मंगलवार को भेजे गए कोरोना वायरस 3 सैंपलों की रिपोर्ट बुधवार को नहीं आई। बुधवार को नया सैंपल भेजा गया है। कैंट का यह ट्रक ड्राइवर देश भर में चक्कर काटकर लौटा है। अभी तक चंडीगढ़ पीजीआई भेजे गए 22 सैंपलों में से 18 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। 4 की रिपोर्ट आनी बाकी है। इन चारों को सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। करीब 1,200 लोगों को होम क्वारेंटाइन किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने एसपी से 5 ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की है, जिनकी विदेश ट्रैवल हिस्ट्री को देखते हुए होम क्वारेंटाइन किया गया था। बावजूद इसके ये लोग खुले में घूमकर दूसरों के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं।
सेक्टर-9 में तो स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक व्यक्ति ने अपनी कोठी के बाहर लगा होम क्वारेंटाइन का स्टीकर फाड़ दिया। जब स्वास्थ्य विभाग की टीम पुलिस को लेकर दोबारा गई तो बदतमीजी करने पर उतर आए। बताते हैं कि इस घर का बुजुर्ग 4 मार्च को पताया देश घूमकर आए हैं। इसी वजह से इस परिवार को होम क्वारेंटाइन किया गया है। अब विभाग उन लोगों पर कार्रवाई करेगा जो घर के बाहर लगे होम क्वारेंटाइन के स्टिकर फाड़ रहा है। सेक्टर-8 में एक घर में मेड काम करती मिली। विभाग का कहना है कि मेड ज्यादा घरों में काम करती हैं तो संक्रमित के संपर्क में आने से ज्यादा घरों में संक्रमण फैलने का खतरा होगा। बाकी जिन 4 लोगों के खिलाफ एफआईआर की सिफारिश की गई है, उनमें से दो सेक्टर-10, एक मॉडल टाउन और एक नदी मोहल्ले में प्रेम मंदिर के पास रहने वाला है। जिन्हें पहले भी क्वारेंटाइन का पालन करने की चेतावनी दी गई थी।
इसी तरह कैंट में मिल के पीछे डिसेंट काॅलोनी में भी एक व्यक्ति सड़क पर घूम रहा था। लोगों ने इसकी शिकायत पुलिस से की। मौके पर जब पुलिस पहुंची तो वह समय सड़क पर नहीं मिला।
होम क्वारेंटाइन का अर्थ ये नहीं कि ये कोरोना पॉजिटिव, इसका मतलब है 28 दिन एहतियात रखें
डिस्ट्रिक्ट क्वारेंटाइन कमेटी के इंचार्ज डॉ. राजेंद्र राय कहते हैं कि यह समझना जरूरी है कि होम क्वारेंटाइन का यह मतलब नहीं कि संबंधित व्यक्ति कोरोना पॉजीटिव है। बल्कि यह एहतियातन कदम है। जिसमें 28 दिन दूसरों के संपर्क से दूर रहना होता है। इसलिए लोग इसे गलत न समझें और पालना करें। शुरुआती दिनों में संक्रमण का पता नहीं चलता, इसलिए 28 दिन का पीरियड तय किया गया है।
सेक्टर-9 में एक व्यक्ति ने कोठी के बाहर लगा होम क्वारेंटाइन का स्टीकर फाड़ा, स्वास्थ्य विभाग की टीम से भी बहस की
यह समझ लें
ये समाज के लिए खतरा
इधर, लोगों के व्यवहार का ट्रेंड बदला, प्रशासन के जारी इमरजेंसी नंबर पर जरूरी बातें ही पूछ रहे
डिस्ट्रिक्ट एपेडेमियोलॉजिस्ट डॉ. सुनील हरि ने बताया कि लोगों के व्यवहार का ट्रेंड बदल रहा है। बुधवार को जो फोन कॉल्स आ रही हैं, उसमें ज्यादातर लोग पूछ रहे हैं कि दूध कहां से मिलेगा, उसकी अनुमति कैसे मिलेगी। कल तक लोग खांसी-जुकाम-बुखार का उपचार पूछ रहे थे।
_photocaption_अम्बाला सिटी | ट्रेवल हिस्ट्री वाले लोगों को होम क्वारेंटाइन किया गया है। सेक्टर-9 में सूचना मिली थी कि कुछ लोग घर के बाहर घूम रहे है। पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम जब वहां पहुंची तो देखा कि उनके घर के बाहर लगा होम क्वारेंटाइन का पोस्टर फाड़ रखा है। टीम दोबारा लगाने लगी तो ये लोग बहस करने लगे। बाकियों को सबक मिले इसलिए यह तस्वीर छाप रहे हैं। पहचान उजागर न हो इसलिए हम इनके चेहरे धुंधले किए हैं। *photocaption*
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