जिले में कोरोना संक्रमण के दो पॉजिटिव केस सामने आए थे और अब दोनों ही ठीक हो गए हैं। इसी के साथ कैथल जिला अब कोरोना से मुक्त हो गया। वर्तमान में कैथल को कोरोना का एक भी एक्टिव केस नहीं है। पहले गुरुवार को 9 वर्षीय बच्चा अफाक और अब शुक्रवार को 62 वर्षीय मदरसा संचालक सफी मोहम्मद ठीक होकर वापस कैथल लौटे। सफी मोहम्मद को भी गुहला अस्पताल में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में भेज दिया है और अब 14 दिन तक यहीं रखेंगे। अगर इस दौरान कोरोना के लक्षण नहीं दिखाई दिए तो दोनों को डिस्चार्ज कर घर भेज दिया जाएगा। दोनों का आदेश मेडिकल कॉलेज शाहाबाद में इलाज चल रहा था। बता दें कि सिरटा रोड स्थित महादेव कॉलोनी निवासी मदरसा संचालक 30 मार्च को दिल्ली मरकज से आया था। लौटने के बाद संचालक ने विद्यार्थियों व स्टाफ के साथ चाय पानी लिया था। विभाग ने 31 मार्च को संचालक को घर से उठाया था और सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा था। चार अप्रैल को आई रिपोर्ट में संचालक पॉजिटिव मिला। उसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने उनके संपर्क में आने वाले सभी लोगों को भी क्वाॅरेंटाइन कर दिया था और सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे थे। इन्हीं में से आठ अप्रैल को नौ वर्षीय बच्चा अफाक पॉजिटिव पाया गया था। हालांकि कॉलोनी से व संपर्क में आए अन्य सभी सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई थी।
15 दिन में जीती जंग, हर पल रखा ख्याल
बुजुर्ग का अस्पताल में स्पेशल इलाज चला। डाॅ. भारद्वाज के मुताबिक अस्पताल में स्पेशल डाइट चार्ट बनाया गया। उनका पैरासिटामॉल, हाईड्रोक्लोरोक्विन व अजिथ्रोमाइसिन दवा के साथ इलाज किया गया। जिससे उन्होंने कोरोना वायरस पर जीत हासिल कर शीघ्र ही रिकवरी कर ली। आदेश संस्थान के चेयरमैन डाॅ. एचएस गिल ने बताया कि इस बड़ी कामयाबी का श्रेय अस्पताल के डॉक्टर्स, नर्स स्टाफ एवं अन्य कर्मियों को जाता है। गौरतलब है कि गुरुवार को कैथल के 11 वर्षीय बच्चे ने भी कोरोना वायरस को मात दी थी। मरीज का डाॅ. इइदब्रिगेडियर अमरजीत सिंह, एसएमओ डाॅ. रूपेन्द्र सैनी, एमएस डाॅ. दलबीर सिंह, जीएम हरिओम गुप्ता, नोडल अधिकारी नरेश ज्योति, डाॅ. रवि तिवारी, डाॅ. कर्नल रजत श्रीवास्तव, डाॅ. अजय गुप्ता, सुभाष आदि ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।
संचालक के छह सैंपल लिए, तीन पॉजिटिव मिले
मदरसा संचालक की पहली रिपोर्ट चार अप्रैल को आई थी और उससे पहले ही अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती था। उसके बाद उनकी दूसरी रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी, लेकिन तीसरी रिपोर्ट निगेटिव आने से स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली थी। उसके बाद चौथी रिपोर्ट फिर पॉजिटिव आई थी लेकिन 22 अप्रैल और 24 घंटे में दोबारा भेजी दोनों रिपोर्ट निगेटिव मिली। वहीं बच्चे के पॉजिटिव पाए जाने के दो बार सैंपल लिया गया और दोनों ही रिपोर्ट निगेटिव आई।
अभी ऑरेंज जोन में ही बना रहेगा कैथल
कोरोना को देखते हुए विभिन्न जिलों को अलग-अलग श्रेणियों में रखा गया था। रेड जोन में वे क्षेत्र रखे गए थे जहां काेरोना के बहुत ज्यादा केस आए हैं। इसी तरह ऑरेंज जोन में वे जिले रखे गए थे जहां कोरोना संक्रमण के सीमित केस आए थे और ग्रीन जोन जहां एक भी केस नहीं आया था। ऐसे में कैथल जिले को ऑरेंज जोन में ही रखा गया है। दोनों पॉजिटिव केस के ठीक होने के बाद ऐसी उम्मीद थी कि कैथल ग्रीन जोन में आ जाएगा, लेकिन डीसी सुजान सिंह ने कहा कि अभी जिला आगामी आदेशों तक ऑरेंज जोन में ही बना रहेगा।
जिले में कोरोना वायरस से लड़ने के लिए माइक्रो प्लान बनाकर कार्य किया जा रहा है और डीसी सुजान सिंह की अध्यक्षता में जिला निगरानी समिति का गठन किया है। महादेव काॅलोनी में कोरोना के पॉजिटिव केस आने के बाद जरूरी कार्रवाई करते हुए पूरे क्षेत्र को कंटनेमेंट जोन बनाकर सील कर दिया था। यहां रहने वाले सभी लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग व स्वास्थ्य जांच की गई और उनके घर तक आवश्यक सामान पहुंचाने का इंतजाम किया । क्षेत्र को लगातार सेनिटाइज किया गया। पूरे जिले के अधिकारी, कर्मचारी की मेहनत सफल हुई, लेकिन हमें आगे के लिए भी इसी तरह तैयार रहना है। हरदीप दून, आईजी
कोरोना वायरस की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार मोबाइल ओपीडी टीमें ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में आम जनता की सेहत का ध्यान रखने के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जा रहे हैं। शिविरों के माध्यम से अब तक 20 हजार लोगों के स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है तथा दवाइयां मौके पर दी गई है। इसी निरंतरता से 25 अप्रैल को 33 मोबाइल टीमें विभिन्न स्थानों पर शिविरों का आयोजन करेंगी। ये शिविर राजौंद, नंदकरणमाजरा, कौल, ट्योंठा, ढांड, बन्दराना, चंदाना गेट, रामनगर, अर्जुन नगर गली नंबर 5, नानक पुरी कॉलोनी, शेरगढ़ कालोनी, ऋषि नगर, खरका, रत्ता खेड़ा, कक्योर माजरा, बलबेड़ा, गढ़ा, डेरा मिश्री, धानक बस्ती चीका, सेगा प्लाट, डेरा बाग सिंह, संजय बस्ती, बाबा बस्ती चीका, सेगा, सांच, हजवाना, पूंडरी का वार्ड-1 और 5, डीग, रावणहेड़ा, जीतगढ़, दीवाल, ग्योंग, कुलतारन, पाड़ला में लगाए जाएंगे। इन शिविरों में सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान रखा जाएगा।
डॉ. राकेश सहल, सिविल सर्जन
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