अबकी बार मां दुखभंजनी की मूर्ति पर चढ़े दूध की खीर नहीं खा सकेंगे श्रद्धालु, सिर्फ मां काे भाेग लगेगा


एसए जैन काॅलेज राेड पर बने श्री महाकाली मां दुखभंजनी मंदिर में इस नवरात्राें में श्रद्धालु मां की मूर्ति पर चढ़ने वाले दूध की खीर नहीं खा सकेंगे। हर तीसरे नवरात्रे पर श्रद्धालु मां की मूर्ति पर दूध चढ़ाते थे। उस दूध की खीर का प्रसाद बनाकर बांटा जाता था। बुधवार काे पहले नवरात्र के दिन मंदिर में तीन पुजारियाें ने सुबह मां का शृंगार किया। इसके उपरांत दुर्गा स्तुति का पाठ करते हुए हवन-यज्ञ भी किया। राेजाना मां का शृंगार कर हवन-यज्ञ के साथ पाठ किया जाएगा। वहीं, मंदिर में श्रद्धालुअाें के अाने पर पांबदी लगाई गई है। मुख्य गेट पर ताला लटका है। मंदिर के अंदर भी घंटी से लेकर मां के मुख्य द्वार काे बंद किया गया है। मंदिर के इतिहास में एेसा पहली बार हुअा है कि मंदिर काे श्रद्धालुओं के लिए बंद किया हाे। जनता कर्फ्यू के दिन ताे बाहर से ही श्रद्धालु माथा टेककर जा रहे थे। मगर अब लाॅकडाउन हाेने से काेई भी घर से बाहर नहीं निकलेगा। एेसे में श्रद्धालु घर पर ही पूजा कर रहे हैं।

नवरात्राें में यह हाेते हैं कार्यक्रम, जो इस बार नहीं हाेंगे

> बाजारों से निकलने वाली शोभायात्रा नहीं निकलेगी

> तीसरे नवरात्र के दिन श्रद्धालु मां की मूर्ति पर दूध चढ़ाते हैं, मगर अबकी बार मंदिर बंद हाेने दूध नहीं चढ़ा पाएंगे।

> अष्टमी के दिन ड्राइंग, फैंसी, मेहंदी, डांस प्रतियोगिता करवाई जाती थी। 9वीं के दिन विजेता बच्चाें काे प्राइज मिलते थे। अब प्रतियोगिता नहीं हाेगी।

> सुबह शाम भजन कीर्तन हाेता था, अब नहीं हाेगा। काेई श्रद्धालु मंदिर में नारियल भी नहीं चढ़ा सकेगा।

मंदिर का इतिहास

यह प्राचीन मंदिर हैं। यहां नारियल चढ़ाने के साथ-साथ मां काे चने व हलवे का भाेग लगाया जाता है। मंदिर का 1990 में जीर्णोद्धार किया गया था। मंदिर काे तालाब के ऊपर बनाया गया है। यह अम्बाला में एेसा एक ही मंदिर है जाेकि तालाब के ऊपर बना है। मंदिर में सप्तवी, अष्टमी, 9वीं काे अखंड जाेत जलाई जाती है। यहां माता वैष्णवी, मां सरस्वती, महाकाली की मूर्तियां भी स्थापित की गई हैं।

पहली बार मंदिर काे किया गया बंद

मंदिर में पहले नवरात्र पर पं. पंकज शर्मा, पं. विष्णु शर्मा, संदीप भारद्धाज ने पूजा की। पं. पंकज शर्मा ने बताया कि काेराेना वायरस के कारण 18 मार्च काे कटरा में माता वैष्णाे देवी मंदिर से जाेत लेने के लिए जत्था रवाना हाेना था, मगर यात्रा रद्द कर दी गई। अब इसके बाद लाॅकडाउन हाेने से मंदिर में हाेने वाले सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं।

सिटी में पहले नवरात्रे पर मां दुखभंजनी मंदिर बंद हाेने के कारण बाहर से माथा टेकते श्रद्वालु।



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Ambala News - haryana news this time the devotees will not be able to eat milk pudding mounted on the idol of mother dukhbhanjani only the mother will feel sorry


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