पिछले 5 दिनों से शुरू हुई गेहूं की खरीद के बाद अब उठान को लेकर मंडियों में गेहूं उठान को लेकर भ्रष्टाचार का खेल शुरू हो गया है। लोड करने से पहले खरीद एजेंसियों के कुछ ट्रक चालक अब प्रति बैग 4 से 5 रुपए की डिमांड करने लगे हैं। नाम न छापने की शर्त पर शुक्रवार को भास्कर प्रतिनिधि के सामने कई आढ़तियों ने अपनी व्यथा सुनाई। विशेष बात यह है कि कैथल की अनाजमंडी में चौधर का खेल भी साथ-साथ चल रहा है। यहां पर कुछ व्यापारी नेता अपने अपने आढ़तियों के पक्ष में बारदाना व उठान के लिए संबंधित अधिकारियों से फोन कर रहे हैं। वहीं गेट पास के बिना फसल न बिकने के कारण किसान परेशान हो रहे हैं। इतना कुछ होने के बावजूद अधिकारी अनजान बने हैं। जिले की मंडियों में शुक्रवार को भी गेहूं की खूब आवक हुई और मंडियां गेहूं की ढेरियों व बोरियों से अटी दिखाई दी।
नई अनाजमंडी कैथल में गुरुवार को गेटपास व मैसेज भेजने में पक्षपात करने के आरोप मार्केट कमेटी अधिकारियों पर लगाए थे जिसकी जांच के आदेश एसडीएम कमलप्रीत कौर ने दिए हुए हैं। शुक्रवार को गेटपास देते समय न तो लॉकडाउन के नियमों का पालन किया जा रहा था और न ही किसान सोशल डिस्टेंस बनाए हुए थे। यहां तक कि गेट पास लेने वाले किसान और आढ़तियों ने मास्क तक नहीं डाले थे। पुलिस भी महज कुछ देर किसानों को समझाने के बाद शांत होकर दूर बैठी देखती रही।
जिले में एक लाख एमटी से अधिक गेहूं की खरीद
जिले की मंडियों में पिछले चार दिनों में करीब 80 हजार 987 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई है। डीसी सुजान सिंह ने बताया कि मंडियों में खरीद एजेंसियों ने सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य 1925 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा गया है। गुरुवार को जिले में 42 हजार 339 मीट्रिक टन गेहूं की आवक दर्ज की गई। गेहूं की कुल खरीद में से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग एजेंसी द्वारा 30 हजार 119 मीट्रिक टन, हैफेड द्वारा 34 हजार 923 मीट्रिक टन, एफसीआई द्वारा 11 हजार 241 मीट्रिक टन, हरियाणा वेयर हाउस द्वारा 4 हजार 700 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद गई है। इसके साथ-साथ जिला की राजौंद व कलायत मंडी में 223 मीट्रिक टन सरसों की आवक हुई, जिसे हैफेड एजेंसी द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य 4425 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा गया। जिला आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान अश्विनी शोरेवाला, अनाजमंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान शमशेर मित्तल ने कहा कि सरकार की खरीद नीति कोरी कागजी है। अगर आढ़तियों के शेड्यूल के हिसाब से ही किसानों को बुलाया जाए तो गेहूं की खरीद सुचारू चल सकती है। इस समय गेट पास व मैसेज के चक्कर में आढ़ती व किसान दोनों परेशान हैं।
कैथल अनाजमंडी में लिफ्टिंग के नाम पर प्रति बैग रुपए की वसूली की जा रही है, अभी तक उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर ऐसा है तो वे संबंधित ठेकेदारों को बुलाकर मीटिंग लेंगे और ट्रक चालकों पर पूरी निगरानी के निर्देश देंगे। पिछले वर्ष भी यह मामला सामने आया था।
वरिंद्र सिंह, डीएफएससी, कैथल।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/351hrYf
via IFTTT