कोरोनावायरस को हराने के लिए हरियाणा के आम से लेकर खास तक सहयोग में सरकार के साथ आ खड़े हुए हैं। हरियाणा कोरोना रिलीफ फंड में अभी तक लोगों ने 72 करोड़ रुपये का सहयोग दिया है। हरियाणा के 160 ऐसे कर्मचारी भी हैं, जिन्होंने अपनी पूरी की पूरी सैलरी इस फंड में दान कर दी है। इसमें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी पीछे नहीं हटे हैं, उन्होंने भी अपना सहयोग दिया है। कुछ ने तो अपने घर बिना बताए ये दिन दिया है। शुक्रवार को सीएम मनोहर लाल खट्टर ने खुद वीडियो कॉन्फ्रेंस करके इसकी जानकारी दी और ऐसे चंद कर्मचारियों से बात भी की।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नरेश बोला-परिवार ने प्रोत्साहित किया तो कर दी पूरी सैलरी दान
हरियाणा में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नरेश ने सीएम मनोहर लाल खट्टर से बात करते हुए बताया कि उसने सैलरी दान करने के लिए अपने परिवार से पूछा था। पूरे परिवार ने मेरी इस पहल का स्वागत किया और मुझे सैलरी दान देने के लिए प्रोत्साहित किया। तभी मैंने सैलरी दान दी। ऐसा नहीं है कि मैंने महज सैलरी दी है, मैं तन, मन और धन से अभी भी कोरोना की लड़ाई में सहयोग देने के लिए खड़ा हुआ हूं। नरेश की 2019 में ग्रुप-डी की नौकरी लगी थी।
स्टाफ नर्स शशिबाला बोली-पति को बिन बताए कर दी सैलरी दान, डर था कहीं झगड़ा न हो
स्टाफ नर्स शशिबाला ने सीएम मनोहर लाल खट्टर को बताया कि जब उनके पास लोग बिना चप्पल-जूतों के इलाज के लिए आते हैं तो उसका मन पसीज जाता है। इस कोरोना की लड़ाई में तो वैसे ही देश जूझ रहा है। उसने घर में किसी से नहीं पूछा और सैलरी दान कर दी। इस बारे में पति से भी नहीं पूछा और बताया भी नहीं। कहीं झगड़ा न हो जाए। शुक्रवार को जब सीएम अॉफिस से फोन आया कि सैलरी दान करने पर सीएम मनोहर लाल आपसे बात करना चाहते हैं तो ये बात पति को बताई। उन्होंने सुनकर बहुत तारीफ की। शशिबाला दो साल पहले ही सरकारी नौकरी में आई थी।
जेबीटी टीचर सरला देवी बोली- मैं कुछ और तो मदद नहीं कर सकती थी, कम से कम आर्थिक सहायता ही करूं
गुरुग्राम में जेबीटी टीचर शशिबाला ने सीएम मनोहर लाल खट्टर से बात करते हुए बताया कि मैं कुछ और तो मदद नहीं कर सकती थी लेकिन मेरे मन में ये आया कि आर्थिक मदद ही करूं। इस वजह से मैंने भी बिना परिवार को बताए अपनी पूरी सैलरी दान दी है। इससे मुझे ये संतोष जरुर है कि इस संकट की घड़ी में जरुरतमंदों की मदद जरुर होगी।
कांस्टेबल रवि बोला- मेरी ट्रेनिंग और शिक्षा का योगदान है जो आर्थिक मदद के लिए आगे आया
कांस्टेबल रवि द्वारा पूरी सैलरी दान कर देने पर सीएम मनोहर लाल खट्टर ने उनकी तारीफ की। रवि से जब सीएम ने पूछा कि उसके मन में कैसे ये भाव आया तो रवि ने बताया कि सर मेरी ट्रेनिंग, देशभक्ति और शिक्षा के योगदान की वजह से मेरे मन में पूरी सैलरी देने का भाव आया। रवि ने लोगों को लॉकडाउन का पालन करने के लिए भी सहयोग करने के लिए कहा।
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