हरियाणा शारीरिक शिक्षक संघर्ष समिति के आह्वान पर लघु सचिवालय के बाहर शारीरिक शिक्षकों का धरना जारी रहा। सोमवार को चार शिक्षक अनिल कुमार, अशोक कुमार, दीपक कुमार व राजेंद्र सिंह अनशन पर बैठे।
अनशन पर बैठे व सरकार द्वारा हटाए गए अध्यापकों ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा लॉकडाउन में कोरोना महामारी आपदा में 10 वर्ष की ईमानदारी के साथ की गई सेवा के बाद हमारे मुंह का निवाला छीन लिया गया है। उन्होंने कहा कि हटाए गए शिक्षकों में से 70 प्रतिशत शिक्षक रोजगार प्राप्त करने की आयु को भी पार कर चुके हैं। ऐसे में वे रोजगार प्राप्त करने वालों की श्रेणी में भी नहीं रह सकते हैं। जिसके विरोध में वें अनशन व धरने पर बैठे हैं और तब तक उनका अनशन व संघर्ष जारी रहेगा जब तक सरकार उनकी मांग नहीं मान लेती है। धरने को विभिन्न संगठनों ने समर्थन दिया है।
हरियाणा कर्मचारी महासंघ, हिसार युवा कांग्रेस, हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन, हरियाणा सर्व कर्मचारी संघ, हरियाणा शारीरिक शिक्षक संघ, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ, किसान यूनियन हरियाणा, विद्यालय अध्यापक संघ, समर्थन देने लघुसचिवालय के बाहर पहुंचे। इस मौके पर देशराज, मनोज टाक माही, कुलदीप, दीपक कुमार, राजसिंह मलिक, संजय सहारण, विनोद कुमार, संजीव, सुरेंद्र सैनी, सुभाष खरबला, सूबे सिंह बूरा, प्रभु सिंह, जयबीर सिंह मौजूद रहे।
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