गली में कुर्सी डालकर बैठे थे, हटने की बात पर दो पक्षों में कहासुनी, फिर आरोपियों ने किया जानलेवा हमला

लोहारी गांव में गुरुवार रात को कुछ लोगों ने रिफाइनरी के असिस्टेंट इंजीनियर नीरज के छोटे भाई 19 वर्षीय अंकुश की पीटकर हत्या कर दी। हमले में नीरज, उसका पिता राजेंद्र समेत 7 लोग घायल हो गए। आरोप है कि मारपीट से पहले इसराना थाना एसएचओ को दी गई सूचना के करीब डेढ़ घंटे बाद आई पुलिस ने मृतक के पिता के साथ गाली-गलौज कर उन्हें धमकाया।

फिर आरोपी सरपंच के घर पर रातभर पुलिस का पहरा रहा। वहां पुलिस ने शराब पी और खाना भी खाया। गुस्साए परिजनों ने शुक्रवार सुबह सिविल अस्पताल में करीब 4 घंटे प्रदर्शन किया। उन्हाेंने कहा कि सभी आरोपी अरेस्ट हों और पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई हो। परिजन जीटी रोड जाम करने जा रहे थे तो पुलिस ने अस्पताल के गेट बंद करके उनको रोक लिया। बाद में वे लघु सचिवालय में एसपी मनीषा चौधरी से मिले। उनके आश्वासन के बाद परिजनों ने शव उठाया।

लोहारी गांव में ईंट मारकर अंकुश की हत्या कर दी है। बचाने आए परिवार वालों पर भी आरोपियों ने हमला कर घायल कर दिया है। मृतक के भाई नीरज ने बताया कि गांव की वाल्मीकि बस्ती के साथ उसका उसका पशुबाड़ा और खेत है। इसे बेचने व कब्जा करने को लेकर आरोपी पहले झगड़ा कर चुके हैं और उनको आने-जाने से रोकते हैं। 6 दिन पहले आई आंधी में खेत में पेड़ गिर गया था।

गुरुवार को वह छोटा भाई अंकुश के साथ ट्रैक्टर से पेड़ खींचकर बाड़े में ला रहा था। आरोपी गली में कुर्सी डालकर बैठे थे। गली से हटने की बात पर कहासुनी हो गई। तब उन्होंने पिता राजेंद्र को बुला लिया। तब मामला निपट गया और पिता व दोनों बेटे बाड़े में चले गए। थोड़ी देर बाद आरोपी गंडासी, तलवार, लाठी-डंडे लेकर पीछे से आ गए। तब तीनों बाड़े में छुप गए और दरवाजे बंद कर लिए। नीरज ने बताया कि उसने एसएसओ फोन लगाया। लेकिन पुलिस नहीं आई। तब उसने गांव वालों को फोन कर बुलाया।

ग्रामीणों के आने पर वे बाड़े से बाहर निकल आए। तब आरोपियों ने हमला कर दिया। ईंट मारकर अंकुश की हत्या कर दी। बचाने गए नीरज, पिता राजेंद्र, दादा धर्मपाल, पड़ोसी संदीप, सोनू, मुकेश, गीता व अन्य घायल हो गए। नीरज ने बताया कि हमले के दौरान आरोपियों ने बाइक तोड़ दी। करीब 3 साल पहले भी बीच वाले भाई अनुज के साथ आरोपियों ने मारपीट की थी। लेकिन गांव के मौजिज व्यक्तियों ने समझौता करा दिया था।

इसके अलावा आरोपी 3 लोगों के साथ मारपीट कर चुके हैं। उनके राजनीतिक संबंध हैं, इसलिए पुलिस कार्रवाई नहीं करती। हत्या के बाद पुलिस गांव में आ गई। पुलिस के सामने ही आरोपी घर के ताला लगाकर भाग गए। नीरज का आरोप है कि डॉक्टर ने भी राजनीतिक दबाव में ठीक से मेडिकल नहीं किया। किसी घायल की कम चोट दिखाई तो किसी का मेडिकल नहीं किया।

आईटीआई कर विदेश जाने वाला था अंकुश
नीरज ने बताया कि वह रिफाइनरी मे असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर कार्यरत है। छोटा भाई अंकुश आईटीआई कर विदेश जाने के लिए आइलेट्स कर रहा था। वह कनाडा जाकर जॉब करना चाहता था। बीच वाला भाई अनुज बीबीए कर रहा है, जबकि पिता राजेंद्र किसान है। मां सुनीता हाउसवाइफ हैं।

थाने जाकर देखे आरोपी, फिर ले गए शव
एसपी के आश्वासन के बाद पुलिस ने परिजनों को कहा कि हमने 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। तब परिजन आरोपियों को देखने के लिए पुलिस के साथ इसराना थाने में गए। वहां पर सरपंच समेत 4 आरोपी बैठे हुए थे। तब परिजन शव ले गए। लेकिन देर रात तक गिरफ्तारी नहीं दिखाई।

इन लोगों पर दर्ज किया गया मामला
पिता की शिकायत पर पुलिस ने गांव के सरपंच संदीप, उसके दाे भाइयों बिट्‌टू और संजय, पवन पुत्र बालकिशन, दिनेश पुत्र जयसिंह, कीमती पुत्र भागा, राजपाल पुत्र दयाचंद, जयसिंह उर्फ मग्गू पुत्र सुरजन, अनिल पुत्र पप्पू, शीशपाल पुत्र प्रीतू और अजय पुत्र सुरेश सभी निवासी लोहारी के खिलाफ घर में घुसकर हत्या, मारपीट, तोड़फोड़ व अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है।



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परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस डेढ़ घंटे बाद मौके पर आई और आते ही मृतक के पिता को धमकाया। साथ ही आरोपी सरपंच के साथ उसके घर पर बैठकर शराब पी।


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