(अनिल बंसल)क्रिकेट में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए मशहूर शैफाली वर्मा आजकल घर में रहकर ही प्रैक्टिस कर रही हैं। टी-20 में विश्व की नंबर एक महिला बल्लेबाज बन चुकी शैफाली वर्मा की कड़ी मेहनत अभी जारी है। मौजूदा समय में फर्क सिर्फ इतना आया है कि उनके शाॅट अब स्टेडियम की सीमा रेखा को पार नहीं होकर घर की दीवारों को गुंजायमान कर रहे हैं। वे अपने टैब पर दुनिया से खुद को अपडेट करती है, फिर दूसरों को भी लॉकडाउन में घर में ही बने रहने के लिए प्रेरित करती हैं। शैफाली का मानना है कि यह अच्छी स्थिति नहीं है, लेकिन कोरोना वायरस से लड़ने के लिए जरूरी है।
राेज की तैयारी
शैफाली के कोच अश्वनी कुमार ने बताया कि एचसीए की ओर से लॉकडाउन के दौरान क्रिकेटर खाली बैठकर अपनी स्किल कमजोर नहीं करें, इसका ध्यान रखा गया है। उसके मद्देनजर शैफाली पर विशेष ध्यान है। उन्हें एक प्रोग्राम दिया गया है। प्रोफेशनल साइकोलोजिस्ट की देखरेख में ऑनलाइन सैशन होता है। इसके अतिरिक्त फिजिकल ट्रेनिंग के लिए वेट ट्रेनिंग, एरोबिक्स एवं पुशअप की तैयारी कराई जा रही है। हर दिन शाम को वॉट्सएप ग्रुप के माध्यम से ट्रेनिंग की रिपोर्ट भी लेते हैं।
महिला विश्व कप में देखने को मिले शैफाली के दो रूप
महिला विश्व कप में शैफाली के दो रूप देखने को मिले, जहां एक ओर ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के जरिए अपने दम पर भारतीय टीम को फाइनल तक पहुंचा दिया। देश की ओर से सबसे अधिक रन शैफाली ने ही बनाए थे। वहीं, दूसरी दूसरी ओर फाइनल में हार के बाद आंखों में अश्रू धारा के साथ अपनी भावनाएं व्यक्त करना भी शामिल था। देशवासियों ने शैफाली के दोनों रूप में उनकी सराहना की। घर के साथ अपनी स्वच्छता पर शैफाली वर्मा विशेष ध्यान दे रही हैं। वे घर से बिल्कुल भी नहीं निकल रही हैं। हैंड वाश के साथ सैनिटाइजर का उपयोग न केवल वे खुद करती हैं, बल्कि दूसरों को प्रेरित करती हैं। नोट को हाथ में लेेने के बजाय यूपीआई का प्रयोग करें। ऑनलाइन खरीददारी कर संक्रमण से बचा जा सकता है।
हैगिंग बाॅल के साथ शाॅट व निशान लगा बल्लेबाजी स्किल पर काम
कमरे में हैगिंग बाॅल लगाकर, जहां शैफाली शॉट लगाती हैं तो वहीं एक मिनी पिच बनाकर निशान लगाकर फ्रंट फुट एवं बैक फुट के शाॅट पर काम करती हैं।
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