(विवेक मिश्र)प्रदेश में कम्युनिटी ट्रांसमिशन की स्टेज अभी नहीं पहुंची है। यह दावा पीजीआई की वायरल रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैब का है। पीजीआई रोहतक में कम्युनिटी ट्रांसमिशन का पता लगाने के लिए एक माह में 150 से ज्यादा सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस (एसएआरआई) के मरीजों के गले व नाक का सैंपल लेेकर टेस्ट किए गए। इनमें जुकाम-खांसी आदि लक्षण थे। वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि सभी सैंपल टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव आई है। इससे यह स्पष्ट है कि अभी तक प्रदेश में कोरोना संक्रमण का कम्युनिटी ट्रांसमिशन की शुरुआत नहीं हुई है। फिलहाल इस स्टेज से बचने के लिए प्रदेश की जनता काे लॉकडाउन का गंभीरता से पालन करना बेहद जरूरी है।
इन 11 जिलों के मरीजों के लिए सैंपल: वायरल रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैब में प्रभारी डॉ. पीएस गिल के निर्देशन में रिसर्च करने में जुटे वैज्ञानिकों ने बताया कि वर्तमान समय में कोरोना संदिग्धों के सैंपल टेस्ट का ग्राफ घटा है। इसी बीच कोरोना संक्रमण के कम्युनिटी ट्रांसमिशन का पता लगाने के लिए 11 जिलों से 150 के करीब ऐसे पेंशेंट लिए गए जो खांसी, जुकाम और सांस के रोग से ग्रस्त थे। राेहतक, झज्जर, गुरुग्राम, नूहं मेवात, पलवल, रेवाड़ी, नारनाैल, हिसार, फतेहाबाद, सिरसा, भिवानी जिले के मरीजों के यह सैंपल लिए गए।
पहले चरण में हॉट स्पॉट वाले जिलों में होगा एंटी बॉडी रैपिड टेस्ट
सरकार ने पहले चरण में हॉट स्पाॅट घोषित जिलों में ही एंटी बॉडी रैपिड टेस्ट कराने का फैसला लिया है। रोहतक सिविल अस्पताल और पीजीआई मेडिकल कॉलेज में एंटी बॉडी रैपिड टेस्ट कराया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अभी रैपिड टेस्ट किट मिलने में समय लगने का अंदेशा जताया है। स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि व्यक्ति में कोरोना संक्रमण का पता लगाने के लिए रैपिड टेस्ट किट की मदद लेगी। इस किट में खून की एक बूंद के जरिए कोरोना टेस्ट किया जाएगा। यदि इस किट में व्यक्ति में कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है। तभी उसके स्वैब का सैंपल लेकर लैब में रिपोर्ट जांची जाएगी।
150 मरीज वो चुने गए, जिनकी न ट्रैवल हिस्ट्री और न संपर्क में आए
प्रदेश में संक्रमण का पता लगाने के लिए पीजीआई रोहतक व बीपीएस मेडिकल कॉलेज खानपुर में टेस्टिंग कर रहे हैं। इससे समय रहते पता लगेगा कि प्रदेश में संक्रमण किस स्टेज में हैं। वैज्ञानिकों ने 11 जिलों से 150 के करीब सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस (SARI) मरीजों की जांच कोरोना संक्रमण जांचने के लिए की। ये वो मरीज हैं जिनको खांसी, जुकाम और सांस लेने संबंधी बीमारी थी। इन मरीजों की न तो इंटरनेशनल ट्रैवल हिस्ट्री थी और न ही वो संक्रमण वालों के कांटेक्ट में आए। वैज्ञानिक बताते हैं कि इन 150 केस में अधिकांश 40 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुष वर्ग के ये मरीज लिए गए।
संक्रमण का कम्युनिटी ट्रांसमिशन नहीं
हरियाणा प्रदेश में अभी कोरोना संक्रमण का कम्यूनिटी ट्रांसमिशन नहीं हो रहा है। वायरल रिसर्च लैब में पिछले एक माह में 150 के करीब एसएआरआई की श्रेणी में शामिल 150 मरीजों के सैंपल टेस्ट किए गए। ऐसे सभी सैंपल टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव आई है। -डॉ. गजेंद्र सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, पीजीअाई मेडिकल कॉलेज, रोहतक
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