट जरूर मंडरा रहा है। यहां पर न तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा है न ही श्रमिकों के पास मास्क हैं। सेनिटाइजर व कोरोना वायरस के बारे में तो इन्हें पता तक नहीं है।
रादौर रोड, खारवन रोड व चिनहेटी रोड पर ये भट्ठे बगैर किसी अनुमति के चल रहे हैं। यहां पर काम कर रहे श्रमिकों ने बात करने पर पता चला कि उन्हें नहीं पता कि देश में कोई लॉक डाउन है। एक महिला तो यह पूछने लगी कि यह क्या होता है। इन्हें बीमारी के बारे में भी कुछ भी पता नहीं है। खारवन रोड पर तो सड़क से सटे हुए आमने-सामने दो भट्ठे चल रहे हैं। यहां काम कर रहे एक ट्रैक्टर ट्राॅली ठेकेदार ने कहा कि यह सब मिलीभगत से चल रहा है। दिनरात चल रहे मुख्य सड़क के पास पथाई के काम, मिट्टी खोद रहीं अर्थमूविंग मशीनें व दौड़ रहीं ट्रैक्टर ट्रालियों की जानकारी अधिकारियों को न हो ये कैसे हो सकता है। श्रमिकों के स्वास्थ्य की किसी की चिंता नहीं है। न भट्ठा मालिक न अधिकारियों को। सब जानकार अनजान बने हुए हैं। रादौर में तो सत्ता से जुड़े एक नेता जी के परिवार के भट्ठे खुलेआम चल रहे हैं। भाषणों में सीएम व पीएम को अपना आदर्श बताने वाले, व नीतियों को सराहने वाले ये नेता जी, उन्हीं दोनों की बात को अपने परिवार के व्यवसाय में नहीं अपना रहे। इसकी भी रादौर क्षेत्र के लोगों में खूब चर्चा हो रही है।

  • ईंट-भट्ठे चलाने की जिले में अभी तक किसी को अनुमति नहीं दी गई है। इस बारे में डीएफएससी को निर्देश देकर इन भट्ठों पर एक्शन लिया जाएगा। लॉकडाउन में इस तरह से लेबर से काम कराना गलत है।मुकुल कुमार, डीसी, यमुनानगर।


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Brick kilns running despite a lockdown


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