कोरोना वायरस संक्रमण रोकने के लिए लागू की गई पाबंदियों का असर अनाज मंडियों की व्यवस्था पर पड़ेगा। प्रदेश की मंडियों में सीजन के दौरान फसल खरीद का स्वरूप भी बदल जाएगा। मंडियों में सिर्फ मेरी फसल मेरा ब्याेरा पोर्टल पर रजिस्टर्ड किसानों की फसल की इंट्री होगी। पड़ाेसी राज्यों से और गैर रजिस्टर्ड किसान अपनी फसल मंडी में नहीं बेच सकेंगे। प्रदेश के सभी जिलों में अब तक कुल 8 लाख 72 हजार किसान पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं। मार्केटिंग बोर्ड से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार भिवानी में सबसे अधिक 88 हजार 497 किसान रजिस्टर्ड हुए हैं, जबकि फरीदाबाद जिले से सबसे कम किसान पोर्टल पर रजिस्टर्ड हुए है, यहां से सिर्फ 6 हजार 781 किसानों का रजिस्ट्रेशन हुआ है।
अनाज मंडियों में आगामी 15 अप्रैल से सरसों व 20 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हो जाएगी। सीजन के दौरान मंडी में सोशल डिस्टेंस का फार्मूला बना रहे इसके लिए मार्केटिंग बाेर्ड विभाग ने फसल खरीद की रूपरेखा बनाने का कार्य शुरू कर दिया है। मार्केट कमेटी सचिव चंद्रप्रकाश ने बताया कि सीजन में सरसों व गेहूं की खरीद के लिए शेड्यूल बनाया जा रहा है।
विभाग के पास रजिस्टर्ड 2400 किसानों से सरसों की फसल खरीदी जाएगी। घरौंडा सेंटर पर 1400 किसानों की फसल आएगी, जबकि एक हजार किसान अपनी सरसों इंद्री मंडी के सेंटर पर लेकर जाएंगे। सरसों की फसल के लिए सरकार ने प्रति एकड़ 8 क्विंटल उपज की मात्रा तय की है। मंडी में भीड़ न हो, इसके लिए प्रतिदिन सिर्फ 50 किसानों को मंडी में फसल लाने की अनुमति मिलेगी। विभाग की तरफ से किसान को 2 दिन पहले यह मैसेज भेज दिया जाएगा कि उसे किस तारीख में फसल लेकर मंडी पहुंचना है। घरौंडा मार्केट कमेटी के सचिव चंद्र प्रकाश ने बताया कि पोर्टल पर किसानों का रजिस्ट्रेशन 19 अप्रैल तक किया जाएगा और सिर्फ पोर्टल पर रजिस्टर्ड हुए किसानों की फसल ही खरीदी जाएगी।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3cfGU2e
via IFTTT