सरकार से लेकर प्रशासन तक हर कोई कह रहा कि लॉकडाउन में अपने घरों में रहें लेकिन सिटी के लोग इस गैर जरूरी सलाह मान रहे हैं। अब तो लोग अपनी गलियों से निकल कर मुख्य सड़काें पर किसी जरूरी काम के अलावा सैर करने को भी निकल रहे हैं। शाम को ऐसा नजारा शहर के अंदरुनी इलाकों में तो देखा ही जा रहा था। अब मुख्य सड़काें पर भी साइकिल सवार, पैदल भी लोग सैर करते दिखाई देते हैं। इनकी संख्या अभी कम है लेकिन इन्हें नहीं रोका गया तो आने वाले समय में अन्य लोग भी घरों से निकलना आरंभ हो जाएंगे। इससे कोरोना के फैलाव को बढ़ावा मिल सकता है। ऐसा नहीं है कि शहर कोरोना बीमारी से दूर है। इस समय दो मरीज पॉजिटिव मिल चुके हैं। हर रोज एक-दो संदिग्ध इलाज के लिए अस्पताल में पहुंचते हैं। इतना जरूर है कि अभी और संख्या नहीं बढ़ी है लेकिन अगर शहरवासियों ने लॉकडाउन का पालन नहीं किया तो समस्या बढ़ सकती है। पुलिस कब तक लोगों को समझाने में अपनी शक्ति लगाती रहेगी जबकि अपनी जान और परिवार की सुरक्षा सभी को स्वयं ही करनी चाहिए।
जनधन खातों में आई राशि को निकलवाने के लिए सोमवार को भी बैंकों के बाहर लाइनें लगी रही। लाइनों में लगे लोग सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान नहीं रख रहे थे जिस पर पुलिस कर्मचारियों ने मोर्चा संभाला और लोगों को दूरी पर खड़े होने के लिए समझाया। पार्क रोड पर पुलिस कर्मचारियों ने ग्रामीण बैंक के बाहर खड़े लोगों को सड़क से दूसरी ओर खड़ा किया। बैंक के अंदर बारी-बारी से ही लोगों को भेजा गया। बता दें कि जनधन खातों में सरकार की ओर से 500-500 रुपए डाले गए हैं जिसे निकलवाने के लिए हर रोज बैंक में भारी संख्या में पहुंचते हैं। इससे कोरोना वायरस के फैलाव का खतरा बना रहता है जिस कारण प्रशासन बार-बार लोगों से अपील कर रहा है कि वे जरूरत के समय ही बैंक में आएं।
सार्वजनिक स्थान पर मास्क पहनना जरूरी: एसपी
पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार ने बताया कि पुलिस कर्मचारी लॉकडाउन के दौरान बैंकों में नकदी की निकासी के लिए आ रहे महिला व पुरुषों से सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करवाने के अतिरिक्त लोगों को निरंतर रूप से मास्क का प्रयोग करने के लिए जागरूक कर रहे है। लोगों को बताया जा रहा है कि वे बहुत जरूरी होने पर ही घर से निकलें तथा इस दौरान मास्क का प्रयोग करें। नागरिक घर पर बनाए हुए मास्क के अतिरिक्त मुंह को ढांपने के लिए अपने गमछे का प्रयोग कर सकते हैं। पुलिस द्वारा लोगों को मास्क का प्रयोग करने व सोशल डिस्टेंसिंग रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। एसपी के आदेशानुसार जिला के सभी थाना प्रबंधकों द्वारा बैंकों पर ड्यूटी के दौरान लोगों को संदेश दिया गया कि यदि जरूरी न हो तो वे लॉकडाउन के दौरान नकदी निकलवाने के लिए बैंक न पहुंचें तथा बाद में जरूरत अनुसार वे कभी भी अपनी नकदी को निकलवा सकते हैं।
बेवजह बाहर घूमने के 2 मामलों में 4 गिरफ्तार
कैथल मेंलॉकडाउन लागू होने के बावजूद लोग बेवजह घरों से बाहर निकलने से बाज नहीं आ रहे हैं। एसपी शशांक कुमार सावन ने बताया कि टीम 11:30 बजे अनाज मंडी कैथल के पास पहुंची। यहां दो व्यक्तियों को बेवजह बाहर घूमता पाया गया। आरेापियों की पहचान बलराम निवासी सुभाष नगर तथा सोनू निवासी अमरगढ़ गामडी के रुप में हुई। अन्य मामले में चौकी संगतपुरा पुलिस टीम ने सुभाष उर्फ काला तथा बलवान सिंह निवासी बरटा को लॉकडाउन की उल्लंघना करके ठिकरी पहरा दे रहे व्यक्तियों से गलत व्यवहार करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। सरपंच गुरमेल सिंह ने थाना सदर में 11 अप्रैल को शिकायत दी थी कि गांव में ठीकरी पहरा दे रहे व्यक्तियों के साथ दोनों अभद्र व्यवहार व गाली गलौज किया।
लॉकडाउन की उल्लंघना करने पर जिले में अब तक 86 एफआईआर और 97 गिरफ्तार
कैथल केआईजी हरदीप दून ने कहा कि समाजसेवी संस्थाओं को साथ लेकर कोरोना जैसी भयंकर महामारी को हराने के लिए कार्य किए जा रहे हैं, लगातार इस संदर्भ में सोशल डिस्टेंस का ध्यान रखते हुए बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं। समाजसेवी संस्थाओं द्वारा सेनिटाइजर, मास्क, पीपीई किट के अलावा अन्य जरूरी सामान मुहैया करवाने के लिए भी आगे आई है। आईजी ने बताया कि लॉकडाउन की पालना कराने के लिए 49 पेट्रोलिंग पार्टी, 7 इंटर स्टेट नाके, 8 इंटर डिस्ट्रिक्ट नाके, 6 सिटी एरिया नाके तथा 5 पुलिस स्टेशन नाके लगाए गए हैं। लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर 86 एफआईआर करने के साथ-साथ 97 गिरफ्तारियां की गई है। सोशल मीडिया पर अफवाह व गलत जानकारी डालने पर 9 एफआईआर की गई है और 6 गिरफ्तारियां की गई हैं।
आईजी हरदीप दून ने उपायुक्त सुजान सिंह, पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन के साथ समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि आज के समय में पूरा विश्व इस बीमारी से दुखी है। जिले में 11 मोबाइल टीमों का गठन किया गया है, जो झुग्गी-झोपड़ियों, भट्ठाें आदि पर जाकर मेडिकल चेकअप करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला वासियों द्वारा टोल फ्री नंबर 1950 पर स्वास्थ्य, राशन व अन्य विषयों से संबंधित अब तक 2968 शिकायतें आई, इन सभी का निवारण तुरंत कर दिया गया। जरूरतमंदों को मदद देने की दिशा में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से 9 हजार 907 परिवारों को राशन तथा 2 लाख 1 हजार 862 फूड पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। आगामी गेहूं खरीद के सीजन को देखते हुए विभिन्न स्थानों पर 243 खरीद केंद्र बनाए जाएंगे।
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