भास्कर स्टिंग; हल्द्वानी की पीली मिट्‌टी लगा साधारण आलू को पहाड़ी बताकर बेचा जा रहा

(नरेश मेहरा/नवीन मिश्रा)लॉकडाउन में लोगों की नौकरी चली गई। लोगों की कमाई कम हो गई, लेकिन सब्जी मंडी में आलू बेचने वाले लोगों की जेब पर डाका डाल रहे हैं। उत्तराखंड के हल्द्वानी की पीली मिट्‌टी लगाकर आगरा, अलीगढ़ व खुरजा के 20 रु. प्रति किलो वाले साधारण आलू को पहाड़ी बताया जा रहा है। इसे शिमला और ऊना का पहाड़ी आलू बताकर 30 रुपए प्रति किलो बेचा जा रहा है। जिले की सब्जी मंडियों में मिलावट का यह खेल सरकारी संरक्षण में चल रहा है, क्योंकि मार्केट कमेटी की नजर इस पर नहीं जा रही है। भास्कर टीम ने सनौली रोड स्थित सब्जी मंडी में चल रहे मिलावट के खेल को कैमरे में कैद किया। सामान्य आलू को पहाड़ी बताने के लिए लगाई जा रही यह पीली मि‌ट्‌टी हल्द्वानी व राजस्थान से मंगवाई जाती है।

लोकल और हिमाचल के पहाड़ी आलू की सप्लाई अभी बंद है
लोकल व हिमाचल के पहाड़ी आलू की आवक इन दिनों में पूरी तरह बंद है। अब यूपी के आगरा, अलीगढ़ व खुरजा के अलावा पंजाब के आलू की आवक हो रही है। मंडी में रोजाना आलू के 1500 तक कट्‌टे आते हैं। एक कट्‌टे 50 किलो तक आलू होते हैं।

पहाड़ी में शुगर की मात्रा कम, इसलिए महंगा बिकता है
सब्जी विक्रेता मोहन ने बताया कि सामान्य आलू का स्वाद सामान्य होता है। वहीं पहाड़ी आलू का स्वाद अच्छा होने के साथ-साथ इसमें शुगर की मात्रा भी सामान्य आलू की तुलना में 10 प्रतिशत ही होती है। इसलिए इसे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी भी माना जाता है। इसलिए पहाड़ी आलू सामान्य की तुलना में महंगा होता है।

आप कैसे करें पहाड़ी आलू की पहचान
आम आदमी को पहाड़ी व देसी आलू पहचाने के लिए कुछ विशेष बातों ध्यान रखना है। सबसे पहले पहाड़ी आलू का रंग लाल होता है। दूसरा उसपर मिट्‌टी लगाने की जरूरत नहीं होती। मिट्टी लिपटे आलू को ग्राहक पहाड़ी न माने।

सचिव बोले- शिकायत मिलेगी तो कार्रवाई करेंगे
मार्केट कमेटी पानीपत के सचिव नरेश मान ने कहा कि आलू के ऊपर पीली मिट्‌टी लगाने की हमारे पास कोई लिखित शिकायत नहीं आई है। फिर भी ऐसे लोगों को मूर्ख बनाना गलत है। हमारा तो लोगों से ही आग्रह है कि पीली मि‌ट्‌टी लगे आलू को पहाड़ी मानकर न खरीदें। पहाड़ी आलू की सबसे बड़ी पहचान इसका लाल रंग है। लोगों से आग्रह है कि ऐसे मिट्‌टी लगे आलू को पहाड़ी मानने की मूर्खता न करें। मूर्ख बनाने वाले सब्जी विक्रेताओं से बचकर रहें और सादे आलू को पहाड़ी मानकर न खरीदें।

पब्लिक की जेब पर डाला जा रहा डाका

  • 20 रु. प्रति किलो वाले साधारण आलू जो आगरा, अलीगढ़ व खुरजा का है में हल्द्वानी की पीली मिट्‌टी लगाकर शिमला और ऊना का पहाड़ी आलू बता रहे।
  • 10 रुपए प्रति किलो ज्यादा में बिकता है पहाड़ी आलू।
  • 1500 से ज्यादा कट्टे सादा आलू के रोजाना पानीपत मंडी में आते हैं यूपी के 3 जिलों से।


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सब्जीमंडी में सादे आलू पहाड़ी बनाने के लिए मिट्टी चढ़ाती लेबर।


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