कोरोना के कारण चल रहे लॉकडाउन में डाक्टर बेहतर काम कर रहे हैं। लेकिन प्राइवेट अस्पतालों में ओपीडी सर्विस न मिलने से लोग परेशान हैं। हेल्थ विभाग ने गाइडलाइन जारी करके कहा था कि गायनोलॉजी, पेडियाट्रिक्स और चेस्ट जैसी ओपीडी हर हाल में चालू रखें। इमरजेंसी सेवाएं तो सभी अस्पतालों को शुरू रखनी ही थी। लेकिन प्रदेश में चल रहे 3 हजार से ज्यादा प्राइवेट अस्पतालों में जाकर देखा तो काफी हैरान करने वाली स्थिति सामने आई। इनमें से 70 प्रतिशत अस्पतालों में गायनोलॉजी, पेडियाट्रिक्स और चेस्ट जैसी ओपीडी भी नहीं चल रही है।
इनमे से 20 प्रतिशत अस्पताल तो ऐसे मिले जिन्होनें गेट पर ताला लगा रखा है। कुछ जगह इमरजेंसी के रूप में ही इन बीमारियों को देख रहे हैं। टेलीमेडीशन पर भी नए मरीजों को देखना संभव नहीं है। ऐसे में आलम यह है कि मरीज मेडिकल स्टोर वालों के भरोसे हैं और जो भीड़ अस्पतालों में दिखती थी वो अब मेडिकल स्टोरों के बाहर दिख रही है।
- पानीपत: जिले के प्रेम हाॅस्पिटल, रविंद्रा हाॅस्पिटल, हैदाराबाद हाॅस्पिटल, आईबीएम हाॅस्पिटल, मलिक हाॅस्पिटल, डीके हाॅस्पिटल, जीसी गुप्ता हाॅस्पिटल में ओपीडी नहीं चल रही। गायनोलॉजी, पेडियाट्रिक्स और चेस्ट के मरीजाें काे भी इमरजेंसी सेवा में देख रहे हैं। जिला आईएमए प्रधान डाॅ. वेद प्रकाश का कहना है कि यह गंभीर विषय है। ओपीडी चलनी चाहिए।
- करनाल: जिले के अस्पतालों में ओपीडी की जगह इमरजेंसी में ही दवा दे रहे हैं। जिन अस्पतालों में ओपीडी है, वह 10 से 12 बजे तक ही टाइम रख रहे हैं। यहां टेलीमेडीशन की सर्विस ठीक चल रही है।
- कुरुक्षेत्र: टॉप 10 अस्तालों में से किसी भी अस्पताल में तीनों ओपीडी एक साथ नहीं चल रही हैं। किसी अस्पताल में गायनी की ओपीडी नहीं तो किसी में पेडियाट्रिक्स की सुविधा नहीं। जबकि सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह ने कहा कि सभी अस्पतालों को नियमित रूप से ओपीडी करने को लेकर दिशा निर्दश दिए गए है।
- राेहतक: एडवांटा हॉस्पिटल, मानसरोवर हॉस्पिटल, लाइफ केयर हॉस्पिटल, कलावती हॉस्पिटल, स्पेस हॉस्पिटल समेत कई के संचालकों का कहना है कि स्टाफ न आने और लॉकडाउन की वजह से ओपीडी सेवाएं बंद कर रखी हैं। यहां पर सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही हैं। होली हार्ट सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में ओपीडी का संचालन किया जा रहा है। अम्बाला: प्राइवेट अस्पालों में ओपीडी के लिए प्रशासन को दो बार चेतावनी जारी करनी पड़ी। डीसी व सीएमओ ने प्राइवेट डॉक्टरों को उनका धर्म याद कराना पड़ा। डीसी व सीएमओ की आईएमए के साथ बैठक भी हुई। जिसके बाद निर्देश जारी किए कि सभी प्राइवेट अस्पतालों को सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक ओपीडी खुली रखनी होगी। यहां कुछ प्राइवेट अस्पताल अच्छा उदाहरण भी पेश कर रहे हैं। जैसे सिटी के ईश्वर अस्पताल में गेट पर पैरामेडिकल स्टाफ हर मरीज के हाथ सैनिटाइजर से धुलवाते हैं और उसके बाद मॉस्क देते हैं।
- साेनीपत: शहर के ज्यादातर अस्पतालों में ओपीडी नहीं चल रही। निजी अस्पताल के डाॅक्टराें ने तर्क दिया कि काेराेना का वायरस संक्रमण से फैलता है। ऐसे में अपनी सुरक्षा के साथ मरीजाें की सुरक्षा काे ध्यान में रखकर ओपीडी बंद कर रखी है। एटलस रोड फ्लाइओवर के पास स्थित निजी अस्पताल में मरीजाें की भीड़ थी। साेशल डिस्टेंस की कमी थी।
- भिवानी: शहर के टाॅप 10 प्राइवेट अस्पतालाें में ओपीडी केवल इमरजेंसी मरीज के लिए ही खुली हुई है। मल्टी स्पेशलिटी कदम अस्तपाल में ओपीडी सुविधा बंद है। त्रिवेणी डेंटल क्लीनिक के बाहर अस्पताल के बंद रहने का सुचना पत्र चस्पाया हुआ है। यादव बच्चों का अस्पताल बंद भी मिला।
- फतेहाबाद: जिले में एक-दो डॉक्टर ही हैं जाे नए मरीजों का चेकअप कर रहे हैं। दो-तीन अस्पतालों के गेट पर रूटीन के मरीजों को अगले सप्ताह आने की अपील करते नोटिस लगाए गए हैं। सिंगला अस्पताल के बाहर गेट पर नोटिस लगे हुए हैं कि केवल इमरजेंसी मरीज ही आए। मॉडल टाउन स्थित वरदान अस्पताल में न डॉक्टर दिखाई दिए और न ही कोई अटेंडेट या मरीज।
- सिरसा: जिला के प्राइवेट अस्पतालों में भीड़ न हो इसके लिए सामान्य ओपीडी की बजाए एमरजेंसी ओपीडी देखी जा रही है। प्राइवेट अस्पतालों में बच्चाें, गायनी और मेडिसन/चेस्ट के मरीजों काे डाॅक्टर ओपीडी में नहीं सिर्फ एमरजेंसी में ही देख रहे हैं।
सीएम भी ओपीडी चालू रखने के लिए कह चुके : डीजी हेल्थ
हेल्थ डिपार्टमेंट के डीजी एसबी कंबोज ने कहा कि आईएमए अध्यक्ष के साथ एक दिन पहले ही बातचीत हुई है। सीएम ने भी उनसे कहा है कि निजी अस्पतालों में ओपीडी चालू रखी जाए। लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखे। हमने सीएचसी, पीएचसी और डिस्पेंसरी में ओपीडी चालू कर दी है।
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