(सुरेंद्र भारद्वाज)कोरोना की इस महामारी के समय डॉक्टर किसी भगवान से कम नहीं है। काफी डॉक्टर ऐसे हैं जो अपने निजी स्वार्थ को छोड़कर लॉकडाउन के समय जब लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे उनकी सेवा करने के लिए 24 घंटे तैयार हैं। शहर के कई बड़े प्राइवेट अस्पतालों के विशेषज्ञ चिकित्सक आपदा की इस घड़ी में कोरोना वॉरियर्स बनकर सामने आए हैं। आईएमए (इंडियम मेडिकल एसोसिएशन) के तत्वावधान में प्राइवेट अस्पतालों के विशेषज्ञ चिकित्सक पिछले कई दिनों से टेलीपैथी सेवा (फोन के माध्यम से इलाज) शुरू किए हुए हैं। अनेक लोगों के रोजाना इन चिकित्सकों के पास फोन आ रहे हैं। ये चिकित्सक फ्री में ही मरीज को उसकी तकलीफ पर परामर्श कर और वाॅट्सएप पर दवा का मैसेज कर या फिर केमिस्ट से बात करवा उनका इलाज कर रहे हैं। इससे जहां लोगों की घर में बीमार व्यक्ति को लेकर परेशानी कम हो रही है।
वहीं अस्पताल आने-जाने में कोरोना संक्रमण का संभावित खतरा भी टल रहा है। इसके लिए जरूरी है कि लॉकडाउन के समय यदि आपके घर में किसी परिजन को तकलीफ होती है तो आप इन विशेषज्ञ चिकित्सकों की टेलीपैथी सेवा का फायदा उठा सकते हैं। आपको अस्पताल आने और कोई ओपीडी फीस देने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। लॉकडाउन का भी अच्छे से पालन होगा और समस्या का भी समाधान हो जाएगा।
लॉकडाउन में लोग घर में रहें, बाहर न निकलें
लोग घरों से बाहर न निकलें और उनकी तकलीफ भी दूर हो इसलिए उठाया कदम लॉकडाउन में किसी प्रकार की तकलीफ होने पर लोग घर से बाहर न निकलें। इसको लेकर आईएमए ने फैसला लिया है कि शहर के प्राइवेट अस्पतालों के चिकित्सक अब टेलीपैथी यानि फोन के माध्यम से मरीज को परामर्श देंगे और उन्हें जो जरूरी दवा होगी वह केमिस्ट से बात कर या फिर वाॅट्सएप पर मैसेज कर बताएंगे। पिछले कई दिनों से वे लोगों को फोन पर परामर्श व दवा आदि बता रहे हैं। इससे लोगों को फायदा भी हो रहा है।
आईएमए के जिला प्रधान से लेकर शहर के इन चिकित्सकों की जुबानी, क्या है इनके फोन नंबर
आपदा की घड़ी में सरकारी अस्पतालों में फ्री में सेवा करने को तैयार
आईएमए के जिला प्रधान डाॅ. अजय गोयल ने कहा है कि कोरोना की इस महामारी के समय आईएमए हर समय सरकार की सहायता करने को तैयार है। इसके लिए शहर के प्राइवेट अस्पतालों के फिजीशियन, एनेस्थेटिस्ट, पीडियाट्रिशियन की सूची सरकार को सौंपी है। जब सरकार को यह लगता है कि चिकित्सकों की सरकारी अस्पतालों में सेवा की जरूरत है किसी भी समय बुलाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि आईएमए ने पीएम रिलीफ फंड में 80 हजार रुपए की सहायता राशि दी है और कई चिकित्सक अपने स्तर पर लोगों की सेवा कर रहे हैं।-डाॅ. अजय गोयल, एमएस, गोयल हड्डियों का अस्पताल- फोन नंबर - 9416060800।
ज्यादा दिक्कत है तो ही आएं अस्पताल, नहीं तो फोन करें
कोरोना का संक्रमण न हो इसके लिए मैं लोगों का पिछले कई दिनों से टेलीपैथी के माध्यम से इलाज कर रहा हूं। फोन पर ही मरीज को परामर्श करते हैं और केमिस्ट से बात कर उनको दवा बताते हैं। ताकि लोगों को अस्पताल आने की जरूरत न पड़े। मेरी लोगों से अपील है कि ज्यादा दिक्कत हो तो ही मरीज को अस्पताल लेकर आएं। किसी भी समय वे फोन पर मुझसे परामर्श, दवा आदि के बारे में पूछ सकते हैं। अस्पताल में आने से कोरोना संक्रमण होने का खतरा सबसे अधिक है।-डाॅ. सुरेश जैन, एमडी, दिशा मिशन बच्चों का अस्पताल, फोन नंबर 9416318144।
लॉकडाउन में घर पर रहिए, इलाज फोन पर ही करेंगे
कोरोना का संक्रमण न हो इसके लिए मेरी लोगों से अपील है कि लॉकडाउन में घर पर ही रहें। जब उन्हें लगे कि ज्यादा ही दिक्कत है तो एक अटेंडेंट के साथ मरीज को अस्पताल लेकर आएं। यदि ज्यादा तकलीफ नहीं है तो फिर मुझसे फोन पर ही परामर्श और दवा के बारे में पूछ सकते हैं। या फिर मेरी केमिस्ट से बात कराएं। मरीज को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी इसकी कोई भी फीस नहीं है।-डाॅ. बनीश गर्ग, एमएस, जैन धर्मार्थ अस्पताल, फोन नंबर 7206216210।
रोजाना 15 से 20 लोगों की फोन पर कर रहें परेशानी दूर
लॉकडाउन में लोगों को अस्पताल न आना पड़े। इसके लिए मैं और मेरी पत्नी पिछले कई दिनों से फोन पर ही फ्री में परामर्श और दवा कौन सी देनी है इसके लिए वाॅट्सएप भेजकर उनकी परेशानी दूर कर रहे हैं। रोजाना 15 से 20 लोगों को इसी तरह से इलाज मुहैया करवा रहे हैं। लोगों से अपील है कि जब ज्यादा दिक्कत हो तो ही मरीज को लेकर अस्पताल आएं। थोड़ी तकलीफ पर किसी भी समय फोन पर बात कर परामर्श ले सकते हैं।-डाॅ. अनिल जैन, एमएस, मीनाक्षी जैन अस्पताल फोन नंबर 9812267897।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2VciyzL
via IFTTT