लाॅकडाउन हाेने से वीटा मिल्क प्लांट की सर्विस भी प्रभावित हाे रही है। पहले राेजाना प्लांट से 1 लाख लीटर दूध की सप्लाई हाेती थी, मगर यह सप्लाई अब घटकर करीब 70 हजार लीटर रह गई है। वीटा अपने बूथाें अाैर दुकानाें पर ताे पर्याप्त सप्लाई दे रहा है, लेकिन ढाबा, स्कूल, काॅलेज, रिसाेर्ट, पैलेस बंद हाेने से दूध की डिमांड में कमी अाई है।
दूसरी तरफ वीटा में 250 कर्मचारी प्राेडक्शन में काम करते हैं, इनमें से करीब 200 कर्मचारी ही ड्यूटी पर अा रहे हैं। जिससे प्रोडक्शन भी प्रभावित हुअा है। शुक्रवार तक दही-लस्सी की प्राेडक्शन नहीं हाे पाई थी। शनिवार से दाेबारा दही-लस्सी की सप्लाई शुरू हुई है। इसके अलावा पनीर की सप्लाई पर काेई असर नहीं पड़ा।
साेसाइटी से दूध अब ज्यादा अा रहा : प्लांट में विभिन्न जगहाें की साेसाइटी से दूध की सप्लाई पहुंचती है। अब दूध की अावक राेजाना प्लांट में 1.35 लाख लीटर तक अा रही है। यह पहले से ज्यादा हाे गई है, जबकि डिमांड कम है। प्लांट से अम्बाला, यमुनानगर, हिमाचल प्रदेश, पंचकूला, चंडीगढ़ में दूध की सप्लाई पहुंचती है। इन जगहाें पर वीटा के 150 बूथ भी हैं। अभी वीटा मिल्क प्लांट में बनने वाले दूध में लाल थैली फुल क्रीम का रेट 56 रुपए प्रति लीटर, स्टैंडर्ड हरी थैली का रेट 50 रुपए प्रति लीटर, डबल टाेंड पीली थैली का रेट 40 रुपए प्रति लीटर है।
सिर्फ जरूरी कर्मचारियाें काे बुलाया जा रहा : सीईअाे
वीटा मिल्क प्लांट के सीईअाे संजय सेतिया ने बताया कि प्लांट में प्राेडक्शन की लेबर कम अा रही है। इसी वजह से दूध, दही, पनीर, खीर का पैकिंग प्राेसेस थाेड़ा प्रभावित हाे रहा है। प्लांट पहले की तरह हर जगह पर दूध पहुंचा रहा है, इसके लिए काेई समस्या नहीं है। लाॅकडाउन के चलते अाॅफिस वर्क में सिर्फ जरूरी कर्मचारियाें काे ही बुलाया जाता है, बाकी कर्मचारियाें काे अाॅफिस अाने से मना किया गया है। कर्मचारी घर से भी अपडेट करते रहते हैं।
लेबर नहीं अाने से दही-लस्सी सर्विस प्रभावित
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